Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले की पांच बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण खबरें, जिन पर आज पूरे देश की नजर है। पहली खबर फिटनेस के शॉर्टकट से जुड़े एक भयानक नुकसान को लेकर है, जहां एक जिम ट्रेनर ने बॉडी बनाने के नाम पर युवक को 33 स्टेरॉयड इंजेक्शन दे दिए, जिससे उसके कूल्हे की हड्डी पूरी तरह खराब हो गई। दूसरी बड़ी खबर उन हजारों घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत की है, जिन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिछले 5 साल से अटका हुआ अपने ही घरों का कब्जा मिलना शुरू हो गया है।
तीसरी बड़ी खबर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी है, जहां बीती रात नंदग्राम में पुलिस और बदमाशों के बीच लाइव मुठभेड़ हुई और पैर में गोली लगने के बाद तीन शातिर अपराधियों को दबोच लिया गया। वहीं, चौथी खबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की, जिन्होंने एनडीआरएफ (NDRF) के जवानों के शौर्य को सलाम करते हुए उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान ‘प्रेसिडेंट कलर’ सौंपा।
गाजियाबाद पहुंचे इंदिरापुरम की गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी से है, जहां पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड और प्रबंधन की बड़ी लापरवाही का मामला अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच चुका है। तो चलिए इन सभी महत्वपूर्ण खबरों की इनसाइड स्टोरी और हर बारीक अपडेट को विस्तार से जानते हैं।
जिम का जानलेवा शॉर्टकट
गाजियाबाद से पहली खबर बॉडी बनाने के लालच में शॉर्टकट अपनाने से हुए नुकसान को लेकर है। क्या आप भी फिटनेस के लिए शॉर्टकट अपना रहे हैं? आज के दौर में फिटनेस का जुनून कभी-कभी जोखिम भरा साबित हो सकता है। बिना विशेषज्ञ की सलाह के स्टेरॉयड या सप्लीमेंट का उपयोग करना आपके शरीर को हमेशा के लिए नुकसान पहुँचा सकता है।
एक ताज़ा मामले में, गलत सप्लीमेंट और स्टेरॉयड के इस्तेमाल से एक युवक के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा और उसके कूल्हे की हड्डी गंभीर रूप से खराब हो गई। अपनी सेहत से खिलवाड़ न करें। प्रशासन ने इस मामले में आरोपी जिम संचालक के विरुद्ध जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना फिटनेस के प्रति जागरूक रहने वाले युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित ‘एएसआर फिटनेस जिम’ में कम समय में आकर्षक बॉडी और सिक्स एब्स बनाने का झांसा देकर एक युवक के साथ गंभीर धोखाधड़ी और सेहत से खिलवाड़ का मामला सामने आया है। न्याय खंड-तीन निवासी पीड़ित कमलकांत त्यागी उर्फ विक्की त्यागी को जिम संचालक व ट्रेनर गुलजार खान ने डेढ़ महीने के भीतर करीब 33 भारी डोज वाले खतरनाक स्टेरॉयड इंजेक्शन लगा दिए, जिसके बदले आरोपी ने पीड़ित से ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 80,000 ऐंठ लिए।
इन इंजेक्शनों के घातक साइड इफेक्ट के कारण कुछ ही महीनों में पीड़ित का चलना-फिरना दूभर हो गया और असहनीय दर्द के बाद हुई एमआरआई (MRI) जांच में डॉक्टरों ने खुलासा किया कि बिना डॉक्टरी सलाह के दिए गए इन स्टेरॉयड की वजह से युवक के कूल्हे की हड्डी (Hip Bone) पूरी तरह डेड यानी खराब हो चुकी है। इस दर्दनाक घटना और डॉक्टरों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंदिरापुरम थाना पुलिस ने आरोपी ट्रेनर गुलजार खान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर मामले की गहन कानूनी जांच शुरू कर दी है।
PMAY के 3,496 फ्लैटों का 5 साल लंबा इंतजार खत्म (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से अगली बड़ी खबर उन हजारों घर खरीदारों के लिए है, जो पिछले 5 साल से अपने ही आशियाने के लिए भटक रहे थे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट्स की रजिस्ट्री होने के बावजूद लोग कब्जे का इंतजार कर रहे थे। आखिरकार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण यानी जीडीए की सख्ती और प्रयास के बाद, अब 3,496 लाभार्थियों के घर का सपना पूरा होने जा रहा है। बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण अटके इन फ्लैटों का कब्जा देने की प्रक्रिया अब प्रशासन ने शुरू कर दी है। आइए जानते हैं क्या है पूरी रिपोर्ट।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्रताप विहार, मधुबन बापूधाम, निवाड़ी, नूरनगर और डासना में निर्मित 3,496 फ्लैटों का पांच साल लंबा इंतजार खत्म हो गया है और ईडब्ल्यूएस (EWS) लाभार्थियों को आशियाने का कब्जा मिलना शुरू हो गया है। दरअसल, आंतरिक निर्माण पूरा होने के बावजूद जल निगम, पीडब्ल्यूडी (PWD) और नगर निगम जैसी एजेंसियों की लापरवाही के चलते सड़क, सीवर, बिजली और पानी जैसे बाहरी विकास कार्य सालों से अधूरे पड़े थे।
आवंटियों की इस गंभीर परेशानी को देखते हुए जीडीए ने खुद अपने स्तर पर 17.62 करोड़ खर्च करके पानी की टंकी और पंप हाउस जैसे बुनियादी ढांचे को तैयार कराया है, जिसके बाद कुल 2239 आवंटित फ्लैटों के लाभार्थियों को कब्जा पत्र सौंपने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके साथ ही, प्राधिकरण ने सुस्त पड़े निजी विकासकर्ताओं (Private Developers) की 11 योजनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कई बिल्डरों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और अपने द्वारा खर्च की गई 17.62 करोड़ की राशि को वापस पाने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को रिपोर्ट भेजकर संबंधित विभागों से रिकवरी की मांग की है।
नंदग्राम में बदमाशों पर पुलिस का एक्शन
गाजियाबाद से तीसरी बड़ी खबर देर रात हुई पुलिस और बदमाशों के बीच सनसनीखेज मुठभेड़ को लेकर है। नंदग्राम थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से एक शातिर बदमाश घायल हो गया, जबकि उसके दो साथियों को घेराबंदी कर दबोच लिया गया। किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने निकले इन अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पुलिस ने इन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। चलिए जानते हैं क्या है पूरी वारदात।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में नंदग्राम थाना पुलिस ने बुधवार देर रात रोटरी गोल चक्कर के पास चेकिंग के दौरान हुई एक मुठभेड़ के बाद तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे इन अपराधियों ने जब खुद को पुलिस से घिरता देखा, तो जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक मुख्य बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा, जबकि उसके बाकी दो साथियों को भी पुलिस बल ने मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस ने घायल बदमाश को तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया है और आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अवैध तमंचा, कारतूस तथा मोटरसाइकिलें बरामद कर आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गाजियाबाद पहुंचे गृह मंत्री (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से चौथी बड़ी खबर देश की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ी है। देश की सबसे भरोसेमंद आपदा राहत फोर्स एनडीआरएफ (NDRF) के नाम आज एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है! केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज गाजियाबाद के कमला नेहरू नगर स्थित एनडीआरएफ (NDRF) की 8वीं बटालियन पहुंचे। यहां आयोजित समारोह में गृह मंत्री ने आपदा राहत के क्षेत्र में देश का नाम ऊंचा करने वाली एनडीआरएफ को राष्ट्रपति की ओर से सर्वोच्च सम्मान ‘प्रेसिडेंट कलर’ प्रदान किया। इस मौके पर गृह मंत्री ने देश को कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की सौगात भी दी। तो चलिए जानते हैं इस खास कार्यक्रम की पूरी रिपोर्ट।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री शाह आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (कमला नेहरू नगर) पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF)की 8वीं बटालियन में आयोजित ‘प्रेसिडेंट कलर अवार्ड’ (अंकरण समारोह) में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम में गृह मंत्री ने औपचारिक परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और देश की इस विशिष्ट आपदा राहत फोर्स को राष्ट्रपति की ओर से सर्वोच्च सम्मान ‘निशान’ (प्रेसिडेंट कलर) प्रदान किया।
इस दौरान उन्होंने परिसर में एक पौधा लगाया और देश में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र को नए शिखर पर ले जाने के लिए एनडीआरएफ के जवानों के शौर्य व राष्ट्र समर्पण की जमकर सराहना की। द एशियन नेट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, प्रेसिडेंट कलर (Nishaan) किसी भी सैन्य या अर्धसैनिक बल को उसकी असाधारण राष्ट्र सेवा, अनुशासन और पराक्रम के लिए दिया जाने वाला देश का सबसे बड़ा सम्मान है। इस ऐतिहासिक अलंकरण के बाद अब एनडीआरएफ के सभी अधिकारी अपनी वर्दी की बाईं आस्तीन (लेफ्ट स्लीव) पर गर्व के साथ इस विशेष प्रतीक चिन्ह को धारण कर सकेंगे।
गृह मंत्री अमित शाह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में एनडीएमए (NDMA) और एनडीआरएफ (NDRF) ने देश को आपदा राहत के मामले में दुनिया के नक्शे पर स्थापित कर दिया है, जो संपूर्ण भारत के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज भारत आपदाओं के दौरान “शून्य जनहानि” (Zero Casualties) के लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है। गृह मंत्री ने सीएपीएफ (CAPF) जवानों द्वारा पर्यावरण को लेकर किए गए प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि साल 2019 से लेकर अब तक जवानों ने देश भर में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए हैं।
डीडी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समारोह के मंच से गृह मंत्री अमित शाह ने देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और चुस्त करने के लिए एनडीआरएफ के 6 नए क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्रों (Regional Response Centres) की आधारशिला रखी। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के देहरादून में बनकर तैयार हुए एक नवनिर्मित क्षेत्रीय प्रतिक्रिया केंद्र का वर्चुअली उद्घाटन भी किया।
समारोह के दौरान एनडीआरएफ के महानिदेशक (DG) पीयूष आनंद ने बताया कि बल ने अपने गठन से अब तक 12,000 से अधिक सफल बचाव अभियानों को अंजाम देकर 1.5 लाख से ज्यादा बहुमूल्य जिंदगियां बचाई हैं। अकेले साल 2025 में बल ने 1,400 से अधिक संवेदनशील रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे किए हैं।
अग्निकांड की गूंज PMO तक (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से पांचवी खबर गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी अग्निकांड अपडेट को लेकर है। गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में हुए भीषण अग्निकांड की गूंज अब सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय यानी पीएमओ (PMO) तक पहुंच गई है। प्रशासनिक जांच में सोसाइटी का फायर अलार्म सिस्टम फेल मिलने और अवैध अतिक्रमण के बड़े खुलासे के बाद अब पीड़ितों ने सीधे पीएमओ से दखल देने की मांग की है। मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपये वसूलने वाले बिल्डर और प्रबंधन पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग तेज हो गई है। तो चलिए इस लेख में जानते हैं कि क्या है पूरा अपडेट।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम (अभयखंड-2) स्थित ‘गौर ग्रीन एवेन्यू’ सोसाइटी में पिछले दिनों हुए भीषण अग्निकांड का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच गया है, जहां पीड़ितों ने बिल्डर और प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी केस दर्ज करने की मांग की है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे से प्रभावित फ्लैट मालिकों और सोसाइटी के निवासियों ने स्थानीय स्तर पर ढुलमुल कार्रवाई को देखते हुए सीधे पीएमओ (PMO) से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
पीड़ितों की मांग है कि मेंटेनेंस के नाम पर मोटी रकम वसूलने के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार बिल्डर, एओए (AOA) या मेंटेनेंस एजेंसी पर आपराधिक लापरवाही का मुकदमा (FIR) दर्ज किया जाए। हादसे के बाद जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर गठित की गई उच्च स्तरीय प्रशासनिक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। ईटीवी भारत की रिपोर्ट के अनुसार, जब टावर-डी की 9वीं मंजिल पर आग लगी, तो सोसाइटी का मुख्य ऑटोमैटिक फायर अलार्म सिस्टम और इमरजेंसी हूटर पूरी तरह बंद (फेल) था, जिससे लोगों को समय पर अलर्ट नहीं मिला।
आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाले होस पाइप और वॉटर स्प्रिंकलर सिस्टम में जंग लगा हुआ था और उनमें पानी का कोई प्रेशर नहीं था। दमकल विभाग की गाड़ियों (फायर टेंडर्स) को टावर तक पहुंचने में सबसे बड़ी बाधा सोसाइटी के इंटरनल ड्राइव-वे और पार्क के आसपास किए गए अवैध निर्माण, गमलों और बेतरतीब वाहनों की पार्किंग के कारण हुई।
देखते ही देखते आग 9वीं मंजिल से लेकर 13वीं मंजिल तक फैल गई, जिससे करीब 8 फ्लैट पूरी तरह या आंशिक रूप से जलकर खाक हो गए और करोड़ों का नुकसान हुआ। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस अग्निकांड से सबक लेते हुए गाजियाबाद फायर विभाग ने जिले की 50 से अधिक अन्य ऊंची आवासीय सोसाइटियों को फायर सेफ्टी मानदंडों का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किया है और उल्लंघन न सुधारने पर कोर्ट केस करने की चेतावनी दी है।




























