India-China Nepal Flood Aid: नेपाल में हाल ही में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ और मलबे के सैलाब ने जो तबाही मचाई है, उससे निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद तेज हो गई है। संकट की शुरुआत से ही साथ खड़े भारत के बाद अब चीन ने भी नेपाल की ओर राहत का हाथ बढ़ाया है। रविवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल से फोन पर बात की और इस प्राकृतिक आपदा पर गहरा दुख जताते हुए एक विशेष राहत पैकेज की घोषणा की।
वांग यी ने बताया ‘सीमा-पार की सबसे गंभीर आपदा’| India–China Nepal Flood Aid
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दोनों नेताओं की बातचीत का ब्योरा साझा किया। वांग यी ने बातचीत के दौरान कहा कि सीमावर्ती इलाके में अचानक ग्लेशियर टूटने से भारी मलबा और कीचड़ का बहाव नीचे आया, जिससे नेपाल और चीन दोनों तरफ जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ है और कई लोग अब भी लापता हैं।
वांग यी ने इसे हाल के सालों की सबसे गंभीर सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) आपदा बताते हुए कहा कि राहत और बचाव का काम बेहद चुनौतीपूर्ण और कठिन है। उन्होंने कहा कि चीन अपने इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के साथ-साथ नेपाल की मदद के लिए भी पूरी तरह तैयार है।
चीन देगा नकद मदद और मानवीय सामग्री
चीनी विदेश मंत्री ने जानकारी दी कि नेपाल के लिए एक विशेष आपातकालीन सहायता पैकेज लागू किया गया है, जिसके तहत तुरंत नकद मदद और जरूरी मानवीय राहत सामग्री जल्द ही काठमांडू पहुंचाई जाएगी। वांग यी ने कहा कि दोनों देश पहाड़ों और नदियों से जुड़े पड़ोसी हैं, इसलिए इस मुश्किल वक्त में एकजुट होकर हालात का सामना करना और हिमालय के दोनों छोर पर बसी दोस्ती को मजबूत करना जरूरी है।
भारत का चौथा राहत विमान काठमांडू पहुंचा
दूसरी तरफ, भारत पहले दिन से ही नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और अब तक कुल 68.5 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। रविवार को भारतीय वायुसेना का चौथा विमान 11 टन राहत सामग्री और विशेषज्ञों की टीम लेकर काठमांडू पहुंचा।
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के मुताबिक:
- टनल व रेस्क्यू एक्सपर्ट्स: बुधवार की बाढ़ के बाद जलविद्युत परियोजनाओं (हाइड्रोपावर टनल) में फंसे कर्मियों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने विशेष टनलिंग एक्सपर्ट्स और अत्याधुनिक खोज उपकरण भेजे हैं।
- फॉरेंसिक व डीएनए टीम: अज्ञात शवों और लापता लोगों की पहचान के लिए डीएनए विश्लेषण में माहिर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भेजी गई है।
- जरूरी राहत सामान: खेप में कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट्स और हाइजीन/स्वच्छता किट्स शामिल हैं।












































