सेक्युलरिज्म पर बवाल…योगी के बयान पर भड़के ओवैसी, कहा- आप जिस पद पर हैं उसका कोई मजहब नहीं

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 09 मार्च 2021, 05:30 AM Updated: 09 मार्च 2021, 05:30 AM
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बीजेपी शासित यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों धर्मनिरेपक्षता पर टिप्पणी की थी। जिसपर बवाल बढ़ता जा रहा है। विपक्षी पार्टी के कई नेताओं ने इस मामले पर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने इस मामले को लेकर RSS, BJP, पीएम नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है। ओवैसी ने कहा, किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री वाहियात बातें कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी चुप है। संघ परिवार का असली चेहरा अब सामने आ रहा है।

ओवैसी ने दिलाई संविधान की याद

असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लगातार कई ट्वीट करते हुए योगी आदित्यनाथ को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा, ‘धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है। यह संविधान के अलग-अलग हिस्सों में भी दिखाई देता है। धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, बंधुता और समानता संविधान की प्रस्तावना का प्रमुख हिस्सा हैं। संविधान के आर्टिकल्स 14, 19, 22, 25, 26, 29 और 30 ये सभी हमारी धर्म निरपेक्ष परंपरा का रिफ्लेक्शन हैं।‘

लोकसभा सांसद ने बीजेपी के पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर हमला बोलते हुए कहा, ‘संघ हमेशा सेकुलरिज्म को तीखी जबान से बोलता है। कभी वो कहते हैं कि भारत सेक्युलर है क्योंकि अधिकांश भारतीय सेक्युलर हैं। कभी कहते हैं कि सेकुलरिज्म ने भारतीय परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में रुकावट पैदा की है।‘

‘हमारे देश के निर्माताओं ने ऐसा होना स्वीकार किया’

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा, ‘हम सेक्युलर हैं क्योंकि हमारे देश के निर्माताओं ने ऐसा होना स्वीकार किया था। ओवैसी ने लिखा सिर्फ अंबेडकर नहीं बल्कि सरदार पटेल, केटी शाह और नेहरू भी इनमें शामिल थे। ऐसा इसलिए क्योंकि सेकुलरिज्म प्रगति की गारंटी है न कि ऐसी सरकार जो घृणा और इतिहास की कल्पनाओं से ग्रस्त हो।‘ 

ओवैसी ने योगी को निशाने पर लेते हुए कहा कि उनका बयान न सिर्फ संविधान का बल्कि हमारी वैश्विक उपलब्धियों का भी अपमान है। हम कई अन्य विकासशील देशों के लिए एक मॉडल थे।

असदुद्दीन ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ‘अगर उन्हें लगता है कि हमें सम्मान नहीं मिला तो उन्हें पीएम से शिकायत करनी चाहिए। यह सेकुलरिज्म की गलती नहीं है। सेकुलरिज्म के कारण चीन हमारी जमीनों पर कब्जा नहीं कर रहा है, सेकुलरिज्म की वजह से हमारे पड़ोसी लुकिंग ईस्ट के तहत चीन की ओर नहीं देख रहे हैं और भारत से सदियों पुरानी अपनी मित्रता छोड़ रहे हैं। ये सब प्रधानमंत्री की गलती है। यह सब पीएम मोदी की वजह से हो रहा है।‘

‘आप जिस पद पर बैठे हैं उसका कोई मजहब नहीं’

ओवैसी ने सवालिया अंदाज में पूछा कि ‘लिबर्टी का मतलब क्या होता है? वो संविधान की तौहीन कर रहे हैं, डबल चेहरा है इनका। साढ़े छह सालों से आपकी सरकार है, इसके बावजूद अगर इज्जत नहीं मिल रही है तो इसका मतलब है सरकार फेल है। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कोई भूमिपूजन कर रहे हैं, आप जिस पद पर बैठे हैं उसका कोई कोई मजहब नहीं है। किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री वाहियात बातें कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी चुप है। संघ परिवार का असली चेहरा अब सामने आ रहा है।‘

उन्होंने कहा कि क्या धर्म निरपेक्षता के इन घिनौने उल्लंघनों से दुनिया में हमारा कद बढ़ा है? क्या इसने हमारी परंपराओं की वैश्विक पहचान को बढ़ाया है?

केवल सत्ता हासिल करने के लिए संविधान देखता है संघ

लोकसभा सदस्य ने आगे कहा, ‘धर्मनिरपेक्षता को दोष नहीं देना है। इसका लगातार दुरुपयोग और शोषण किया जाता है लेकिन संविधान 1 पैकेज है। आप इसके मूल सिद्धांतों के बारे में शिकायत नहीं कर सकते हैं और एक ही सांस में इसका उपयोग सत्ता को जब्त करने और आधिकारिक पदों को संभालने के लिए नहीं कर सकते हैं। यह संविधान के कारण है कि वह सीएम है, वह इसके बारे में व्हाइन नहीं कर सकते।‘

ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में कहा, ‘यह इस बात का प्रमाण है कि संघ केवल सत्ता हासिल करने के लिए संविधान को देखता है। वे सत्ता में उन लोगों के लिए बाधाओं से नफरत करते हैं। वे वास्तव में हमारे संविधान में निहित हर मूल्य पर सक्रिय रूप से हमला कर रहे हैं। आज यह धर्मनिरपेक्षता है, कल यह भाईचारा / न्याय हो सकता है।‘

जानें क्या था योगी आदित्यनाथ का बयान?

बता दें, बीते शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि धर्मनिरुपेक्षता वैश्विक स्तर पर भारतीय परंपरा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि हमें इससे उबरकर सात्विक मन से प्रयास करना होगा। जो लोग भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहे हैं, उन्हें सजा भुगतनी होगी। सीएम योगी ने भारत की धर्मनिरपेक्षता को लेकर लोगों से अपील की कि वे छोटे सांप्रदायिक विवादों में शामिल होकर देश की मैत्रीपूर्ण भावना को न खोएं।

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