राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों की कथित हेराफेरी! SIT रिपोर्ट आते ही 8 नामजद पर FIR| Ram Mandir Donation Scam

Nandani | Nedrick News Uttar Pradesh Published: 26 Jun 2026, 07:38 AM | Updated: 26 Jun 2026, 07:38 AM

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर का मामला अब कानूनी कार्रवाई के चरण में पहुंच गया है। पिछले करीब 18 दिनों से चर्चा में बने इस मामले में गुरुवार को रामजन्मभूमि थाने में आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। यह कार्रवाई विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

और पढ़ें: दुश्मन को भनक तक नहीं लगती! ये हैं दुनिया की सबसे खतरनाक पनडुब्बियां… भारत किस नंबर पर? Top 7 Submarines

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? Ram Mandir Donation Scam

इस पूरे मामले की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के दानपात्र और चढ़ावे से करीब 5 से 7.5 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। उसी दिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर टिप्पणी की थी। आरोपों के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उसी शाम इन दावों का खंडन करते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि मामला यहीं नहीं रुका और धीरे-धीरे राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर होता चला गया।

PMO और राज्य सरकार ने लिया संज्ञान

10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत की अगुवाई में तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने कई दिनों तक मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों, कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और चढ़ावे की गिनती से जुड़े लोगों से पूछताछ की। दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी जांच की गई।

किन लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर?

एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, राजेश पाठक, रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, अविनाश शुक्ल, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। पुलिस ने कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की थी।

किन धाराओं में हुई कार्रवाई?

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316, 317, 61 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में आपराधिक विश्वासघात, सौंपी गई संपत्ति के गबन, चोरी की संपत्ति को छिपाने या रखने और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। विशेष रूप से धारा 316(5) के तहत दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं चोरी या गबन से जुड़ी संपत्ति को जानबूझकर रखने के मामलों में भी तीन से सात वर्ष तक की सजा हो सकती है।

जांच में क्या-क्या हुआ?

एसआईटी ने 15 जून से 20 जून के बीच कई चरणों में जांच की। इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, निर्माण प्रभारी गोपाल राय, पूर्व लेखापाल, बैंक अधिकारियों और चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की गई। मंदिर के लगभग 11 महीनों के वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले गए। 23 जून को एसआईटी ने अपनी 20 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट गृह विभाग को सौंप दी थी, जिसके आधार पर अब एफआईआर दर्ज की गई है।

एसआईटी ने दिए कई अहम सुझाव

जांच रिपोर्ट में एसआईटी ने कई महत्वपूर्ण सिफारिशें भी की हैं। इनमें प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन, ट्रस्ट में किसी प्रशासनिक अधिकारी को सीईओ नियुक्त करने और सभी सदस्यों की जिम्मेदारी तय करने का सुझाव शामिल है। इसके अलावा दान राशि का साप्ताहिक ऑडिट कराने, प्रतिदिन नकदी का रिकॉर्ड तैयार करने, सीसीटीवी फुटेज का स्टोरेज 45 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने और मंदिर प्रबंधन को अधिक पेशेवर तरीके से संचालित करने की भी सिफारिश की गई है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़ें: अगर पासपोर्ट भी भारतीय नागरिकता का सबूत नहीं… तो फिर कौन-सा दस्तावेज है? जानिए नियम| Indian Citizenship Proof

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds