बिहार : जातीय जनगणना में हुआ अजूबा, 40 महिलाओं का एक ही ‘पति’

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 26 Apr 2023, 12:00 AM | Updated: 26 Apr 2023, 12:00 AM

बिहार में जातीय जनगणना के दूसरे चरण का काम जारी है. और जनगणना के लिए नियुक्त किये गए अधिकारी घर घर जाकर लोगों की पूरी जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं. वहीँ इस बीच एक ऐसा चौकाने वाला आंकड़ा सामने आया है जिससे आप के चेहरे पर हंसी भी आएगी, थोडा सा और समझने की कोशिश की तो जनता के प्रति सरकार की लापरवाही नजर आएगी. फिर चाहे वो कोई आम आदमी हो या किसी रेड लाइट एरिया में काम करने वाली महिला. क्योंकि जनगणना में तो राज्य में रह रहे सभी लोगों का नाम आना है.

बिहार : जातीय जनगणना में हुआ अजूबा, 40 महिलाओं का एक ही 'पति' — Nedrick News
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दरअसल मामला ये हुआ कि बिहार के अरवल जिले की रेड लाइट एरिया में जब अधिकारी जानकारी इकठ्ठा करने के लिए पहुंचे पता चला की वहां 40 महिलाओं का सिर्फ एक ही पति है.और उसका नाम है ‘रूपचंद’. अब मसला ये फंसा कि आखिर ये 40 महिलाओं का पति आखिर है कौन जो अपने कंधे पर इतनी बड़ी जिम्मेदारी अकेले ढो रहा है. जब इसके बारे में अधिकारियों ने पुछा तो जवाब सुनकर लोग दांग रह गए.

रेड लाइट एरिया का है मामला

मामला अरवल के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर-7 का है. यह रेड लाइट एरिया है. इस इलाके में सालों से सेक्स वर्कर रह कर अपना जीवन यापन करती आ रही हैं. जातीय जनगणना के दौरान सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर लोगों की जानकारी जुटा रहे हैं. इसी दौरान यह चौंकाने वाला आंकड़ा रेड लाइट एरिया से सामने आया है.

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यहां 40 महिलाओं ने अपने पति का नाम रूपचंद बताया है. वहीं कुछ महिलाओं ने पिता और पुत्र के तौर पर भी रूपचंद का नाम लिया है.

पति वाले कॉलम में किसका नाम लिखें सेक्स वर्कर्स?

अरवल रेड लाइट एरिया की सेक्स वर्कर के सामने जो सबसे बड़ी समस्या है वो ये है कि वो अपने पति के रूप में किसका नाम दर्ज कराएं? यहां रहने वालीं ज्यादातर महिलाएं रूपचंद यानी रुपया को ही अपना सब कुछ मानती हैं. इसलिए उन्होंने अपने पति के नाम के आगे रूपचंद नाम दर्ज कराया है तो किसी ने पिता के नाम के कॉलम के आगे रूपचंद लिखवाया है.

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क्या है ‘रूपचंद’ की असलियत

जातीय गणना करने पहुंचे शिक्षक राजीव रंजन राकेश ने बताया कि रेड लाइट एरिया में रहने वाली महिलाओं से जब उन्होंने बात की, उनका रिकॉर्ड जाना तो पति का नाम पूछे जाने पर महिलाओं ने अपने पति पिता का नाम ‘रूपचंद’ बताया.

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और जब इसके बारे में अधिकारियों ने जानकारी जुटाई गई कि रूपचंद कौन है तो पता चला कि रूपचंद कोई आदमी नहीं है. पैसे को रूपचंद कहा जाता है. यही वजह है कि महिलाओं ने रूपचंद को अपना सब कुछ बताया है. मतलब ये है कि उनके लिए उनका पति परमेश्वर, उनका बाप और उनका बेटा यानि सबकुछ सिर्फ एक ही है और वो है पैसा.

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आपको बता दें कि बिहार सरकार जातीय गणना करा रही है. इससे आर्थिक एवं सामाजिक पृष्ठभूमि जानने, उनके विकास को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी. इसको लेकर सरकार ने करीब 500 करोड़ का बजट भी निर्धारित कर रखा है. इसी कड़ी में सरकारी कर्मी घर घर जा कर 17 बिंदुओं पर जानकारी जुटा रहे हैं. इसी क्रम में अरवल के रेड लाइट एरिया से यह मामला सामने आया है.

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