Champawat Gangrape Case: उत्तराखंड के चंपावत जिले में नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। पुलिस ने इस केस में एक बीजेपी नेता समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, दूसरी तरफ आरोपियों के परिजन सामने आकर इसे पूरी तरह “साजिश” बता रहे हैं।
परिजन बोले—हमारे अपने निर्दोष हैं | Champawat Gangrape Case
मामले में नया मोड़ तब आया जब एक आरोपी की पत्नी और बेटी मीडिया के सामने आईं। दोनों ने अपने-अपने तरीके से आरोपों को खारिज किया। आरोपी की बेटी ने साफ कहा कि उसके पिता घटना वाली रात घर पर ही मौजूद थे और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। उसका कहना था कि “मेरे पापा को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। हमें भरोसा है कि जांच में सच्चाई सामने आएगी।”
जनपद चम्पावत में नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए तीन आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत। सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच जारी। दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इस संबंध में श्रीमती रिधिम अग्रवाल, IG कुमाऊँ रेंज की बाइट। pic.twitter.com/ztCck3UmlI— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) May 6, 2026
वहीं आरोपी की पत्नी भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि जिस बच्ची की बात हो रही है, उनकी अपनी बेटी भी उसी उम्र की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को राजनीतिक और सामाजिक प्रतिशोध के चलते फंसाया जा रहा है। महिला ने एक व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा कि उसी के इशारे पर यह झूठा केस बनाया गया है।
“राजनीतिक साजिश” का आरोप
एक अन्य आरोपी के पिता ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताया और कहा कि यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। उनका कहना है कि उनके परिवार को बिना वजह बदनाम किया जा रहा है और न्याय मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की कार्रवाई तेज
इस बीच पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुमाऊं रेंज की आईजी Ridhim Aggarwal ने बयान जारी कर कहा कि इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने साफ कहा कि उत्तराखंड पुलिस महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को लेकर बेहद संवेदनशील है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी न फैलाएं।
पीड़िता के पिता की शिकायत से खुला मामला
पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि 5 मई को वह अपनी बेटी के इलाज के लिए चंपावत आए थे। इलाज के बाद वह गांव लौट गए, लेकिन उनकी बेटी एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए वहीं रुक गई।
शाम तक जब बेटी घर नहीं लौटी तो पिता ने फोन किया। बेटी ने बताया कि वह अपनी सहेली के गांव शादी में गई हुई है और उसके साथ एक परिचित लड़का भी है। लेकिन बाद में उसका फोन बंद हो गया।
रात 1:28 बजे आया आखिरी कॉल
पिता के मुताबिक देर रात करीब 1:28 बजे बेटी का फोन आया, लेकिन बात नहीं हो पाई और कुछ ही देर बाद फोन स्विच ऑफ हो गया। घबराकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी और खोजबीन शुरू की। अगली सुबह करीब 4 बजे बच्ची उसी गांव में मिली, जहां शादी समारोह चल रहा था। पिता का आरोप है कि बच्ची एक कमरे में बंधी हुई थी और उसने बताया कि तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे मार दिया जाएगा।
पुलिस जांच में जुटी
पिता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और तीनों आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें एक बीजेपी के पूर्व पदाधिकारी का नाम भी शामिल है। अब पुलिस दोनों पक्षों के बयान, डिजिटल सबूत और गवाहों के आधार पर जांच कर रही है। वहीं, आरोपियों के परिवार इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जिससे मामला और उलझता जा रहा है।
मामला संवेदनशील, जांच पर नजर
फिलहाल यह केस बेहद संवेदनशील हो गया है। एक तरफ पीड़िता के परिवार को न्याय की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ आरोपियों के परिजन इसे गलत ठहराते हुए निर्दोष होने का दावा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन तब तक यह मामला उत्तराखंड की राजनीति और समाज दोनों में चर्चा का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।




























