कांग्रेस से आकर बीजेपी में मुख्यमंत्री बनने वाले तीसरे नेता हैं हेमंत बिस्वा सरमा, क्या अपने नेताओं के साथ सौतेला व्यवहार करती है बीजेपी?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 10 May 2021, 12:00 AM | Updated: 10 May 2021, 12:00 AM

देश के 5 प्रदेशों में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी 2 राज्यों में सरकार बनाने में कामयाब रही। पार्टी ने पुडुचेरी में सरकार बनाया तो वहीं असम की सत्ता में बेहतरीन वापसी की। असम में चुनाव जीतने के बाद सीएम फेस को लेकर खींचतान चल रही थी। 

असम के पूर्व सीएम सर्वानंद सोनेवाल और दिग्गज नेता हेमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी। जिसके बाद बीजेपी आलाकमान ने दोनों ही नेताओं को दिल्ली बुलाया था। जहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी बातचीत हुई। 

उसके बाद बीते दिन रविवार को कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए हेमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) को विधायक दल का नेता चुना गया। आज सोमवार 12 बजे वह सीएम पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होकर सीएम बनने वाले यह तीसरे नेता हैं। 

इसके पहले भी पूर्वोत्तर के राज्यों में ऐसा देखने को मिल चुका है कि बीजेपी ने कांग्रेस से शामिल हुए नेताओं को अपनी पार्टी के नेताओं से पहले तरजीह दी है और सीएम भी बनाया है।

कांग्रेस सरकार में मंत्री थे हेमंत बिस्वा सरमा

कभी कांग्रेस में रहते हुए असम के सीएम बनने में सफल न होने वाले हेमंत बिस्वा सरमा का सपना अब बीजेपी में पूरा होने वाला है। हेमंत बिस्वा सरमा की बात करें तो जुलाई 2014 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामा था। वह असम में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार में शिक्षा मंत्री थे। 

बताया जाता है कि उनके साथ करीब 38 विधायक थे और हेमंत बिस्वा सरमा सीएम बनना चाहते थे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इसकी मांग भी की थी लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज कर दिया गया था। तब उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था और बीजेपी में शामिल हो गए थे।

जिसके बाद असम विधानसभा चुनाव 2016 में बीजेपी ने जीत हासिल की और सर्वानंद सोनेवाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बनाया। तब हेमंत बिस्वा सरमा सीएम बनने में सफल नहीं हुए लेकिन अब उनका सपना पूरा होने वाला है। असम चुनाव 2021 में उनकी कड़ी मेहनत को देखते हुए पार्टी ने निवर्तमान सीएम सर्वानंद सोनेवाल की जगह इन्हें सीएम बनाने का फैसला लिया है। हेमंत बिस्वा सरमा को पूर्वोत्तर का चाणक्य भी कहा जाता है।

बीजेपी शासित मणिपुर के सीएम हैं पूर्व कांग्रेसी

इससे पहले मणिपुर में भी ऐसा देखने को मिल चुका है कि कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेता को पार्टी ने सीएम बनाया है। मौजूदा समय में बीजेपी शासित मणिपुर के मुख्यमंत्री के रुप में काम कर रहे एन. बीरेन सिंह भी पहले कांग्रेस पार्टी में थे। कांग्रेस सरकार में उन्हें लगातार मंत्रिमंडल में जगह मिल रही थी। लेकिन अक्टूबर 2016 में उन्होंने राज्य के तत्कालीन सीएम के खिलाफ बगावत करते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया था। और मणिपुर विधानसभा चुनाव 2017 में जीत हासिल करने का बाद वह राज्य में बीजेपी के पहले सीएम बने।

अरुणाचल की भी यहीं कहानी

मौजूदा समय में अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार है। राज्य के सीएम के रुप में काम कर रहे 41 वर्षीय नेता पेमा खांडू भी पहले कांग्रेस में रह चुके हैं। उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत की कांग्रेस पार्टी से हुई है। अरुणाचल प्रदेश में साल 2016 में कांग्रेस पार्टी ने उन्हें सीएम बनाया। लेकिन पार्टी से नाराजगी के बाद साल 2016 में उन्होंने 43 विधायकों के साथ कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था और पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल में शामिल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन कर राज्य में सरकार बनाई।

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