Pappu Yadav Attack: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय अचानक विवाद और हंगामे में बदल गई, जब एक व्यक्ति ने कार्यक्रम के दौरान सांसद से तीखे सवाल पूछे और कुछ ही पलों बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। पप्पू यादव और उनके समर्थकों का आरोप है कि युवक उन पर चाकू से हमला करने की नीयत से आया था, जबकि आरोपी पक्ष ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए दावा किया कि उनके पास कोई हथियार नहीं था। उनका कहना है कि मारपीट के बाद गुस्से में उन्होंने केवल जूते-चप्पल फेंके थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैसे बिगड़े हालात? Pappu Yadav Attack
जानकारी के मुताबिक, पप्पू यादव अपने हालिया विरोध-प्रदर्शन और संसद में भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के वेश में पहुंचने को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने उनसे सवाल किया कि भगवा वस्त्र पहनकर भगवान राम की प्रतिमा को दूसरे व्यक्ति के पैरों में रखने का क्या संदेश दिया गया और क्या यह आस्था का सम्मान है।
The Delhi Police seems remarkably efficient when it comes to repressing students peacefully demanding their constitutional rights.
But when it comes to protecting a vocal Opposition leader – even a sitting Member of Parliament – at his own residence, it suddenly falls short.… https://t.co/mkR35SDUZH
— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) August 2, 2026
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सवाल सुनने के बाद पप्पू यादव ने उस व्यक्ति से कई बार पूछा कि वह कौन है। इसी बीच उनकी ओर कोई वस्तु फेंकी गई, जिसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। सांसद के समर्थक तुरंत आगे आए और संबंधित व्यक्ति को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, घटना के दौरान झड़प की स्थिति बन गई। वहीं, सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी भी भीड़ से युवक को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।
पप्पू यादव बोले- ‘चाकू लेकर मुझे मारने आया था‘
घटना के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि यह कोई सामान्य विरोध नहीं बल्कि उन पर हमला करने की साजिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति उनके घर में घुसकर चाकू के साथ आया था। उन्होंने कहा, “क्या कोई मेरे घर में घुसकर मुझ पर हमला कर सकता है? वह चाकू लेकर मुझे मारने आया था।”
पप्पू यादव ने यह भी कहा कि उन्हें पिछले काफी समय से लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग खुलेआम उन्हें मारने और जलाने की बातें कर रहे हैं और इसके लिए इनाम तक घोषित करने की बातें कही जा रही हैं।
सांसद ने कहा कि इस घटना से वह डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी कई एफआईआर दर्ज करा चुके हैं, लेकिन धमकियां नहीं रुकीं। उन्होंने कहा, “जिसे मारना हो मार दे, मैं डरने वाला नहीं हूं।”
समर्थकों ने लगाया पुलिस पर भी आरोप
घटना के दौरान पप्पू यादव के साथ मौजूद एक समर्थक ने आरोप लगाया कि कथित हमलावर हमला करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस उसे बचाने में लगी हुई थी। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में हमले, हथियार और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
‘हमलावर को बचाने की कोशिश मैंने की‘
पप्पू यादव ने कहा कि जिस व्यक्ति पर हमले का आरोप लगाया जा रहा है, जब भीड़ उसकी पिटाई कर रही थी, तब उन्होंने खुद उसे बचाने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि अगर वहां मौजूद लोग बीच में नहीं आते तो उनके साथ बड़ी घटना हो सकती थी। सांसद का कहना है कि यह पूरी घटना पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी।
राम मंदिर और भगवा विवाद पर दे रहे थे सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य विषय हाल ही में संसद परिसर में पप्पू यादव का भगवा वस्त्र पहनकर किया गया विरोध-प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म उनकी संस्कृति और जीवन का हिस्सा है तथा उनके विरोध को गलत तरीके से पेश किया गया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावे और संपत्ति के गबन के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असली मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय उनके विरोध को विवाद का विषय बनाया जा रहा है।
वाराणसी में दर्ज हो चुकी है शिकायत
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी के वेश में संसद पहुंचे थे और राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर विरोध जताया था। इसके बाद शनिवार को वाराणसी के कोतवाली थाने में महंत बालक नाथ ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सांसद ने सनातन धर्म, भगवा वस्त्र और साधु-संतों का अपमान किया है।
काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत मिली है और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी हैप्पी शर्मा ने क्या कहा?
दूसरी ओर, कथित हमलावरों में शामिल बताए जा रहे हैप्पी शर्मा ने चाकू या किसी अन्य हथियार के आरोपों से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह और उनका साथी बुलंदशहर से साधु-संतों के समर्थन में चल रहे विरोध के सिलसिले में दिल्ली आए थे। दोनों की सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया गया था।
हैप्पी शर्मा के मुताबिक, उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते पप्पू यादव को साधु-संतों और भगवा वस्त्रों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। उनका आरोप है कि सवाल पूछते ही सांसद के समर्थकों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
उन्होंने कहा कि वह किसी तरह वहां से निकल आए, लेकिन उनके साथी सुमित को पुलिस अपने साथ ले गई। हैप्पी शर्मा ने स्वीकार किया कि मारपीट के बाद उन्होंने गुस्से में जूते-चप्पल जरूर फेंके थे, लेकिन उनके पास कोई चाकू या दूसरा हथियार नहीं था।
अब जांच पर टिकी हैं निगाहें
दिल्ली स्थित सांसद आवास पर हुई इस घटना को लेकर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। एक ओर पप्पू यादव इसे जानलेवा हमले की साजिश बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष खुद को मारपीट का शिकार बताते हुए हथियार रखने के आरोपों को नकार रहा है।
फिलहाल मामले में दिल्ली पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वास्तव में क्या हुआ और दोनों पक्षों के दावों में कितनी सच्चाई है।































