School Fee Hike Protest: स्कूल फीस बढ़ोतरी और अन्य मांगों को लेकर अभिभावकों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में डीएवी स्कूल राजेंद्र नगर में बृहस्पतिवार को अभिभावकों ने ढाई घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि 15 अप्रैल को स्कूल प्रबंधन के सामने 14 मांगें रखी गई थीं, लेकिन उनमें से ज्यादातर को नजरअंदाज कर दिया गया। इससे नाराज होकर उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए उतरना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को भी इसी मुद्दे पर अभिभावकों ने प्रदर्शन किया था और अपनी मांगें रखी थीं। उस समय स्कूल प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि सभी बिंदुओं पर मेल के जरिए जवाब दिया जाएगा, लेकिन अभिभावकों का कहना है कि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से बृहस्पतिवार सुबह करीब 8 बजे बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल परिसर में एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस बुलाने पर और भड़के अभिभावक | School Fee Hike Protest
अभिभावकों का आरोप है कि बातचीत शुरू होने से पहले ही स्कूल प्राचार्या ने पुलिस को बुला लिया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इससे नाराज होकर अभिभावकों ने अपना विरोध और तेज कर दिया। करीब ढाई से तीन घंटे तक स्कूल परिसर में प्रदर्शन चलता रहा।
सुबह करीब 11 बजे स्कूल की प्राचार्या मौके पर पहुंचीं और अभिभावकों से बातचीत की। हालांकि अभिभावकों ने साफ कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन जारी रहेगा। वहीं स्कूल प्रबंधन ने एक सप्ताह का समय मांगा है और कहा है कि सभी मुद्दों पर दोबारा विचार किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मीनाक्षी कसाना, बांके बिहारी दास, सौरभ त्यागी, डॉ. प्रियंक शर्मा, रितु, पल्लवी भारद्वाज और श्वेता शर्मा समेत कई अभिभावक मौजूद रहे।
अभिभावकों की प्रमुख मांगें
अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के सामने कई अहम मुद्दे उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- फीस को तय मानकों के अनुसार ही बढ़ाया जाए
- परीक्षा शुल्क पूरी तरह समाप्त किया जाए
- एक दिन में दो विषयों की यूनिट टेस्ट परीक्षा न हो
- गर्मी में प्रार्थना सभा का समय 20 मिनट रखा जाए
- स्कूल में मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो
- शिक्षकों के व्यवहार में सुधार हो
- कक्षा 11 का लैब शुल्क खत्म किया जाए
- कक्षाओं में छात्रों की संख्या सीमित हो
- अभिभावक और शिक्षकों के बीच नियमित संवाद हो
- कॉपी, किताब और यूनिफॉर्म के दाम तय किए जाएं
- स्कूल सुरक्षा मजबूत की जाए
- पैरेंट्स-टीचर एसोसिएशन (PTA) का गठन हो
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
स्कूल प्राचार्या मोनिका मेहर ने कहा कि फीस में लगभग 7.2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है और पहले जो लेट फीस को लेकर गलती थी, उसे सुधार दिया गया है। उन्होंने बताया कि स्कूल परिसर में करीब 230 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और अन्य मांगों पर भी विचार किया जा रहा है।
दूसरे स्कूलों में भी गुस्सा
इसी बीच दयावती मोदी पब्लिक स्कूल में भी फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार सुबह सैकड़ों अभिभावकों ने स्कूल गेट पर प्रदर्शन किया और बाद में तहसील जाकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल ने बिना पूर्व सूचना के करीब 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ा दी है, जो नियमों के खिलाफ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला, जिससे लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए।
प्रशासन की भूमिका
एसडीएम अजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने भी मांग की है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो और उसमें अभिभावक प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
अभिभावकों का आरोप
अभिभावकों का कहना है कि अचानक फीस बढ़ने से मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कुछ मामलों में कक्षा 11 में एडमिशन के दौरान दोबारा फीस और सिक्योरिटी शुल्क लेने का भी आरोप लगाया गया है।




























