MP Satna Factory Blast News: मध्य प्रदेश के सतना जिले में सोमवार रात एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हो गया। अमरपाटन रोड स्थित विद्याश्री सॉल्वेंट प्लांट में अचानक बॉयलर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे प्लांट में भीषण आग फैल गई। हादसे में एक कर्मचारी की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए परिजनों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।
धमाके के बाद मची भगदड़| MP Satna Factory Blast News
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, प्लांट में रोज की तरह काम चल रहा था। देर रात अचानक बॉयलर में तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोग भी घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
धमाके के बाद प्लांट में मौजूद कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन मशीन ऑपरेटर दिलावर सिंह उर्फ पिंकू तिघरा आग की लपटों में फंस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई।
एक मजदूर गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में मन्नू केवट नाम का एक मजदूर भी गंभीर रूप से झुलस गया। आग की चपेट में आने से वह बुरी तरह घायल हो गया, जिसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से फैली आग
बताया जा रहा है कि प्लांट में धान की भूसी और अन्य ज्वलनशील रसायनों का भारी मात्रा में भंडारण किया गया था। बॉयलर फटने के बाद आग इन पदार्थों तक पहुंच गई, जिससे देखते ही देखते पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पास के रिहायशी इलाकों तक उसका असर दिखाई देने लगा। धुएं और आग की वजह से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। कई परिवार एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए।
घंटों बाद आग पर पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। देर रात तक रेस्क्यू और कूलिंग ऑपरेशन चलता रहा ताकि आग दोबारा न भड़क सके। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लिया गया। अधिकारियों ने आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।
परिजनों का हंगामा, सड़क पर लगाया जाम
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने सतना-अमरपाटन रोड पर चक्का जाम कर दिया और प्लांट प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का आरोप था कि प्लांट में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी की जा रही थी, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
हादसे की जांच शुरू
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर बॉयलर में तकनीकी खराबी को हादसे की वजह माना जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






























