Delhi-NCR New Expressway: दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा नया एक्सप्रेसवे, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 सितम्बर 2025, 05:30 AM Updated: 24 सितम्बर 2025, 05:30 AM
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Delhi-NCR New Expressway: दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ने वाले एक नए 30 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी है। इस सड़क के बनने से जहां एक ओर दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट की दूरी कम होगी, वहीं दूसरी ओर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का दबाव भी कम हो सकेगा।

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यमुना किनारे बनेगा नया एक्सप्रेसवे- Delhi-NCR New Expressway

यह नया एक्सप्रेसवे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के समानांतर बनेगा और यमुना नदी के किनारे-किनारे चलता हुआ पुश्ता रोड को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इस प्रस्ताव को सबसे पहले गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने सामने रखा था, जिसे अब केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का भी समर्थन मिल गया है।

नितिन गडकरी ने हाल ही में जेवर एयरपोर्ट साइट पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण के दौरान इस परियोजना को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तहत करवाने की बात कही और भरोसा दिया कि फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

1.2 लाख करोड़ के विकास प्रोजेक्ट्स का हिस्सा

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार की एक बड़ी कड़ी है। गडकरी ने बताया कि इस क्षेत्र में 1.2 लाख करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से करीब 50% काम पूरा हो चुका है। आने वाले समय में सरकार और 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर निवेश करने को तैयार है।

मार्च 2025 में नोएडा अथॉरिटी ने इस रिवरसाइड एक्सप्रेसवे को इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी थी, लेकिन इसे लागू करने की जिम्मेदारी यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) को सौंपी गई थी। हालांकि, नोएडा अथॉरिटी ने सुझाव दिया कि इसे NHAI को सौंपा जाए ताकि बेहतर क्रियान्वयन और फंडिंग सुनिश्चित हो सके। अब जब केंद्र सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है, तो ये योजना अब आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

फिलहाल नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हर दिन करीब 5 लाख वाहन चलते हैं। इनमें से 2 लाख वाहन सिर्फ दिल्ली के DND फ्लाईवे से आते हैं, जबकि अन्य वाहन चिल्ला बॉर्डर, कालिंदी कुंज और सेक्टर 15, 16, 18 और 37 से नोएडा में दाखिल होते हैं। ऐसे में जरा सी चूक से पूरा रूट जाम हो जाता है।

डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि यह नया एक्सप्रेसवे एक बायपास की तरह काम करेगा, जिससे दिल्ली से आने वाले वाहन बिना नोएडा की भीड़ में फंसे सीधे जेवर एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा, “जेवर एयरपोर्ट की पूरी क्षमता का लाभ तभी मिलेगा, जब वहां तक सीधा और सुगम रास्ता तैयार होगा।”

पहले बनी सड़क का बुरा हाल

गौरतलब है कि 2014 में यमुना पुश्ता रोड का 11 किमी का हिस्सा खोला गया था, लेकिन सिर्फ एक साल में उसमें गड्ढे पड़ने लगे और सुरक्षा कारणों के चलते वह लगभग बंद हो गया। इस बार प्रशासन सतर्क है और NHAI की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को बेहतर डिजाइन और टिकाऊ निर्माण के साथ पूरा किया जाएगा।

जेवर एयरपोर्ट की टाइमलाइन

यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) की शुरुआत अब दूर नहीं है। यूपी सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने कहा है कि सितंबर 2025 में घरेलू और कार्गो उड़ानें, जबकि नवंबर 2025 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो जाएंगी।

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