Ali Asgar News: कॉमेडियन और एक्टर Ali Asgar ने टीवी की दुनिया में अपनी खास पहचान तब बनाई जब उन्होंने ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ में ‘दादी’ का किरदार निभाया। यह किरदार इतना हिट हुआ कि अली असगर घर-घर में मशहूर हो गए। दर्शकों को उनका यह अंदाज खूब पसंद आया और शो की लोकप्रियता में भी बड़ा योगदान रहा।
लेकिन जितनी तेजी से यह किरदार हिट हुआ, उतनी ही जल्दी अली असगर ने इससे दूरी बना ली। उस वक्त उनका यह फैसला काफी लोगों के लिए हैरान करने वाला था।
क्यों छोड़ा ‘दादी’ का रोल? अली असगर ने खोला राज | Ali Asgar News
हाल ही में Maniesh Paul के पॉडकास्ट में अली असगर ने खुलकर बात की कि उन्होंने यह किरदार क्यों छोड़ा। उन्होंने बताया कि समय के साथ उन्हें महसूस होने लगा था कि वह एक ही तरह के रोल में बंधते जा रहे हैं। अली के मुताबिक, ‘दादी’ का किरदार जितना पॉपुलर था, उनके लिए उतना ही सीमित भी बनता जा रहा था। उन्होंने इसे मजाकिया अंदाज में “दाल-चावल” जैसा बताया और कहा कि हर दिन एक जैसा काम करना उन्हें अंदर से संतुष्ट नहीं कर रहा था। उनके अनुसार, “मुझे लगा कि मैं एक ही चीज़ बार-बार कर रहा हूं, और अब आगे बढ़ना जरूरी है।”
बेटे को हुई परेशानी, परिवार पर पड़ा असर
इस बातचीत में अली असगर ने एक भावुक पहलू भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके ‘दादी’ वाले किरदार की वजह से उनके बेटे को स्कूल में काफी परेशानियों और बुली का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस दौर ने उन्हें काफी सोचने पर मजबूर कर दिया। मनीष पॉल ने भी बातचीत में इस बात का जिक्र किया कि बच्चों पर इस तरह की पब्लिक इमेज का असर पड़ता है। इस पर अली असगर ने भावुक होकर कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनके बच्चे किसी गलत या अजीब टैग के साथ बड़े हों।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा, “जैसे फिल्म ‘दीवार’ में Amitabh Bachchan के किरदार पर लिखा गया था ‘मेरा बाप चोर है’, वैसे ही मुझे डर था कि मेरे बेटे के साथ भी कुछ ऐसा न हो जाए।”
‘औरतों वाले रोल्स’ में बंधते जा रहे थे अली असगर
अली असगर ने यह भी साफ किया कि उस समय उन्हें लगातार महिलाओं के किरदार ही ऑफर हो रहे थे। धीरे-धीरे उनकी एक तय इमेज बन गई थी, जिससे बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि राइटर्स के लिए भी यह आसान हो गया था कि उन्हें उसी तरह के रोल दिए जाएं, लेकिन एक कलाकार के तौर पर वह खुद को सीमित नहीं रखना चाहते थे। अली ने कहा, “मुझे सिर्फ वही नहीं करना था, मुझे और भी बहुत कुछ करना था।”
‘दाल-चावल’ नहीं, ‘पूरी-भाजी’ जैसी विविधता चाहिए थी
अपने फैसले को समझाते हुए अली असगर ने एक और दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें अब एक ही तरह की चीजें नहीं करनी थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं रोज दाल-चावल नहीं खाऊंगा, मुझे कभी-कभी पूरी-भाजी भी चाहिए।”
इस बयान से साफ है कि वह अपने करियर में विविधता चाहते थे और खुद को एक ही इमेज में कैद नहीं रखना चाहते थे।
नतीजा: लोकप्रियता से ज्यादा जरूरी था खुद की पहचान
‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल’ और Kapil Sharma के शो से अलग होकर अली असगर ने एक बड़ा और मुश्किल फैसला लिया। लेकिन उनका कहना है कि यह कदम उनके व्यक्तिगत और प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए जरूरी था।




























