China Warns America: ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच चीन पर रूसी तेल आयात रोकने के लिए टैरिफ का दबाव बढ़ाया

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 24 अक्टूबर 2025, 05:30 AM Updated: 24 अक्टूबर 2025, 05:30 AM
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China Warns America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव तेज कर दिया है। भारत पर पहले ही 50% टैरिफ लगा चुके ट्रंप अब चीन को भी अपने निशाने पर लेने की तैयारी में हैं। व्हाइट हाउस से जारी एक्जीक्यूटिव ऑर्डर के तहत चीन के रूसी तेल आयात पर अगले हफ्ते से अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया जा सकता है।

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चीन को चेतावनी- China Warns America

ट्रंप ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत ने रूस से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया है, लेकिन चीन अभी भी भारी मात्रा में खरीद रहा है। इससे रूस को युद्ध के लिए वित्तीय मदद मिल रही है। हम सेकेंडरी टैरिफ लगाकर इसे रोकेंगे।”
यह चेतावनी अगस्त में भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ के कुछ महीनों बाद आई है। उस समय अमेरिका ने भारत पर 25% बेसिक टैरिफ और 25% पेनल्टी टैरिफ लगाया था, जिसका असर भारतीय निर्यात पर भी पड़ा।

चीन पर फोकस क्यों?

चीन दुनिया का सबसे बड़ा रूसी तेल आयातक देश है। 2025 की पहली छमाही में चीन ने रूस से रोजाना औसतन 2.2 मिलियन बैरल तेल खरीदा। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह आय रूस को यूक्रेन पर आक्रामक नीतियों के लिए फाइनेंशियल मदद दे रही है।
एक्जीक्यूटिव ऑर्डर में साफ कहा गया है कि चीन जैसे देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाकर रूसी अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई जाएगी। यदि यह लागू होता है, तो इसका असर चीनी इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य निर्यातों पर भी पड़ेगा, जिससे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध और गहरा सकता है।

भारत की प्रतिक्रिया

अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत ने विरोध जताया। विदेश मंत्रालय ने इसे “अनुचित और अविवेकपूर्ण” बताया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, “हमारी ऊर्जा जरूरतें राष्ट्रीय हित से जुड़ी हैं। कई यूरोपीय देश भी रूस से व्यापार कर रहे हैं, तो सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है?”
हाल के महीनों में भारत ने रूसी तेल आयात में कमी की है, लेकिन पूरी तरह बंद नहीं किया। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत ने आयात नहीं रोका, तो टैरिफ 100% तक बढ़ सकता है।

वैश्विक असर और विशेषज्ञों की राय

विश्लेषकों के अनुसार, ट्रंप की यह रणनीति रूस पर निर्भर देशों को दबाने और चीन व भारत जैसे बड़े देशों पर दबाव बनाने की पुरानी नीति का हिस्सा है। यदि चीन पर यह टैरिफ लागू हुआ, तो इसके जवाब में बीजिंग भी कदम उठा सकता है। इससे वैश्विक व्यापार और तेल बाजार पर असर पड़ सकता है।

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