बैन के बाद भी PFI को अभी तक खत्म नहीं कर पाई सरकार, 17 ठिकानों पर NIA की रेड

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 25 अप्रैल 2023, 05:30 AM Updated: 25 अप्रैल 2023, 05:30 AM
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NIA raid PFI – भारत में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लिया है और इस एक्शन के तहत जांच एजेंसी ने पीएफआई के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. दरअसल, इस्लामिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले संगठन PFI पर मोदी सरकार ने पिछले वर्ष 2022 में ही बैन लगा दिया था. लेकिन इस संगठन पर बैन लगने के बावजूद अभी भी इनका पूरी तरह से सफाया नहीं हो पाया है. जिसके बाद अब ये करवाई हुई है.

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NIA ने की करवाई 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, PFI के कई ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) एक बार फिर देश विरोधी गतिविधियों में अपना कदम बढ़ा रहे हैं. इसी के साथ पीएफआई पर प्रतिबंध लगने और इसके शीर्ष नेताओं के जेल जाने के बाद संगठन ने अपने कार्यकर्ताओं को दोबारा संगठित और मजबूत करने का काम शुरू कर दिया है. एनआईए की टीम ने बिहार के मोतिहारी जिले में भी दस्तक दी है. टीम ने चकिया के कुंआवा गांव में छापेमारी की है. छापा कुंववा गांव के सज्जाद अंसारी के घर पर मचा. सज्जाद पिछले 14 महीनों से दुबई में नौकरी कर रहा है. यह एक्शन पहले ही गिरफ्तार हो चुके हरपुर किशुनी निवासी इरशाद की निशानदेही पर हुई है. एनआईए की टीम छापेमारी के दौरान सज्जाद का आधार ,पैन कार्ड और अन्य कागजात साथ ले गई है.

केंद्र सरकार ने लगाया था PFI पर बैन 

पिछले साल 2022 में केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर 5 साल का बैन लगाया था. दरअसल, कई राज्यों ने PFI को प्रतिबंधित करने की मांग की थी. जिसके बाद केंद्र ने PFI के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), नेशनल वीमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन पर भी बैन लगा दिया. इसके पहले भी NIA और तमाम राज्यों की पुलिस और एजेंसियों ने पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी कर सैकड़ों गिरफ्तारियां की थीं.

2022 में हुई थी PFI  के खिलाफ बड़ी करवाई 

वहीं 2022 में 22 सितंबर और 27 सितंबर को NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने PFI पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी. पहले राउंड की छापेमारी में PFI से जुड़े 106 लोग गिरफ्तार हुए थे. दूसरे राउंड की छापेमारी में PFI से जुड़े 247 लोग गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए थे. जांच एजेंसियों को PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले थे. इसके बाद जांच एजेंसियों ने गृह मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की थी. जांच एजेंसियों की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने PFI पर बैन लगाने का फैसला किया था. 15 राज्यों में एक्टिव है PFI पीएफआई अभी दिल्ली, आंध्र,प्रदेश, असम, बिहार, केरल, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, मध्य प्रदेश में एक्टिव है.

जानिए क्या है पीएफआई – NIA raid PFI

17 फरवरी 2007 को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई का गठन हुआ था.  वहीं ये संगठन दक्षिण भारत के तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था. इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल थे. वहीं देश में स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है. कर्नाटक, केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में इस संगठन की काफी पकड़ बताई जाती है.  इसकी कई शाखाएं भी हैं. वहीं इस संगठन के बाद से ही पीएफआई पर समाज विरोधी और देश विरोधी गतिविधियां करने के आरोप लगते रहते हैं.

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