Dubai real estate 2026: दुबई का रियल एस्टेट बाजार एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और इस तेजी में भारतीय खरीदारों की अहम भूमिका देखने को मिल रही है। बेहतर निवेश के अवसर, टैक्स से जुड़े फायदे, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबे समय तक रहने के विकल्पों ने भारतीय निवेशकों को दुबई की ओर आकर्षित किया है। यही वजह है कि साल 2026 की पहली छमाही में वहां रिहायशी प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त ने नया रिकॉर्ड बना दिया।
एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच दुबई में रिहायशी संपत्तियों का कुल कारोबार करीब 251 अरब दिरहम (लगभग 5.91 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गया। यह आंकड़ा बताता है कि दुबई का प्रॉपर्टी बाजार लगातार वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
6 महीने में 1 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त| Dubai real estate 2026
रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में दुबई में 1.07 लाख से अधिक रिहायशी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 26 प्रतिशत अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ोतरी केवल स्थानीय मांग की वजह से नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी का भी परिणाम है। इस दौरान भारतीय और ब्रिटिश नागरिक सबसे सक्रिय विदेशी खरीदारों में शामिल रहे। इससे साफ है कि दुबई अब सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि निवेश के लिहाज से भी दुनिया के सबसे आकर्षक बाजारों में गिना जा रहा है।
भारतीय निवेशकों की पहली पसंद बना दुबई
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय निवेशक दुबई को एक स्थिर और सुरक्षित बाजार मानते हैं, जहां लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा भारत और दुबई के बीच मजबूत कारोबारी रिश्ते और बेहतर हवाई संपर्क भी निवेश को आसान बनाते हैं। भारतीय खरीदार खास तौर पर लग्जरी अपार्टमेंट, समुद्र किनारे स्थित घरों और ऐसी प्रॉपर्टी में निवेश कर रहे हैं, जहां किराये से अच्छी आमदनी होने की संभावना हो। यही वजह है कि भारतीय लगातार दुबई के सबसे बड़े विदेशी निवेशकों में शामिल हैं।
कई देशों के निवेशकों की भी बढ़ी दिलचस्पी
रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीयों के अलावा ब्रिटेन, रूस, चीन और यूरोप के कई देशों के निवेशकों ने भी दुबई के रियल एस्टेट बाजार में बड़ी हिस्सेदारी दर्ज कराई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दुबई की मजबूत अर्थव्यवस्था, लगातार बढ़ती आबादी, निवेश के लिए आसान नियम और गोल्डन वीजा जैसी योजनाएं विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। इन नीतियों ने दुबई को अंतरराष्ट्रीय निवेश का बड़ा केंद्र बना दिया है।
आगे भी जारी रह सकती है तेजी
रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि दुबई की आर्थिक वृद्धि इसी तरह जारी रही और विदेशी निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां लागू रहीं, तो आने वाले महीनों में भी प्रॉपर्टी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी प्रॉपर्टी में पैसा लगाने से पहले उसकी कीमत, कानूनी प्रक्रिया, टैक्स नियम, किराये से होने वाली संभावित आय और भविष्य के रिटर्न जैसी सभी जरूरी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें। सही जानकारी के आधार पर लिया गया फैसला न केवल निवेश को सुरक्षित बनाता है, बल्कि भविष्य में बेहतर मुनाफे की संभावना भी बढ़ाता है।

































