आखिरी समय में क्यों अकेले रह गए थे पहले सुपरस्टार Rajesh Khanna?

[nedrick_meta]
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google
[modern_share]

Rajesh Khanna: वो सुपरस्टार जिसके आगे-पीछे कभी पूरी दुनिया घूमती थी, आख़िरकार अपने आख़िरी दिनों में एक सूने दफ्तर में अकेले बैठने को मजबूर क्यों हो गया? हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना का जादू एक दौर में ऐसा था कि उनकी गाड़ी की धूल से लड़कियां अपनी मांग भर लेती थीं। लेकिन वक़्त का पहिया ऐसा घूमा कि सफलता का यह शिखर धीरे-धीरे अकेलेपन की खाई में बदल गया।

हाल ही में मशहूर फिल्ममेकर केसी बोकाडिया ने सुपरस्टार के उन दर्दनाक आख़िरी दिनों का एक ऐसा भावुक खुलासा किया है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं। आख़िर राजेश खन्ना ने क्यों कहा था कि “मुझे मेरी ही गलतियों की सज़ा मिल गई है”? आइए इस वीडियो में जानते हैं सुपरस्टार के उस अकेलेपन की पूरी कहानी।

और पढ़ें: 1987 में मिली पहली फिल्म और 8 साल बाद हुई सुपरफ्लॉप! फिर Tabu कैसे बनीं बॉलीवुड की Queen?

Rajesh Khanna के स्टारडम का वो दौर

एक दौर था जब फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ एक ही नाम गूंजता था-राजेश खन्ना (Rajesh Khanna)। लगातार 15 सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में देने का ऐसा रिकॉर्ड, जिसे आज तक कोई सुपरस्टार नहीं तोड़ पाया। उनका स्टाइल, उनकी वो खास मुस्कान और गर्दन टेढ़ी करने की अदा पर पूरी दुनिया मरती थी। प्रोड्यूसर्स उनकी एक झलक पाने के लिए उनके बंगले ‘आशीर्वाद’ के बाहर लाइनों में खड़े रहते थे।

गानों और फिल्मों का वो जादुई दौर

अगर राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) के स्टारडम की बात करें, तो उनके सुपरहिट गाने और ब्लॉकबस्टर फिल्में आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। 1969 से 1971 के बीच उन्होंने जो इतिहास रचा, उसकी रीढ़ की हड्डी थे उनकी फिल्मों के सदाबहार गाने।

‘आराधना’ का ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘सफर’ का ‘जिंदगी का सफर’, या ‘अमर प्रेम’ का ‘चिंगारी कोई भड़के’—इन गानों में किशोर कुमार की आवाज और राजेश खन्ना के अभिनय ने ऐसा जादू चलाया कि लोग दीवाने हो गए। उस दौर में यह माना जाता था कि अगर फिल्म में राजेश खन्ना हैं और गाने हिट हैं, तो फिल्म को ब्लॉकबस्टर होने से कोई नहीं रोक सकता।

केसी बोकाडिया का हैरान करने वाला खुलासा

लेकिन, कहा जाता है ना कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। जैसे ही सफलता का यह सूरज ढला, वैसे ही सुपरस्टार के जीवन में अकेलेपन का वो दौर आया जिसने सबको झकझोर कर रख दिया। केसी बोकाडिया बताते हैं कि अपने अंतिम दौर में राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) मुंबई के लिंकिंग रोड स्थित अपने दफ्तर में बिल्कुल अकेले बैठे रहते थे।

वो दफ्तर, जहां कभी फिल्ममेकर्स का तांता लगा रहता था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ था। बोकाडिया के अनुसार, काका घंटों अकेले खड़े होकर सिर्फ सिगरेट पीते रहते थे और खिड़की से बाहर देखते रहते थे। उन्हें पूछने वाला कोई नहीं था।

Rajesh Khanna का छलका दर्द

केसी बोकाडिया जब उनसे मिलने पहुंचे, तो राजेश खन्ना का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बेहद भावुक होकर बोकाडिया से कहा, “यह पूरी तरह से मेरी ही गलती है। जब मेरा दौर था, जब मैं सफलता के शिखर पर था, तब मैंने कई प्रोड्यूसर्स को नजरअंदाज किया, उन्हें इग्नोर किया। आज मुझे उसी बात की सजा मिल रही है।” यह सुपरस्टार का अपनी ही गलतियों पर एक ऐसा पछतावा था, जिसने उनके आखिरी दिनों को बेहद दर्दनाक बना दिया था।

वो कड़वा सच

दरअसल, जैसे ही राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) की फिल्में फ्लॉप होने लगीं, फिल्मी दुनिया के लोगों ने उनसे दूरी बना ली। यह फिल्म इंडस्ट्री का वो कड़वा सच है, जो चढ़ते सूरज को सलाम करता है और ढलते ही साथ छोड़ देता है। सुपरस्टारडम के उस विशाल अहंकार और अकेलेपन के इस थपेड़े को काका अंदर ही अंदर बर्दाश्त नहीं कर पाए।

राजेश खन्ना आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका जीवन हमें सिखाता है कि वक्त चाहे कितना भी अच्छा हो, इंसान को हमेशा जमीन से जुड़े रहना चाहिए।

तो आपको राजेश खन्ना के लाइफ की ये किस्सा कैसा लगा औऱ राजेश खन्ना के इस आखिरी वक्त के अकेलेपन पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।

Rajni

rajni@nedricknews.com

Recent News

Editor's Picks

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds