दशकों से चल रही शाही जंग का होगा अंत? सिंधिया परिवार ने कोर्ट में रखा संपत्ति बंटवारे का फॉर्मूला| Scindia Family Property Dispute

Nandani | Nedrick News Madhya Pradesh Published: 09 जुलाई 2026, 09:05 PM Updated: 09 जुलाई 2026, 09:05 PM
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Scindia Family Property Dispute: मध्य प्रदेश के सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित राजघरानों में शामिल सिंधिया राजपरिवार का वर्षों पुराना संपत्ति विवाद अब आखिरकार समाप्ति की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। ग्वालियर के ऐतिहासिक महलों, विशाल जमीनों और देश के अलग-अलग हिस्सों में फैली अरबों रुपये की संपत्तियों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई अब आपसी सहमति से सुलझती दिखाई दे रही है। दोनों पक्षों ने अदालत के सामने एक साझा फॉर्मूला पेश किया है, जिस पर कानूनी मुहर लगने के बाद करीब एक दर्जन से अधिक मुकदमों का अंत हो सकता है।

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दशकों से चल रही थी शाही संपत्ति की कानूनी लड़ाई| Scindia Family Property Dispute

सिंधिया राजपरिवार के भीतर संपत्ति को लेकर विवाद कई वर्षों से अदालतों में चल रहा था। यह मामला केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली, मुंबई और पुणे की अदालतों तक पहुंच गया। विवाद के एक पक्ष में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं, जबकि दूसरे पक्ष में उनकी बुआएं वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे, उषा राजे और दिवंगत पद्मावती राजे का परिवार शामिल रहा।

लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अब दोनों पक्षों ने विवाद को आपसी सहमति से खत्म करने का फैसला लिया है। इसी दिशा में ग्वालियर जिला अदालत में समझौते से जुड़े आवेदन दाखिल किए गए हैं।

कोर्ट में पेश किया गया समझौते का फॉर्मूला

जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के वकीलों ने अदालत में बंटवारे से जुड़ा समझौता पत्र भी प्रस्तुत किया है। सभी संबंधित पक्ष इस प्रस्ताव पर सहमत बताए जा रहे हैं। अब अदालत से अनुरोध किया गया है कि मामले की जल्द सुनवाई कर समझौते को कानूनी मंजूरी दी जाए। यदि अदालत इस समझौते को स्वीकार कर लेती है, तो वर्षों से चल रहे संपत्ति विवाद का औपचारिक रूप से अंत हो जाएगा। इसके साथ ही अलग-अलग अदालतों में लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमे भी समाप्त हो सकते हैं।

मौजूदा कब्जे के आधार पर तय होगा मालिकाना हक

रिपोर्ट्स के मुताबिक, तैयार किए गए समझौते का सबसे अहम पहलू यह है कि वर्तमान में जिस पक्ष के कब्जे में जो संपत्ति है, उसी को उसका वैध मालिक माना जाएगा। भले ही पहले वह संपत्ति किसी ट्रस्ट या कंपनी के नाम दर्ज रही हो, लेकिन समझौते के बाद मौजूदा कब्जे के आधार पर मालिकाना अधिकार तय किए जाएंगे। इसके बाद अदालत की मंजूरी मिलने पर संबंधित संपत्तियों की डीड भी उसी अनुसार तैयार कराई जाएगी।

इस फॉर्मूले का उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे विवाद को बिना किसी नए विवाद के समाप्त करना बताया जा रहा है।

ट्रस्ट के अधीन हैं अधिकांश संपत्तियां

सिंधिया राजपरिवार की अधिकांश संपत्तियां किसी एक व्यक्ति के नाम पर नहीं हैं। ये संपत्तियां मुख्य रूप से सर जयाजीराव ट्रस्ट और कृष्ण माधव ट्रस्ट जैसी संस्थाओं के अधीन आती हैं। इस विवाद की जड़ें उस समय से जुड़ी हैं जब राजमाता विजयराजे सिंधिया और उनके पुत्र माधवराव सिंधिया के बीच मतभेद सार्वजनिक हो गए थे। बाद में यही विवाद अगली पीढ़ी तक पहुंच गया और ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा उनकी बुआओं के बीच संपत्ति को लेकर कानूनी संघर्ष शुरू हो गया।

40 हजार करोड़ रुपये बताई जाती है संपत्ति की कीमत

सिंधिया राजपरिवार की संपत्तियों में ग्वालियर का प्रसिद्ध जय विलास पैलेस, उषा किरण पैलेस, शिवपुरी स्थित माधव पैलेस और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की कई मूल्यवान अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे और उज्जैन जैसे शहरों में भी परिवार की महत्वपूर्ण संपत्तियां मौजूद हैं। बताया जाता है कि इन सभी संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 40 हजार करोड़ रुपये है। यही वजह है कि यह विवाद देश के सबसे चर्चित पारिवारिक संपत्ति मामलों में गिना जाता रहा है।

समझौते से खत्म हो सकता है वर्षों पुराना विवाद

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत इस समझौते को मंजूरी दे देती है, तो न केवल सिंधिया परिवार के भीतर वर्षों से चला आ रहा विवाद समाप्त होगा, बल्कि लंबे समय से लंबित मुकदमों पर भी विराम लग जाएगा। इससे सभी पक्षों को कानूनी राहत मिलने के साथ-साथ संपत्तियों के प्रबंधन और स्वामित्व को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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