Prateek Yadav Death Reason: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के परिवार से बुधवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। उनके सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया। इस खबर के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रतीक यादव को बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल उनकी मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है और पूरा मामला जांच के दायरे में है।
किचन में अचेत अवस्था में मिले थे प्रतीक यादव|Prateek Yadav Death Reason
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव अपने घर के किचन में बेहोश हालत में पाए गए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब चार बजे से वह अचेत पड़े थे। परिवार के लोगों ने पहले घर पर डॉक्टर को बुलाया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने औपचारिक रूप से मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से प्रतीक यादव की तबीयत भी ठीक नहीं चल रही थी। हालांकि अभी तक परिवार या प्रशासन की ओर से इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
मौत को लेकर बढ़ा सस्पेंस, ‘सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग’ की आशंका
प्रतीक यादव की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों का दावा है कि उनके हाथों की उंगलियों के नाखून नीले पड़ गए थे, जिससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है। इसी बीच सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने न्यूज18 इंडिया से बातचीत में कहा कि यह “सस्पेक्टेड प्वाइजनिंग” का मामला हो सकता है।
उन्होंने कहा कि यह फूड प्वाइजनिंग थी या किसी अन्य पदार्थ के सेवन की वजह से हालत बिगड़ी, इसकी पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल डॉक्टरों की एक पैनल पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और विस्तृत रिपोर्ट अगले तीन से चार दिनों में आने की संभावना है।
दिल्ली में थीं अपर्णा यादव, खबर मिलते ही पहुंचीं लखनऊ
प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव घटना के समय दिल्ली में थीं। बताया गया कि वह किसी निजी काम से दिल्ली गई हुई थीं। बुधवार तड़के जैसे ही उन्हें इस दुखद घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। बाद में वह लखनऊ पहुंच भी गईं।
बीते कुछ दिनों से प्रतीक यादव और अपर्णा यादव के रिश्तों में खटपट की खबरें भी चर्चा में थीं। हालांकि परिवार की ओर से इस पर कभी सार्वजनिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया।
अखिलेश यादव ने जताया गहरा दुख
भाई के निधन की खबर मिलते ही अखिलेश यादव खुद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इस दौरान वह बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि “वह बहुत अच्छा इंसान था। भगवान उसकी आत्मा को शांति दें।” बताया जाता है कि अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के बीच काफी अच्छा रिश्ता था। अखिलेश अपने छोटे भाई को बेहद स्नेह करते थे और परिवार के भीतर दोनों के बीच हमेशा अपनापन देखा जाता था।
राजनीति से दूर रहते थे प्रतीक यादव
करीब 38 वर्षीय प्रतीक यादव राजनीति से दूरी बनाए रखते थे। हालांकि उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की सक्रिय नेताओं में गिनी जाती हैं। दोनों की शादी साल 2011 में हुई थी और उनकी एक बेटी भी है। प्रतीक यादव, दिवंगत मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। मुलायम सिंह यादव ने साल 2003 में साधना गुप्ता के साथ औपचारिक रूप से विवाह किया था। बताया जाता है कि प्रतीक यादव का जन्म 1988 में हुआ था।
फिलहाल पूरे मामले की नजर पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिसके बाद ही उनकी मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।




























