क्या भारतीयों की मौत खबर नहीं बनती? होर्मुज में गई 3 नाविकों की मौत पर चेलानी का सवाल| Oman Ship Attack

Nandani | Nedrick News Oman Published: 12 Jun 2026, 03:50 PM | Updated: 12 Jun 2026, 04:05 PM

Oman Ship Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाएं अब अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बनती जा रही हैं। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास हुए हमलों में भारतीय क्रू सदस्यों के प्रभावित होने के बाद अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने दुनिया की प्रतिक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं में किसी पश्चिमी देश के नागरिकों की जान गई होती, तो वैश्विक स्तर पर कहीं ज्यादा राजनीतिक और कूटनीतिक हलचल देखने को मिलती।

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भारतीय नाविकों की मौत पर उठे सवाल| Oman Ship Attack

डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि होर्मुज के पास एक टैंकर पर हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय क्रू सदस्यों की मौत हुई, लेकिन इस घटना को वह अंतरराष्ट्रीय ध्यान नहीं मिला जिसकी उम्मीद की जा रही थी। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि अगर किसी हमले में तीन अमेरिकी व्यापारी नाविक मारे गए होते, तो अमेरिका में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता था।

चेलानी ने यह भी सवाल उठाया कि भारतीय नागरिकों की जान जाने जैसी गंभीर घटनाओं पर वैश्विक मीडिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर क्यों रही।

एक सप्ताह में कई घटनाएं

विशेषज्ञ के अनुसार, यह कोई अकेली घटना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इसी सप्ताह भारतीय नाविकों से जुड़े टैंकरों को निशाना बनाए जाने की यह तीसरी घटना थी। उनके मुताबिक, सोमवार को ओमान की खाड़ी में एक टैंकर पर अमेरिकी नौसेना के एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने प्रिसिजन-गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल किया था। इस घटना के बाद ओमान के अधिकारियों को जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकालना पड़ा।

इसके बाद गुरुवार को भी ओमान तट के पास एक अन्य टैंकर के इंजन रूम पर कथित तौर पर दो हेलफायर मिसाइलें दागी गईं। हमले के बाद जहाज में आग लग गई, हालांकि इस घटना में मौजूद सभी 20 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित बचा लिए गए।

समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिने जाते हैं। हर दिन बड़ी संख्या में तेल और अन्य जरूरी सामान लेकर जहाज इस मार्ग से गुजरते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर वहां काम कर रहे हजारों नाविकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। भारत के बड़ी संख्या में नागरिक वैश्विक शिपिंग इंडस्ट्री में कार्यरत हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं भारत के लिए चिंता का विषय बनना स्वाभाविक है।

सरकार और वैश्विक समुदाय से जवाब की उम्मीद

चेलानी की टिप्पणी के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के दौरान व्यापारिक जहाजों और नागरिक नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है। साथ ही यह बहस भी तेज हो गई है कि वैश्विक शक्तियों को ऐसे मामलों में कितनी जवाबदेही निभानी चाहिए।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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