Nisha Sharma Dowry Case: हमेशा जो दिखाई दे, वो हकीकत हो… यह जरूरी नहीं। गाजियाबाद के बहुचर्चित निशा शर्मा दहेज मामले पर यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है, जहां जिसे दुनिया ‘आयरन लेडी’ समझ रही थी, 9 साल बाद अदालत ने उस पूरे सच को ही पलट कर रख दिया। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं कि क्या है पूरा मामला?
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क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला साल 2003 का है जब निशा शर्मा की शादी दिल्ली के मुनीष दलाल से तय हुई थी। शादी वाले दिन मंडप में निशा ने वर पक्ष पर 12 लाख और कार की मांग का आरोप लगाते हुए शादी से इनकार कर दिया। इस एक आरोप ने मुनीष के पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी। मुनीष को करीब दो महीने जेल में काटने पड़े। उनकी माँ सरकारी शिक्षिका थीं, जिन्हें जेल जाने की वजह से सस्पेंड कर दिया गया और समाज में परिवार की भयंकर बदनामी हुई।
अदालत ने 2012 में झूठे आरोपों से किया बाइज्जत बरी
इस गहरे सदमे और तनाव के कारण मुनीष के पिता का भी हार्ट अटैक से निधन हो गया। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए मुनीष का परिवार पूरे 9 साल तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटता रहा। आखिरकार, कहते हैं न कि ‘ऊपर वाले के घर देर है अंधेर नहीं’ – साल 2012 में अदालत ने पूरे परिवार को बाइज्जत बरी करते हुए निशा के आरोपों को झूठा करार दिया।
आप लोग शायद दिल्ली से सटे गाजियाबाद के निशा शर्मा के मामले को भूल गए होंगे!
निशा शर्मा को मीडिया ने रातों-रात पूरे भारत में हीरो बना दिया था जिसने दहेज लोभी पति को दरवाजे से वापस लौटा दिया था!
हर चैनल पर मेहंदी लगाकर चुनरी ओढ़ कर निशा शर्मा इंटरव्यू देती थी उसके दरवाजे पर… pic.twitter.com/Ck7W4gShxP
— Vatsala Singh (@_vatsalasingh) June 29, 2026
2013 में निशा की भाभी ने लगाया दहेज का आरोप
मुनीष दलाल के लिए 9 साल तक अदालत में मुकदमा लड़ना, समाज की जिल्लत झेलना और इस तनाव के बीच अपने पिता को खो देना कितना मुश्किल रहा होगा, इसका अंदाजा लगाना भी नामुमकिन है। लेकिन कहते हैं न कि कुदरत का न्याय देर से ही सही, पर होता जरूर है। इस घटना के ठीक 10 साल बाद, जनवरी 2013 में निशा शर्मा के अपने ही घर में ऐसा ही एक मामला सामने आया।
उनकी सगी भाभी मनीषा शर्मा ने निशा, उनके भाई ज्ञानेश्वर और पूरे ससुराल वालों पर 12 लाख के लिए दहेज उत्पीड़न का गंभीर केस दर्ज करा दिया। जिस कानून का सहारा लेकर निशा कभी चर्चा में आई थीं, उसी कानून के तहत उनके अपने भाई को जेल की हवा खानी पड़ी।
इत्तेफाक देखिए, साल 2003 में निशा शर्मा ने मुनीष दलाल के परिवार पर जिस 12 लाख की रकम को मांगने का आरोप लगाया था, ठीक 10 साल बाद साल 2013 में उनकी सगी भाभी मनीषा ने भी निशा के अपने परिवार पर हूबहू 12 लाख की मांग का ही आरोप जड़ दिया। इसे ही कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है और कुदरत का तराजू दोनों तरफ का वजन बराबर रखता है।































