US Iran tensions: ईरान की राजधानी तेहरान रविवार को उस समय भारी जनसैलाब और कड़े राजनीतिक संदेशों का केंद्र बन गई, जब देश के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए। इस दौरान माहौल सिर्फ शोक का नहीं था, बल्कि अमेरिका और इजराइल के खिलाफ तीखे नारों और विवादित बयानों ने पूरे कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम संस्कार के दौरान एक कवि मोहम्मद रसूली ने लाउडस्पीकर पर भीड़ को संबोधित करते हुए बिना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए सवाल पूछा “दुनिया का सबसे घटिया आदमी अभी भी जिंदा क्यों है?” इस बयान के बाद भीड़ में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली। वहां मौजूद लोगों ने “अमेरिका की मौत” और “इजराइल की मौत” जैसे नारे लगाए, जबकि भीड़ ने तालियों के साथ इस भाषण का समर्थन किया।
इसी दौरान कई पोस्टर, बैनर और ग्रैफिटी भी देखे गए, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ कड़े संदेश लिखे गए थे। इन बयानों और नारों ने पहले से ही संवेदनशील माने जा रहे इस समारोह को और ज्यादा राजनीतिक रंग दे दिया।
ग्रैंड मस्जिद में हुआ अंतिम संस्कार का मुख्य कार्यक्रम| US Iran tensions
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में अंतिम संस्कार का मुख्य धार्मिक आयोजन हुआ, जहां 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जफर सोभानी ने अली खामेनेई और उनके परिवार के लिए जनाजे की नमाज पढ़ाई। इस मौके पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ, रिवोल्यूशनरी गार्ड के वरिष्ठ अधिकारी, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी और खामेनेई के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
हालांकि, खामेनेई के उत्तराधिकारी माने जा रहे अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई इस समारोह में शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वे हाल के एयरस्ट्राइक में घायल होने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। इजराइल की ओर से उन्हें निशाना बनाने की धमकी की खबरें भी पहले सामने आ चुकी हैं।
भारी भीड़ और राजनीतिक संदेशों का माहौल
रविवार के अंतिम संस्कार में पिछले दिन की तुलना में कहीं ज्यादा भीड़ देखी गई। काले कपड़े पहने हजारों लोग ईरानी झंडे और बैनर लेकर पहुंचे थे। कई पोस्टरों में खामेनेई के समर्थन के साथ-साथ अमेरिका और इजराइल के खिलाफ कड़े संदेश भी लिखे हुए थे। भीड़ में मौजूद लोगों का उत्साह और नारों की गूंज ने माहौल को शोक सभा से ज्यादा राजनीतिक प्रदर्शन जैसा बना दिया। यह भी देखा गया कि लोग लगातार अमेरिकी नीतियों और इजराइल के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।
ट्रंप के बयान और बढ़ता तनाव
इसी बीच अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस की 250वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में हाल की अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कुछ क्षेत्रों में “जबरदस्त सफलता” हासिल की है और वेनेजुएला व ईरान का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर किया गया है। ट्रंप के इस बयान ने पहले से तनावपूर्ण हालात को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी अधिकारी लंबे समय से ईरान की ओर से ट्रंप और पूर्व प्रशासन के अधिकारियों को मिल रही कथित धमकियों पर नजर रखे हुए हैं। यह तनाव 2020 में उस समय और बढ़ गया था जब अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी।
बातचीत ठप, तनाव बरकरार
ईरान और अमेरिका के बीच हालिया युद्ध के बाद तनाव कम करने की बातचीत अभी भी रुकी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ और राजनीतिक संदेश ईरान के अंदरूनी समर्थन को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि ईरान ने पहले भी ट्रंप की हत्या की किसी भी योजना से इनकार किया है, लेकिन कट्टर राजनीतिक बयानबाजी और प्रचार सामग्री में उन्हें अक्सर निशाना बनाया जाता रहा है। ऐसे में यह अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसने वैश्विक स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है।
























