फरक्का का असर खत्म करेंगे… बांग्लादेश ने पद्मा पर बनाया बड़ा प्लान! भारत से बिना चर्चा मंजूर किया बांध| Bangladesh Padma Dam

Nandani | Nedrick News Bangladesh Published: 14 May 2026, 04:47 PM | Updated: 14 May 2026, 04:47 PM

Bangladesh Padma Dam: भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर एक बार फिर नई हलचल शुरू हो गई है। बांग्लादेश सरकार ने पद्मा नदी पर एक विशाल बैराज परियोजना को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि ढाका ने साफ कहा है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर भारत से किसी तरह की चर्चा की जरूरत नहीं है। बांग्लादेश का दावा है कि इस परियोजना का मकसद भारत के फरक्का बैराज के “नकारात्मक प्रभाव” को कम करना है।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब 1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई गंगा जल बंटवारा संधि इसी साल दिसंबर में खत्म होने वाली है। अभी तक इस संधि को आगे बढ़ाने पर दोनों देशों के बीच अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। ऐसे में पद्मा बैराज प्रोजेक्ट को लेकर क्षेत्रीय राजनीति और जल कूटनीति दोनों पर चर्चा तेज हो गई है।

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तारिक रहमान सरकार ने दी मंजूरी| Bangladesh Padma Dam

बांग्लादेश की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति (ECNEC) ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण को मंजूरी दी। इस परियोजना पर करीब 34,497 करोड़ टका खर्च होने का अनुमान है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी अनी ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांग्लादेश की ओर पानी का भंडारण बढ़ाना है ताकि गंगा पर बने फरक्का बैराज के असर को कम किया जा सके।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरी तरह बांग्लादेश के राष्ट्रीय हित का मामला है और इसका भारत-बांग्लादेश की साझा नदियों के विवाद से सीधा संबंध नहीं है। मंत्री ने कहा कि गंगा जल को लेकर भारत के साथ बातचीत जारी रहेगी, लेकिन पद्मा बैराज के लिए अलग से चर्चा जरूरी नहीं समझी गई।

क्या है पद्मा बैराज प्रोजेक्ट?

यह परियोजना बांग्लादेश के लिए बेहद महत्वाकांक्षी मानी जा रही है। इसके तहत करीब 2.1 किलोमीटर लंबा मुख्य बैराज बनाया जाएगा। साथ ही इसमें 78 स्पिलवे, 18 अंडरस्लुइस, फिश पास, नेविगेशन लॉक और गाइड तटबंध जैसे कई बड़े ढांचे तैयार किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस प्रोजेक्ट से देश के लगभग 7 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। खुलना, ढाका, राजशाही और बारीसाल डिवीजन के 19 जिलों में सिंचाई और जल प्रबंधन की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके अलावा दो हाइड्रोपावर प्लांट भी लगाए जाएंगे जिनकी कुल क्षमता 113 मेगावाट होगी। बांग्लादेश का अनुमान है कि इससे हर साल करीब 8000 करोड़ टका का आर्थिक लाभ मिल सकता है।

आखिर फरक्का बैराज को लेकर विवाद क्यों?

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में गंगा नदी पर बना फरक्का बैराज भारत की महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल है। इसका निर्माण 1970 के दशक में कोलकाता पोर्ट में पानी का प्रवाह बनाए रखने के लिए किया गया था। बांग्लादेश लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि फरक्का बैराज की वजह से सूखे के मौसम में उसके हिस्से में पानी कम पहुंचता है। इससे खेती, नदी तंत्र और पर्यावरण पर असर पड़ता है। खासकर दक्षिण-पश्चिम बांग्लादेश में खारे पानी की समस्या बढ़ने की शिकायतें लगातार उठती रही हैं।

विशेषज्ञों ने जताई चिंता

हालांकि बांग्लादेश के भीतर भी इस परियोजना को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई पर्यावरण विशेषज्ञों और भूवैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह प्रोजेक्ट भविष्य में नई समस्याएं पैदा कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बैराज बनने से नदी में तलछट का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे डेल्टा क्षेत्र पर असर पड़ने की आशंका है। कुछ विशेषज्ञों ने पद्मा नदी के आसपास बाढ़ और कटाव का खतरा बढ़ने की भी बात कही है।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर पड़ सकता है असर

पद्मा बैराज प्रोजेक्ट ऐसे वक्त सामने आया है जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर अहम दौर से गुजर रहे हैं। जल बंटवारे का मामला पहले से संवेदनशील रहा है और अब इस नए कदम ने आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच बातचीत को और महत्वपूर्ण बना दिया है। फिलहाल नजर इस बात पर टिकी है कि दिसंबर में समाप्त हो रही गंगा जल संधि को लेकर दोनों देश क्या रुख अपनाते हैं और पद्मा बैराज परियोजना क्षेत्रीय राजनीति में कितना बड़ा मुद्दा बनती है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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