कलंक और बदनामी के बावजूद BJP के इन नेताओं ने नही दिया पार्टी से इस्तीफा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 21 Jan 2023, 12:00 AM | Updated: 21 Jan 2023, 12:00 AM

ये नेता बदनामी और कलंक के बावजूद भी बने रहे पार्टी का हिस्सा 

आज हम आपको भाजपा की उन नेताओं के बारे में बताएँगे जो बदनामी और कलंक के बावजूद भी पार्टी का हिस्सा बने रहे और अभी भी बतौर मंत्री पार्टी में सेवाएं दे रहे हैं . इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता सबसे कुख्यात नेता कुलदीप सिंह सेंगर, साक्षी महाराज, गिरिराज सिंह,बृजभूषण शरण सिंह है. 

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कुलदीप सिंह सेंगर

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ये मामला 4 जून 2017 के उन्नाव की एक नाबालिक बेटी का था जिसका कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए भाजपा से उन्नाव विधायक (MLA) कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) के पास नौकरी मांगने गयी थी लेकिन उसे नहीं पता था की नेता के रूप में कुलदीप एक हैवान था । कुलदीप ने उस नाबालिग लड़की के साथ जबरन बलात्कार किया था जिसके बाद देश भर में भाजपा नेता कुलदीप के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और बाद में मामले को संज्ञान में लेते हुए भाजपा ने कुलदीप को पार्टी से तत्कालीन बर्खास्त कर दिया था। इसी के साथ पुलिस की करवाई के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया और जब मामला दिल्ली के कोर्ट में गया तो वहां कोर्ट ने एक माइनर लड़की के साथ रेप के मामले में दोषी ठहराया गया, अदालत के आदेश में कहा गया है, “दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है, जिसका अर्थ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) के तहत उसके शेष प्राकृतिक जैविक जीवन के लिए कारावास होगा।” लेकिन सबसे चौकाने वाली बात ये थी की इतने सारे गंभीर आरोपों और नापाक हरकतों के बाद भी कुलदीप ने खुद अपनी पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया मजबूरन भाजपा प्रेसिडेंट ने इन्हें स्टेटमेंट जारी करते हुए पार्टी से बर्खास्त करना पड़ा।

साक्षी महाराज

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उत्तरप्रदेश (uttar pardesh) की लोकसभा सीट (loksabha seat) से लगातार 5 बार सांसद रहे साक्षी महाराज (Sakshi Maharaj) लगातार चर्चा में बने रहते हैं.  केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के सत्ता में आने के बाद साक्षी महाराज के बयान कुछ ज्यादा ही देशविरोधी होते जा रहे हैं . साल 2015 में 7 जनवरी को साक्षी महाराज ने बयान देते हुए कहा ki, कि “हिन्दू धर्म की रक्षा के लिए महिलाओं को 4 बच्चे पैदा करना चाहिए साथ ही साथ मुसलमानों को भी निशाना बनाते हुए कहा था कि भारत में चार पत्नियाँ और 40 बच्चों वाली योजना नहीं काम आएगी । एक मामला शांत होता की उसके कुछ दिन बाद ही बाबा ने एक और बयान दे डाला जिसमे कहा की, “ साक्षी महाराज ने दावा किया कि वह एक “सच्चे मुसलमान” हैं और पैगंबर मोहम्मद योग के सबसे बड़े अभ्यासी हैं, इसलिए एक “योगी” हैं। एक संत बाबा होने के बावजूद इन अमर्यादित बयानों और रेप, लूटपाट जैसे मामलों में सम्मिलित होने बावजूद भी आजतक न भाजपा ने कभी पार्टी से बर्खास्त किया  और न ही साक्षी महाराज ने खुद से इस्तीफा दिया ।

गिरिराज सिंह

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बात साल 2015 की है जब बिहार के नवादा जिले से सांसद और कैबिनेट मंत्री ने कांग्रेस पार्टी और सोनिया गाँधी के ऊपर मंत्री गिरिराज सिंह ने एक बहुत ही आपत्तिजनक बयान दिया था । जिसमे गिरिराज सिंह ने कहा था की , आश्चर्य है कि अगर कांग्रेस गोरी चमड़ी नहीं होती तो क्या कांग्रेस ने सोनिया गांधी के नेतृत्व को स्वीकार कर लिया होता, उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अगर राजीव गांधी ने एक नाइजीरियाई महिला से शादी की होती और अगर वह गोरी चमड़ी वाली महिला नहीं होती, तो क्या कांग्रेस ने उनका नेतृत्व स्वीकार किया होता?” और बात यहीं नहीं रुकी साथ ही साथ और भी आरोप कांग्रेस पर लगते गए थे जिसमे कहा की, “कांग्रेस उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति लापता मलेशियाई विमान के समान है जो अभी तक नहीं मिला है। वहीं कांग्रेस नेता बजट सत्र में भी मौजूद नहीं रहे। कांग्रेस में कोई बोलने को तैयार नहीं है। यह कांग्रेस के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और देश के लिए मजाक है। इन बयानों के बाद गिरिराज सिंह को बड़े बड़े नेताओं की खरी खोटी सुननी पड़ी और कई महिला नेताओं ने भी आरोप लगाये की यह उनकी नस्लीय मानसिकता और महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाता है। यहाँ तक की जनता ने मोदी तक से मांग की, की गिरिराज सिंह को तुरंत बर्खास्त किया जाए और महिलाओंपर ऐसी टिपण्णी के लिए सबसे माफ़ी मांगे, लेकिन माफ़ी तो दूर आरोपों के बाद नेता को न तो कोई जेल हुई न कोई इस्तीफा देना पड़ा बल्कि पार्टी में ही उनका प्रमोशन होता जा रहा है ।

ब्रिजभूषण शरण सिंह
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कुश्ती की दुनिया में कोहराम मचा हुआ है। दिग्गज पहलवानों की फौज रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं। यौन उत्पीड़न से लेकर स्पॉन्सरशिप(Sponsersip) हजम करने सहित तमाम गंभीर आरोप हैं। दूसरी ओर, बृजभूषण अपनी बात पर अड़े हुए कि इस्तीफा नहीं देंगे। पहलवानों और बृजभूषण शरण सिंह के बीच अब आरपार की लड़ाई है। इसमें खाप पंचायतों से लेकर सम्मानित फोगाट फैमिली भी पहलवानों के पक्ष में उतर आए हैं। बीजेपी से सांसद के खिलाफ यह पहली बार आंदोलन हो रहा है, लेकिन उनका विवादों से नाता कोई नया नहीं है। दबंग छवि के नेता माने जाने वाले बृजभूषण शरण सिंह मंच प
र पहलवान को थप्पड़ भी जड़ चुके हैं तो टीवी पर सरेआम हत्या की बात भी कबूल कर चुके हैं। यही नहीं, कई बार तो वह अनगाइडेड मिसाइल की तरह बीजेपी के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर चुके हैं। स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सिंह 20 लड़कियों का यौन शोषण कर चुके हैं। उनके इस काम में संघ के अधिकारी भी शामिल थे। एक दशक से वह कुश्ती संघ के सरताज बने हुए हैं, लेकिन इससे पहले ऐसे आरोप कभी नहीं लगे। उन्होंने मंच पर पहलवान को थप्पड़ भी मारा तो बच गए। हत्या, बाबरी मस्जिद विध्वंस और दाऊद मामले में भी उन्हें क्लीन चिट मिली है।

आरोपों से जुड़े इतने गहरे रिश्ते के बावजूद भी शायद ही कभी आपने वृजभूषण की गिरफ्तारी या इस्तीफा देने की खबर सुनी हो.

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