Nana Patekar: भारतीय सिनेमा ने आज अपना एक सबसे दमदार और बेमिसाल कोहिनूर खो दिया है। बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर, जो अपने कड़क डायलॉग्स और अनोखे अंदाज के लिए मशहूर थे, अब हमारे बीच नहीं रहे। बता दें कि 75 वर्ष की आयु में गोवा में कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) के कारण उनका निधन हो गया है।
जो इंसान करोड़ों दिलों पर राज करता था, वह खुद मुंबई में 1-BHK के एक छोटे से फ्लैट में रहता था। फिल्मों से करोड़ों कमाने के बाद भी अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा नाम फाउंडेशन के जरिए गरीब किसानों को दान कर देने वाले नाना पाटेकर रीयल लाइफ में भी एक सच्चे हीरो थे। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इस महान शख्सियत की 5 यादगार फिल्मों और उनकी कुल नेट वर्थ की कहानी।
Nana Patekar के जीवन की टॉप 5 फिल्म
बता दें कि 1978 में आई फिल्म ‘गमन’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले नाना पाटेकर ने पांच दशकों में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनकी चुनिंदा फिल्में इस प्रकार हैं:
1. क्रांतिवीर (1994): इस फिल्म में देश के भ्रष्ट सिस्टम और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाले ‘प्रताप’ के किरदार ने उन्हें हमेशा के लिए अमर बना दिया। फिल्म में उनके दिए गए कड़क मोनोलॉग और दमदार डायलॉग्स आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इस बेमिसाल अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award – सर्वश्रेष्ठ अभिनेता) से सम्मानित किया गया था।
2. परिंदा (1989): मशहूर फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा की इस कल्ट क्लासिक फिल्म में नाना पाटेकर ने खूंखार अंडरवर्ल्ड डॉन ‘अन्ना सेठ’ का ऐसा निगेटिव किरदार निभाया, जिसे देखकर लोग कांप उठे थे। मुख्य खलनायक न होने के बावजूद अपनी खतरनाक और नेचुरल एक्टिंग से उन्होंने पूरी महफिल लूट ली। इस रोल के लिए उन्हें उनके करियर का पहला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (Best Supporting Actor) मिला था।
3. तिरंगा (1993): डायरेक्टर मेहुल कुमार की इस देशभक्ति से भरपूर कल्ट फिल्म में नाना पाटेकर ने बेखौफ पुलिस ऑफिसर ‘इंस्पेक्टर शिवाजीराव वाघले’ की भूमिका निभाई थी। पर्दे पर महानायक राज कुमार (ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह) के साथ उनकी जबरदस्त जुगलबंदी, नोकझोंक और दोनों स्टार्स की कड़क डायलॉग डिलीवरी ने इस फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया था। फिल्म के डायलॉग्स आज भी हर राष्ट्रीय पर्व पर गूंजते हैं।
4. वेलकम (2007): हमेशा गंभीर और इंटेंस रोल करने वाले नाना पाटेकर ने इस कल्ट कॉमेडी फिल्म में डॉन ‘उदय शेट्टी’ का किरदार निभाकर सबको हैरान कर दिया था। अनिल कपूर (मजनू भाई) के साथ उनकी जोड़ी और “आलू ले लो, कांदा ले लो…” जैसे उनके डायलॉग्स आज भी मीम्स और सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं। इस फिल्म ने साबित किया कि नाना पाटेकर सिर्फ डरा ही नहीं सकते, बल्कि पेट खोलकर हंसा भी सकते हैं।
5. नटसम्राट (2016): यह फिल्म नाना पाटेकर के पूरे अभिनय करियर और मराठी सिनेमा की सबसे सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक मानी जाती है। एक थियेटर कलाकार के बुढ़ापे, एकाकीपन और पारिवारिक संघर्ष को दर्शाती इस फिल्म में उनके दिल को छू लेने वाले अभिनय को देखकर सिनेमाघरों में दर्शकों की आंखें नम हो गई थीं। इस फिल्म ने उनके अभिनय की बहुमुखी प्रतिभा को एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया।
नाना पाटेकर की नेट वर्थ
करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करने वाले नाना पाटेकर अपनी सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी कुल नेट वर्थ लगभग 50 करोड़ से 80 करोड़ के बीच है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुँचने के लिए उन्होंने अपने शुरुआती जीवन में काफी संघर्ष किया। एक समय ऐसा भी था जब मुंबई में जेबरा क्रॉसिंग और फिल्मों के पोस्टर पेंट करने के लिए उन्हें महीने में सिर्फ 35 मिलते थे।
इतनी संपत्ति के मालिक होने के बावजूद वह चकाचौंध से दूर मुंबई में एक छोटे 750 वर्ग फुट के 1-BHK फ्लैट में रहते थे। इसके अलावा उनके पास पुणे में 27 एकड़ का एक फार्महाउस, गोवा में एक घर और मुरुड में भी संपत्ति है। वे अपनी कमाई का एक बहुत बड़ा हिस्सा अपने संगठन नाम फाउंडेशन के जरिए गरीब किसानों और जरूरतमंदों की मदद के लिए दान कर देते थे।
किन फिल्मों के लिए मिला National Award
नाना पाटेकर ने अपने पूरे अभिनय करियर में कुल 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) जीते थे। उन्होंने जिन फिल्मों के लिए यह सर्वोच्च सम्मान जीता, उनकी लिस्ट इस प्रकार हैं
| साल | फिल्म | पुरस्कार की श्रेणी | किरदार |
| 1990 | परिंदा | सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता | अन्ना सेठ (खूंखार अंडरवर्ल्ड डॉन) |
| 1995 | क्रांतिवीर | सर्वश्रेष्ठ अभिनेता | प्रताप तिलक (क्रांतिकारी युवक) |
| 1997 | अग्निसाक्षी | सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता | विश्वनाथ (एक सनकी पति) |
बता दें कि इन तीन राष्ट्रीय पुरस्कारों के अलावा, सिनेमा और समाज सेवा में उनके अतुलनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2013 में ‘पद्म श्री’ (Padma Shri) सम्मान से भी नवाजा था।











































