सियासी दंगल से लेकर बीच सड़क पर शर्मनाक वारदात तक, इन खबरों ने उड़ाए होश | Top 5 Punjab News

Rajni | Nedrick News Punjab Published: 28 May 2026, 11:10 AM | Updated: 28 May 2026, 11:10 AM

Top 5 Punjab News: पंजाब की सियासी तपिश से लेकर क्राइम और एंटरटेनमेंट जगत की हलचल तक, सूबे की 5 सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबरों में पहली खबर पंजाब निकाय चुनाव के रण में सरेआम खूनी खेल की है, जहां रायकोट में कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह पर तलवारों से जानलेवा हमला हुआ। दूसरी खबर 2027 के महादंगल से पहले पंजाब की सियासत में बीजेपी के सबसे बड़े मास्टरस्ट्रोक की है, जिसने कद्दावर जाट सिख चेहरा केवल सिंह ढिल्लों को कप्तानी सौंपी है।

वहीं तीसरी खबर सुरक्षा को ठेंगा दिखाकर जेलों के अंदर से फिर चले बड़े नेटवर्क की है, जहां कपूरथला और फरीदकोट सेंट्रल जेलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान मोबाइल और हथियारों की बड़ी खेप बरामद हुई। चौथी खबर में गुंडागर्दी और बेखौफ बदमाशों की हद पार देखने को मिली, जहां बीच सड़क पर पति को बेरहमी से पीटा गया और बचाने आई पत्नी को दुकान में खींचकर अश्लील हरकतें की गईं।

पांचवीं खबर मनोरंजन जगत से है, जहां मशहूर पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा का नया ब्लॉकबस्टर गाना ‘जोगी’ यूट्यूब से अचानक डिलीट होने से खलबली मच गई है। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी बड़ी खबरों को विस्तार से जानते हैं, लेकिन सबसे पहले रुख करते हैं पंजाब निकाय चुनाव में हुई इस हिंसक वारदात की तरफ।

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पंजाब निकाय चुनाव के दौरान हुई सियासत की एक झलक

पंजाब से पहली खबर नगर निकाय चुनाव की, जिस पर पूरे पंजाब की नजरें टिकी हुई है। इतिहास गवाह है कि  जब-जब चुनाव का बिगुल बजा है, चुनावी रण में सियासत की तपिश और बढ़ गई है। इस चुनावी दंगल में जनता को लुभाने और अपने पाले में करने के लिए तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। तो चलिए जानते है कि पंजाब निकाय चुनाव के दौरान क्या-क्या हुआ।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि पंजाब नगर निकाय चुनावों के दौरान राज्य की सियासत में जबरदस्त राजनीतिक घमासान, हिंसक झड़पें और गंभीर आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले हैं। इन चुनावों को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव का ‘लिटमस टेस्ट’ माना जा रहा है, यही वजह है कि सत्ताधारी ‘आप’ (AAP) समेत कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

इस बार पंजाब सरकार द्वारा निकाय चुनाव ईवीएम (EVM) की जगह बैलेट पेपर से कराने के फैसले पर जमकर सियासत हुई। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी चुनाव ‘लूटने’ और धांधली करने के लिए मतपत्रों का सहारा ले रही है। हालांकि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा, लेकिन अदालत ने ऐन वक्त पर चुनाव प्रक्रिया में दखल देने से इनकार कर दिया।

वहीं गिद्दड़बाहा, मजीठा, पट्टी और मोगा जैसे इलाकों में विपक्षी दलों ने सत्ताधारी दल पर बूथ कब्जाने और डराने-धमकाने के सीधे आरोप लगाए। मोगा में दूसरे के नाम पर फर्जी वोटिंग को लेकर भारी हंगामा हुआ, हालांकि राज्य चुनाव आयोग ने बूथ कैप्चरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

‘डेली पायनियर’ और ‘टीवी9 पंजाब’ की रिपोर्ट्स के अनुसार, रायकोट में कांग्रेस प्रत्याशी जगदेव सिंह जग्गा पर तलवारों से जानलेवा हमला हुआ। इसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान सरकार को घेरते हुए कहा कि ‘पंजाब में जंगलराज है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है’। पलटवार करते हुए ‘आप’ नेताओं ने कांग्रेस पर ही माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया और इसे पुरानी रंजिश का नतीजा बताया।

सियासी गर्मी यहीं शांत नहीं हुई, पटियाला के समाना में दो गुटों के बीच भारी पथराव हुआ, जिसे रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा एके-47 से हवाई फायरिंग करने का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद विपक्ष ने पुलिस पर सत्तापक्ष के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उधर, फरीदकोट में भी भाजपा नेता सनी ब्रार और ‘आप’ विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। ‘आप’ विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाने के लिए सेना के वाहन का इस्तेमाल कर रही है, जबकि भाजपा ने सफाई दी कि सैन्य छावनी के मतदाता भीषण गर्मी के कारण खुद उस गाड़ी से आए थे।

बता दें कि 26 मई को पंजाब के 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों समेत कुल 105 शहरों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है, जिसमें कुल 63.94% वोटिंग दर्ज की गई। रायकोट के अलावा समाना, मोगा, खन्ना और फरीदकोट जैसी जगहों से भी झड़पों, पथराव और फर्जी वोटिंग की खबरें आईं। अब देखना ये होगा कि जीत की गेंद किसके पाले में गिरेगी? इसका फैसला 29 मई 2026 को आने वाले चुनावी नतीजों के बाद ही साफ हो पाएगा।

बीजेपी ने चला अपना सबसे बड़ा दांव (Top 5 Punjab News)

दूसरी खबर पंजाब के सियासी गलियारों से है, जहां मिशन 2027 के लिए बीजेपी ने अपना सबसे बड़ा दांव चल दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेलते हुए कद्दावर जाट सिख नेता केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया ‘कप्तान’ नियुक्त कर दिया है। इसे सुनील जाखड़ के कार्यकाल के बाद, राज्य में ग्रामीण और सिख वोट बैंक को अपने पाले में करने की भाजपा की सबसे बड़ी बिसात माना जा रहा है।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पार्टी ने कद्दावर जाट सिख चेहरा केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी नितिन नबीन द्वारा घोषित किए गए इस फैसले को राज्य में पार्टी का एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है। दरअसल, निवर्तमान अध्यक्ष सुनील जाखड़ का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, आरएसएस (RSS) और पार्टी आलाकमान की आपसी सहमति से ढिल्लों के नाम पर मुहर लगाई गई है।

इस फैसले के पीछे भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है। दरअसल, भाजपा पर पारंपरिक रूप से शहरी-हिंदू केंद्रित पार्टी होने का ठप्पा रहा है। ऐसे में 2027 के चुनावी दंगल से पहले एक बड़े जाट सिख नेता को कमान सौंपकर पार्टी ने ग्रामीण पंजाब और सिख समुदाय में अपनी पैठ मजबूत करने का दांव चला है।

इसके अलावा पंजाब की सत्ता का रास्ता ‘मालवा’ क्षेत्र से होकर गुजरता है और केवल ढिल्लों बरनाला से ताल्लुक रखते हैं, जिससे मालवा बेल्ट में उनका अच्छा-खासा सियासी रसूख है। साथ ही, ढिल्लों को पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का बेहद करीबी और वफादार माना जाता है, जिससे कैप्टन के पुराने वोट बैंक और समर्थकों को भाजपा के पाले में लाने में बड़ी मदद मिलेगी।

अगर उनके राजनीतिक सफर पर नजर डालें, तो साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा बरनाला से उनका टिकट काटे जाने के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली थी। पंजाब में कांग्रेस की हार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के पार्टी छोड़ने के बाद, केवल सिंह ढिल्लों ने 4 जून 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद पार्टी ने उन्हें 2022 के संगरूर लोकसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया। भले ही वह वह चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का उन पर भरोसा लगातार बढ़ता गया और उन्हें पंजाब भाजपा का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।

अब, अपनी इसी संगठनात्मक क्षमता और सिख समुदाय में स्वीकार्यता के चलते उन्हें पंजाब भाजपा अध्यक्ष की यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। कमान संभालते ही ढिल्लों ने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि आने वाले समय में पंजाब में भी कमल खिलेगा और 2027 में भाजपा अपनी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी।

थ्री-लेयर सुरक्षा के बावजूद तलाशी के दौरान सामान बरामद

तीसरी बड़ी खबर पंजाब के जेल महकमे से है, जहां सूबे की सेंट्रल जेलें एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। जेलों की थ्री-लेयर सुरक्षा को ठेंगा दिखाते हुए बैरकों के अंदर से तलाशी के दौरान भारी मात्रा में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया है। इस ताज़ा बरामदगी ने जेल प्रशासन के दावों और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब की सेंट्रल जेलें एक बार फिर सुर्खियों में हैं, जहां कैदियों के पास से प्रतिबंधित सामान मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला कपूरथला और फरीदकोट की सेंट्रल जेल से सामने आया है, जिसने जेल प्रशासन की सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।

कपूरथला सेंट्रल जेल में कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद जब भारी पुलिस बल ने बैरकों में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो वहां से न सिर्फ मोबाइल फोन बल्कि लोहे की छड़ें और लाठियां भी बरामद हुईं। वहीं, फरीदकोट और अमृतसर सेंट्रल जेल में भी औचक निरीक्षण के दौरान बैरकों से कई कीपैड और टचस्क्रीन स्मार्टफोन के साथ एक्टिव सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

सवाल यह उठता है कि थ्री-लेयर सिक्योरिटी और जैमर होने के बावजूद कैदियों की कोठरियों तक यह सामान कैसे पहुंच रहा है? विपक्ष का आरोप है कि जेल के अंदर से ही अपराधियों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जहां से फिरौती और धमकियों का खेल चल रहा है। फिलहाल, जेल प्रशासन ने आरोपी कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर इस सुरक्षा चूक के पीछे कौन शामिल है।

बदमाशों ने पति को बेरहमी से घेरकर पीटा और पत्नी से की अश्लील हरकतें

पंजाब से चौथी खबर गुंडागर्दी और बेखौफ बदमाशों की एक ऐसी हैरान कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सरेराह एक पति को बेरहमी से घेरकर पीटा गया और जब अपनी सुहाग की रक्षा के लिए पत्नी आगे आई, तो बदमाशों ने मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए उसे दुकान में खींच लिया और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं।

मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि यह दिल दहला देने वाली घटना इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और स्थानीय लोगों के सामने हुई। पीड़ित दंपत्ति जब बाजार से गुजर रहा था, तभी घात लगाकर बैठे कुछ दबंगों ने उन्हें घेर लिया। पुरानी रंजिश या आपसी विवाद के चलते बदमाशों ने पति पर लाठियों और घूसों से हमला कर दिया।

बीच सड़क पर पति को लहूलुहान होता देख जब पत्नी उसे बचाने के लिए गुहार लगाने लगी, तो बदमाशों का दिल नहीं पसीजा। उलटा, आरोपियों ने महिला को जबरन घसीटते हुए पास की एक दुकान के भीतर खींच लिया। वहां महिला के साथ न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश और सरेआम छेड़खानी जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गंभीर धाराओं (जैसे- मारपीट, दंगा फसाद और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना/छेड़छाड़) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर छापेमारी शुरू कर दी है।

इस खौफनाक वारदात ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि खाकी इन बेखौफ गुंडों पर कब तक शिकंजा कसती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।

फिर विवादों में सुनंदा शर्मा, यूट्यूब डिलीट हुआ गाना (Top 5 Punjab News)

मनोरंजन जगत से इस वक्त की पांचवी बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। मशहूर पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा एक बार फिर विवादों और सुर्खियों में आ गई हैं। उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर रिलीज हुए नए ब्लॉकबस्टर गाने ‘जोगी’ को यूट्यूब ने अचानक अपने प्लेटफॉर्म से डिलीट यानी हटा दिया है। इस गाने के हटते ही सोशल मीडिया पर कयासों का दौर शुरू हो गया है और उनके फैंस को एक बड़ा झटका लगा है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, सुनंदा शर्मा ने हाल ही में अपना नया सिंगल गाना ‘जोगी’ रिलीज किया था, जिसने कुछ ही दिनों में 18 लाख से ज्यादा व्यूज हासिल कर यूट्यूब पर धूम मचा दी थी। लेकिन कॉपीराइट स्ट्राइक और फर्जी दस्तावेजों के एक आपसी विवाद के चलते यूट्यूब ने इस पर तुरंत कार्रवाई की है।

गाना हटने के बाद मचे बवाल को देखते हुए सुनंदा शर्मा ने खुद सोशल मीडिया पर आकर अपने फैंस के सामने पूरा सच साझा किया है। अपने खुद के नए म्यूजिक लेबल पर काम कर रहीं सुनंदा ने बताया कि इस गाने को ‘राजा’ ने लिखा था और इसका म्यूजिक ‘एडन’ ने तैयार किया था।

सुनंदा शर्मा के मुताबिक, गीतकार राजा के पुराने प्रमोटर्स ने फर्जी दस्तावेजों (Fake Documents) का इस्तेमाल करके यूट्यूब पर कॉपीराइट का झूठा दावा ठोक दिया, जिसकी वजह से गाना फिलहाल के लिए होल्ड पर चला गया है। उन्होंने अपने फैंस को आश्वस्त किया है कि वह कानूनी तौर पर इसका जवाब दे रही हैं और बहुत जल्द ‘जोगी’ सॉन्ग यूट्यूब पर वापस लौट आएगा।

सुनंदा ने सोशल मीडिया पर उड़ रही उन अफवाहों को भी खारिज कर दिया है, जिसमें कहा जा रहा था कि उनके कई पुराने गाने डिलीट हो गए हैं। उन्होंने साफ किया कि सिर्फ उनका यह नया गाना ही प्रभावित हुआ है। इस घटना के बाद सुनंदा ने बाकी कलाकारों को भी नसीहत दी है कि कोई भी बिजनेस डील करते वक्त कागजी कार्रवाई को हमेशा पुख्ता रखें ताकि कोई आपका रास्ता न रोक सके। अब देखना यह होगा कि सुनंदा का यह बहुचर्चित गाना यूट्यूब पर दोबारा कब तक वापसी करता है।

Top 5 Punjab News इस बात की गवाह हैं कि राज्य इस वक्त एक बेहद संवेदनशील और बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां निकाय चुनावों में हुई हिंसक झड़पें और सरेआम दंपत्ति के साथ हुई गुंडागर्दी सूबे की चरमराती कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, वहीं दूसरी तरफ जेलों के भीतर से लगातार मिल रहे मोबाइल और हथियार इस बात का सबूत हैं कि अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभी प्रशासन को और सख्त कदम उठाने होंगे।

वहीं बीजेपी द्वारा केवल सिंह ढिल्लों को कमान सौंपना यह साफ करता है कि 2027 का चुनावी दंगल बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय होने वाला है, जिसकी पहली परीक्षा 29 मई को आने वाले निकाय चुनाव के नतीजों से तय हो जाएगी।

इन सबके बीच मनोरंजन जगत में सुनंदा शर्मा जैसे स्थापित कलाकारों के साथ होने वाले डिजिटल और कानूनी विवाद यह सीख देते हैं कि आज के दौर में पारदर्शिता और पुख्ता कागजी कार्रवाई कितनी जरूरी है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन इन आपराधिक चुनौतियों से कैसे निपटता है और पंजाब की जनता 2027 के इस ‘लिटमस टेस्ट’ में किस राजनीतिक दल पर अपना भरोसा जताती है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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