Bollywood LGBTQ Films: समय के साथ भारतीय फिल्मों का दायरा भी बढ़ रहा है.. वहीं लोगो की सोच के आधार पर फिल्मो का अंदाज भी चेंज हो रहा है.. भक्ति फिल्मों से लेकर घरेलू हिंसा तक के मामलों तक…. प्यार में पड़ने से लेकर जागरूकता तक… भारतीय सिनेमा असल में समाज वो आईना है जो सबसे ज्यादा अहम रोल निभा रही है समाज के भटकते लोगो को सही रास्ते पर ले जाने में तो वहीं बहुत से इससे भटक भी रहे है..लेकिन अच्छी बात ये है कि यहीं फिल्में अब ऐसे मुद्दों को भी खुद कर उठा रही है जिस पर बात करना हमारे समाज में घृणित नजरो से देखा जाता है।
जिसमें एक मुद्दा है समलैंगिक रिश्तो का.. एलजीबीटीक्यू ( LGBTQ)…एक ऐसा टॉपिक है, जिस पर आज भी कानूनी दायरे में लाने पर बहस चल रही है.. लंबी लड़ाई लड़ने के बाद भी भारत में भले ही कानूनन इसे मान्यता न मिली हो..लेकिन भारत की फिल्मो ने इसे खूबसूरती से ग्लोरिफाई किया है.. उन्होंने साबित किया है कि प्यार तो केवल प्यार होता है जो जेंडर के दायरे में नहीं बंध सका। जिसके कारण कहीं न कहीं समाज के लोगो की भी सोच में बदलाव आया है। अपने इस लेख में हम समलैंगिक रिश्ते पर बनी कुछ ऐसी ही फिल्मों के बारे में जानेंगे।
फिल्म Fire दो महिलाओ की कहानी
1, सबसे पहले हम बात करेंगे एक ऐसी फिल्म की… जो आज नहीं बल्कि 1996 में ही बनी थी.. ये फिल्म थी दीपा मेहता द्वारा निर्देशित फायर… फायर…एक ऐसी फिल्म है जिसमें शबाना आजमी और नंदिता दास मुख्य भूमिका में होती है… ये दो ऐसी महिलाओ की कहानी है जो अपने अपने पति की बेवफाई के कारण दुत्कारी हुई है और देवरानी जेठानी है। लेकिन कैसे पतियों की उदासीनता दोनो को एक दूसरे के करीब ले आती है। इसकी कहानी को बड़ी खूबसूरती से उतारा है।
दीपा मेहता ने.. हालांकि ये एक्पेरिमेंट था। लेकिन दाद देनी पड़ेगी दीपा मेहता, शबाना आजमी और नंदिता दास की.. जिन्होंने ऐसे समय पर इस मुद्दे को उठाया जब इस मुद्दे पर कोई चर्चा भी नहीं करना चाहता था, फिल्म के रीलिज के बाद ये 3 हफ्ते तक तो हाउसफुल रहा था लेकिन उसके बाद शिवसेना ने काफी हंगामा कर दिया जिससे बिजनस पर भी इफेक्ट पड़ा, जिससे फिल्म भारत में नहीं चली, लेकिन विदेशों में पसंद की गई। हालांकि उसके बाद ये मुद्दा एक राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया।
साल 2004 में आई फिल्म ‘गर्लफ्रेंड
2, अब बात करते है गर्लफ्रेंड- साल 2004 में आई फिल्म ‘गर्लफ्रेंड’ 2004 की सबसे विवादित फिल्मों में से एक थी। समलैंगिक रिश्तों पर बनी इस फिल्म में ईशा कोप्पिकर, अमृता अरोरा और आशीष चौधरी मुख्य भूमिका में थे। फिल्म गर्लफ्रेंड दो ऐसी लड़कियो की कहानी है जिन्हें एक दूसरे से प्यार होता है लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब किसी एक को एक लड़के से प्यार हो जाता है। फिल्म में समलैंगिक रिश्ते में जो अंतरंग सीन दिखाये गए है। वो काफी विवादित रहे थे।
कहा तो ये भी जाता है कि इस फिल्म को देखने के बाद अमृता के माता पिता गुस्से में आधी फिल्म छोड़ कर थियेटर से चले गए थे। इस फिल्म का काफी विरोध हुआ और कई समलैंगिक जोड़ो ने आरोप लगाया कि इस फिल्म में समलैंगिक प्रेम को सामान्य बनाने के बजाय नकारात्मक, जूनूनी दिखाया गया है। अमृता अरोड़ा ने कहा था कि ये फिल्म जैसी दिखनी चाहिए थी, वैसी बनी ही नहीं.. उन्हें इस फिल्म से काफी निराशा हुई थी। हालांकि फिल्म तमाम विवादों के बाद भी नहीं चली।
3, फिल्म आईना – Aaina
2019 की एसी फिल्म जिसमें एक ऐसी लड़की की कहानी दिखाई गई.. जो मन से समलैंगिक होती है लेकिन समाज के डर से काफी समय तक अपने मन की असुविधा छिपाये रखती है.. ये फिल्म आईना है उन लोगो के लिए… जो समाज के डर से अपनी पहचान को छिपाये रखते है और अपने पार्टनर के साथ हमेशा धोखे जैसा महसूस करते है। इस फिल्म में सोनम कपूर, रेजिना कैसेंड्रा के बीच कैसे प्यार होता है.. और कैसे परिवार की खुशी के लिए सोनम कपूर एक लड़के से रिश्ते के लिए मान जाती है।
भले ही ये एक रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, लेकिन समलैंगिक रिश्ते में कैसे परिवार की स्वीकृति लेने में जो ताना बाना बुना जाता है..,.उसे खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है। 2019 में इस फिल्म का आना कहीं न कहीं मील का पत्थर भी साबित हुआ.. क्योंकि कोर्ट में लगातार समलैंगिक रिश्तों पर बहस जारी थी.. फिल्म ने अच्छा काम किया और लोगों को ये फिल्म पसंद भी आई।
शीर कोरमा – Sheer Qorma
4- शीर कोरमा- साल 2021 की एक ऐसी फिल्म जो एक मुस्लिम परिवार में दो समलैंगिक जोड़े के इर्द गिर्द घूमती है। फिल्म में स्वरा भास्कर, शबाना आजमी औऱ दिव्या दत्ता मुख्य भूमिका में है। इस फिल्म को फराज आरिफ अंसारी ने निर्देशित किया है, 34वें कनेक्टिकट एलजीबीटी (LGBT) फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट शॉर्ट फिल्म, ऑडियंस अवॉर्ड जीतने वाली शीर कोरमा वैसे तो एक शॉर्ट फिल्म है, लेकिन फिल्म को अभी तक भारत में रीलिज ही नहीं किया गया है। लेकिन ये फिल्म समलैगिंक रिश्तो पर परिवार वालो की क्या सोच होती है.. क्या उधेड़बुन होती है.. उसकी कहानी को बखूबी दर्शाया गया है।
The Anthology Film Ajeeb Daastaans
गीली पुच्ची- कोंकणा सेन शर्मा और आदिति राव हैदरी अभिनीत गीली पुच्ची साल 2021 में आई समलैंगिक रिश्तों पर आधारी फिल्म है। नीरज घायवान द्वारा निर्देशित ये फिल्म एक ऐसे रिश्ते की कहानी है जो अपने सहकर्मी के साथ अलग और जटिल भावनायें महसूस करती है.. ये फिल्म 2021 में हिंदी भाषा की एंथोलॉजी फिल्म अजीब दास्तां का तीसरा पार्ट है… उंची नीची जाति के उधेड़बुन में बंधी दो औरते… जो कैसे आकर्षित हो जाती है.. उसकी ही कहानी है गीली पुच्ची।
द पिंक मिरर – The Pink Mirror
इसके अलावा आई द पिंक मिरर 2003 में, द वर्ल्ड अनसीन 2007 में, आई कांट थिंक स्ट्रेट, 2008 में, मार्गग्रिटा विद अ स्ट्रॉ 2014 में, शाम की परछाइयां 2018 में, बधाई दो 2022 में, शुभ मंगल ज्यादा सावधान, जैसी अनगिनत फिल्में है जो समलैंगिक रिश्तों पर आधारित फिल्में है।




























