Tamil Nadu politics: तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay के नेतृत्व वाली Tamilaga Vettri Kazhagam सरकार का पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया गया है। इस विस्तार के बाद राज्य की सियासत में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं। नई सरकार में कुल 23 नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें टीवीके के 21 विधायक और कांग्रेस के 2 विधायक शामिल हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के साथ ही विजय सरकार का मंत्रिमंडल और मजबूत हो गया है और अब इसे गठबंधन सरकार के रूप में देखा जा रहा है।
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सहयोगी दलों को फिलहाल इंतजार, लेकिन दरवाजा खुला| Tamil Nadu politics
हालांकि इस विस्तार में दो अहम सहयोगी दल Indian Union Muslim League और Viduthalai Chiruthaigal Katchi को अभी शामिल नहीं किया गया है। इन दोनों दलों के पास 2-2 विधायक हैं और सरकार के बहुमत में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। सूत्रों के मुताबिक, IUML और VCK के लिए कैबिनेट में एक-एक पद पहले से आरक्षित रखा गया है, लेकिन अभी तक उन्होंने अपने मंत्रियों के नाम तय नहीं किए हैं। माना जा रहा है कि आने वाले चरण में इन दोनों दलों को भी सरकार में शामिल किया जाएगा।
गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश
टीवीके नेतृत्व लगातार कोशिश कर रहा है कि उसके सभी सहयोगी दल Communist Party of India, Communist Party of India (Marxist), VCK और IUML औपचारिक रूप से सरकार का हिस्सा बनें। फिलहाल ये दल बाहर से समर्थन दे रहे हैं, लेकिन सरकार में सीधे शामिल नहीं हुए हैं। तमिलनाडु के लोक निर्माण और खेल मंत्री आधव अर्जुन ने भी संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री की यही इच्छा है कि सभी सहयोगी दल सरकार का हिस्सा बनें। उन्होंने कहा कि “यह मुख्यमंत्री का सपना भी है और उम्मीद है जल्द अच्छी खबर आएगी।”
कैबिनेट का विस्तार और शक्ति संतुलन
मुख्यमंत्री विजय ने 10 मई को अपने पहले कार्यकाल में 9 मंत्रियों के साथ शपथ ली थी। राज्य के नियमों के मुताबिक कैबिनेट में अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं। ताजा विस्तार के बाद अब मंत्रियों की कुल संख्या 32 पहुंच गई है। यानी अभी भी 3 पद खाली हैं, जिन पर आगे सहयोगी दलों को जगह मिलने की संभावना है। इस कदम को राजनीतिक विश्लेषक एक रणनीतिक विस्तार के तौर पर देख रहे हैं, जिसमें सरकार अपने सहयोगियों को धीरे-धीरे साथ जोड़कर संतुलन साधने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसी
इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर यह भी है कि कांग्रेस ने लगभग छह दशक बाद Indian National Congress के जरिए तमिलनाडु सरकार में वापसी की है। कांग्रेस के दो विधायक राजेश कुमार और तिरु पी. विश्वनाथन को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। यह ऐतिहासिक इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि 1967 के बाद पहली बार कांग्रेस राज्य सरकार का हिस्सा बनी है।
गौरतलब है कि 1967 में सीएन अन्नादुरई के नेतृत्व में डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। तब से लेकर अब तक कांग्रेस राज्य में विपक्ष की भूमिका में ही रही। अब विजय सरकार में शामिल होकर पार्टी ने एक बार फिर सत्ता में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
आगे की राजनीति पर नजर
तमिलनाडु की यह नई राजनीतिक तस्वीर आने वाले समय में और भी दिलचस्प हो सकती है। जहां एक तरफ टीवीके सरकार अपने सहयोगियों को साथ जोड़कर मजबूत गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खाली बची सीटों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ मंत्रिमंडल का नहीं, बल्कि आने वाले दिनों की सत्ता समीकरणों का संकेत भी है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि IUML और VCK कब और कैसे सरकार में औपचारिक रूप से शामिल होते हैं और राज्य की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।



























