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ट्रेन में सीट के नीचे कैसे पहुंच गया महिला का कटा हुआ शव? क्या अब ट्रेनों में भी सुरक्षित नहीं हैं लोग? | Lucknow Murder Case

Rajni | Nedrick News Lucknow Published: 18 May 2026, 06:31 AM | Updated: 18 May 2026, 06:31 AM

Lucknow Murder Case: क्रूरता की ऐसी खौफनाक वारदात, जिसने पूरे उत्तर प्रदेश को दहला दिया है! एक लावारिस बक्सा, कपड़ों से भरा बैग और एक बिना पहचान की शव । छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में मिला एक युवती का क्षत-विक्षत शव किसी सोची-समझी खौफनाक साजिश की गवाही दे रहा है । सबूत मिटाने के इरादे से महिला के शव को टुकड़ों में काटकर ट्रेन की सीट के नीचे छोड़ दिया गया था ।

बिना सिर के शव की शिनाख्त करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक का रूट रडार पर है । आखिर कौन है यह बेबस महिला और किसने चलती ट्रेन को बना दिया लाश ठिकाने लगाने का जरिया? जीआरपी की 3 टीमें अब इस खूनी राज से पर्दा उठाने के लिए 20 स्टेशनों के सीसीटीवी खंगाल रही हैं।

इस वारदात के बाद सवाल उठना तो लाजमी है कि क्या इतना आसान होता है ट्रेन में शव ले जाना, आखिर इसका जिम्मेदार कौन है? प्रशासन माफिया-अपराध को जड़ से उखाड़ ने का दम भरती है लेकिन क्या अपराध कम भी हुआ है? ट्रेन से सभी वर्ग के लोग लाखों लोग रोज यात्रा करते हैं। इतनी आबादी के बाद भी क्या अपराधियों के मन में प्रशासन का जरा सा भी खौफ नहीं है?

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क्या है पूरा मामला (Lucknow Murder Case)

मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि इस खौफनाक मामले का खुलासा तब हुआ जब बिहार के छपरा से चलकर ट्रेन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची।  ट्रेन के आखिरी स्टेशन पर रुकने के बाद जब सभी यात्री उतर गए, तब सफाई कर्मचारियों को स्लीपर कोच (S-1) की सीट के नीचे एक लावारिस भारी बक्सा और बैग मिला। जब बक्से पर खून के धब्बे दिखे और उसे खोला गया, तो उसके अंदर का मंजर देखकर हर कोई कांप उठा।

जांच में जुटी पुलिस

लखनऊ के चारबाग जीआरपी (GRP) और लखनऊ कमिश्नरेट की टीमें इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर रही हैं। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित मिश्रा के नेतृत्व में जांच को बहुत ही वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।

पुलिस  छपरा से लेकर लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन के बीच ट्रेन जिन 20 स्टेशनों पर रुकी, वहां के प्लेटफॉर्म और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस उस शख्स को ढूंढ रही है जो इतना भारी टिन का बक्सा और बड़ा कार्गो बैग लेकर S-1 कोच में चढ़ा था।

साथ ही जीआरपी की एक विशेष टीम S-1 कोच के उन यात्रियों की सूची (Reservation Chart) निकालकर फोन पर संपर्क कर रही है जिन्होंने उस रात सफर किया था। यात्रियों से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि किस स्टेशन पर किसी ने सीट के नीचे वह भारी बक्सा रखा था और उसका हुलिया कैसा था।

शुरुआती जांच (Lucknow Murder Case)

लखनऊ कमिश्नरेट की फोरेंसिक फील्ड यूनिट ने बक्से, बैग, पॉलिथीन और बोगी के उस हिस्से से उंगलियों के निशान (Fingerprints) और अन्य जैविक साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती पोस्टमार्टम अनुमानों के अनुसार, महिला की हत्या शव मिलने से करीब 10 से 12 घंटे पहले की गई थी। यानी हत्या ट्रेन में नहीं, बल्कि कहीं बाहर करके लाश को ट्रेन में केवल ठिकाने लगाने के लिए रखा गया था। महिला का सिर गायब होने के कारण चेहरा देखना असंभव है।

इसलिए पुलिस ने यूपी और बिहार के सभी थानों को अलर्ट कर पिछले 48 घंटों में गायब हुई 25 से 35 वर्ष की महिलाओं की ‘मिसिंग कंप्लेंट’ का डेटा मांगा है। इस केस को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए तीन अलग-अलग विशेष टीमें बनाई गई हैं। एक टीम तकनीकी सर्विलांस और मोबाइल टावर डंप डेटा पर काम कर रही है, दूसरी टीम ग्राउंड लेवल पर छपरा-गोरखपुर रूट के स्टेशनों का दौरा कर रही है, और तीसरी टीम शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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