Shabana Azmi News: बॉलीवुड की मशहूर और बेबाक अदाकारा शबाना आजमी हमेशा से सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखने के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। शबाना ने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के ‘चलो संसद’ मार्च में शामिल होने से ठीक पहले उन्होंने और उनके पति व जाने-माने गीतकार जावेद अख्तर ने सीधे प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा था।
‘अगर साथ न खड़ी होती, तो खुद से नजरें नहीं मिला पातीं’| Shabana Azmi News
नीट विवाद को लेकर जब देश भर के छात्र दिल्ली की सड़कों पर इंसाफ की मांग कर रहे थे, तब शबाना आजमी भी उनका समर्थन करने जंतर-मंतर पहुंची थीं। अपने फैसले को याद करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि छात्रों का दर्द और संघर्ष देखकर वे खुद को रोक नहीं पाईं। उन्होंने महसूस किया कि अगर वे इस मुश्किल घड़ी में छात्रों के साथ खड़ी नहीं हुईं, तो वे कभी खुद से नजरें नहीं मिला पाएंगी।
पीएमओ को लिखा था सीक्रेट लेटर
शबाना आजमी ने बताया कि प्रोटेस्ट में जाने से पहले उन्होंने और जावेद अख्तर ने प्रधानमंत्री से अपील की थी कि वे खुद पीड़ित छात्रों से एक बार मिलकर उनकी समस्याएं सुनें। उन्होंने इस पत्र में यह भरोसा भी दिलाया था कि वे इस बातचीत या खत का जिक्र मीडिया के सामने बिल्कुल नहीं करेंगे ताकि मामले का कोई राजनीतिक फायदा न उठाया जाए। हालांकि, जब प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया या जवाब नहीं मिला, तब उन्होंने खुद जमीन पर उतरकर छात्रों के साथ खड़े होने का फैसला किया।
जावेद अख्तर ने दी हिम्मत, छात्रों के जज्बे ने छुआ दिल
एक्ट्रेस ने यह भी साझा किया कि जंतर-मंतर पर जाकर छात्रों के बीच खड़े होने का हौसला उन्हें उनके पति जावेद अख्तर ने ही दिया था। प्रदर्शन स्थल का माहौल याद करते हुए शबाना ने कहा कि वहां छात्रों के अनुशासन और जज्बे ने उन्हें हैरान कर दिया। पुलिस की लाठियां खाने और खुद चोटिल होने के बावजूद छात्र पूरी तरह शांत रहे और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहे। इतना ही नहीं, खुद घायल होने के बाद भी छात्र शबाना की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दिए।
‘नाकामी युवाओं की नहीं, हमारी पीढ़ी की है’
शबाना आजमी ने कहा कि वे छात्रों का हौसला बढ़ाने गई थीं, लेकिन वहां से खुद बहुत कुछ सीखकर और मजबूत होकर लौटी हैं। उन्होंने समाज के रवैये पर अफसोस जताते हुए कहा कि हम अक्सर नई पीढ़ी पर लापरवाह होने का आरोप मढ़ देते हैं, जबकि असल नाकामी हमारी अपनी पीढ़ी की है। हम युवाओं को ऐसे रोल मॉडल देने में नाकाम रहे हैं जिन्हें वे अपना आदर्श मान सकें।
गौरतलब है कि परीक्षा में पारदर्शिता और सुधार की मांग को लेकर चला यह आंदोलन काफी बड़ा रूप ले चुका था, जिसमें छात्रों की मुख्य मांग तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। बाद में उनके पद से हटने के बाद ही यह प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस पूरे आंदोलन में शबाना आजमी के साथ-साथ मनोरंजन जगत की कई अन्य हस्तियों ने भी छात्रों की आवाज को पुरजोर समर्थन दिया था।












































