ट्रंप के युद्धविराम ऐलान के बाद नेतन्याहू का सख्त संदेश, बोले- हमले नहीं रुके तो बेरूत बनेगा निशाना| Israel Lebanon Ceasefire 

Nandani | Nedrick News Iran Published: 02 Jun 2026, 08:29 AM | Updated: 02 Jun 2026, 08:29 AM

Israel Lebanon Ceasefire: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा किए जाने के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। नेतन्याहू ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि हिजबुल्लाह उत्तरी इजराइल पर अपने हमले नहीं रोकता है, तो इजराइल बेरूत में मौजूद उसके ठिकानों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने दावा किया था कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव कम करने को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य टकराव से दूर रहने पर सहमत हुए हैं। हालांकि नेतन्याहू के बयान से स्पष्ट हो गया है कि इजराइल अपनी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

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ट्रंप से बातचीत का किया जिक्र| Israel Lebanon Ceasefire

हिब्रू भाषा में जारी अपने बयान में नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से सीधे बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्पष्ट रूप से बताया कि यदि हिजबुल्लाह की ओर से इजराइली शहरों और नागरिकों पर हमले जारी रहते हैं तो इजराइल बेरूत में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई करेगा।

नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत का मतलब यह नहीं है कि इजराइली सेना अपने अभियान रोक देगी। उनके अनुसार, दक्षिणी लेबनान में इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) का अभियान पहले से तय योजना के मुताबिक जारी रहेगा।

युद्धविराम को लेकर अलग-अलग संकेत

ट्रंप द्वारा युद्धविराम की घोषणा किए जाने के बाद भी हालात पूरी तरह साफ नहीं हैं। वॉशिंगटन, यरुशलम, बेरूत और हिजबुल्लाह की ओर से अलग-अलग संकेत सामने आ रहे हैं, जिससे इस अस्थायी समझौते की वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप की घोषणा और नेतन्याहू की प्रतिक्रिया के बीच करीब दो घंटे का अंतर इस बात की ओर इशारा करता है कि यह समझौता अमेरिकी प्रशासन के दबाव में आगे बढ़ा। इससे पहले इजराइल बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी कर चुका था और हिजबुल्लाह के खिलाफ अभियान तेज करने की बात कह रहा था।

ट्रंप ने किया बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि उनकी नेतन्याहू के साथ बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है और इसके बाद बेरूत में सेना भेजने की योजना रोक दी गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि लेबनान की राजधानी की ओर बढ़ रही सैन्य इकाइयों को वापस लौटने का आदेश दिया गया है। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि हिजबुल्लाह ने भी विभिन्न कूटनीतिक माध्यमों से संघर्ष विराम पर सहमति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले रोकने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि जमीन पर हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।

हजारों परिवारों पर संकट

पिछले कुछ हफ्तों में इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच बढ़े तनाव का सबसे ज्यादा असर लेबनान के आम नागरिकों पर पड़ा है। इजराइली चेतावनियों और सैन्य अभियानों के चलते बेरूत के दक्षिणी इलाकों और दक्षिणी लेबनान से हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।

लगातार हमलों और असुरक्षा के माहौल ने लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई इलाकों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

अमेरिका-ईरान संबंधों पर भी असर

इस पूरे घटनाक्रम का असर अमेरिका और ईरान के संबंधों पर भी दिखाई दे रहा है। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में जारी सैन्य कार्रवाई के बाद तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ चल रहे कुछ कूटनीतिक संपर्कों को रोक दिया है।

ईरान का आरोप है कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियां शांति प्रयासों को कमजोर कर रही हैं। वहीं अमेरिकी प्रशासन लगातार यह संकेत दे रहा है कि वह कूटनीतिक समाधान के लिए बातचीत जारी रखना चाहता है।

ट्रंप के बयानों ने बढ़ाई उलझन

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत को लेकर कुछ ही समय के अंतराल में अलग-अलग बयान दिए। पहले उन्होंने कहा कि उन्हें राजनयिक संपर्कों के बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है और यदि बातचीत रुकती है तो भी उन्हें चिंता नहीं है।

लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ वार्ता तेजी से आगे बढ़ रही है। ट्रंप के इन विरोधाभासी बयानों ने क्षेत्रीय कूटनीति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

तनाव कम हुआ, लेकिन संकट टला नहीं

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल संघर्ष में थोड़ी नरमी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन मूल विवाद अभी भी जस का तस बना हुआ है। इजराइल उत्तरी सीमा के पास हिजबुल्लाह की मौजूदगी को सुरक्षा के लिए खतरा मानता है, जबकि हिजबुल्लाह खुद को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन का अहम हिस्सा बताता है।

ऐसे में युद्धविराम की यह कोशिश फिलहाल राहत देने वाली जरूर है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होने जा रही है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के कदम ही तय करेंगे कि यह संघर्ष शांत होता है या फिर एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का रूप लेता है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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