West Bengal Election: पश्चिम बंगाल के रण में गिनती अभी जारी है, लेकिन माहौल पूरी तरह बदल चुका है। नतीजों का इंतज़ार कर रही सियासी पार्टियों के बीच हलचल तेज़ है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी की बढ़त ने कार्यकर्ताओं में जोश भर दिया है। नतीजों के औपचारिक ऐलान से पहले ही भाजपा खेमे में जश्न का माहौल है, जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो राजनीति का यह ‘चेस बोर्ड’ उन्होंने खुद ही सजाया हो। और भाजपा अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है, मानों बिसात भी उनकी थी और चालें भी।
नतीजों से पहले ही भाजपा का विजय शंखनाद
रुझानों में भाजपा को बहुमत (193+ सीटें) मिलता दिख रहा है, कोलकाता से दिल्ली तक भाजपा दफ्तरों में गुलाल उड़ रहा है और मिठाइयां बंट रही हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि अब औपचारिकता ही बाकी है। एक डाइलोग है हम जहां खड़े हो जाते है लाइन वहीं शुरू हो जाती है, यहाँ भाजपा ने न केवल अपनी अलग लाइन खींची, बल्कि बाकी सबको रेस में कोसों पीछे छोड़ दिया। क्या बीजेपी ने राजनीति में महारथ हासिल कर ली है या मामला कुछ और है?
क्या बीजेपी ने राजनीति में महारथ हासिल कर ली?
बीजेपी ने केवल रैलियां नहीं कीं, बल्कि ‘बूथ स्तर’ पर अपने कार्यकर्ताओं की एक फौज खड़ी की, जिसने टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाई। क्या यह केवल बीजेपी की जीत है, या टीएमसी के प्रति जनता के गुस्से (Anti-incumbency) का नतीजा? भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों ने बीजेपी के लिए रास्ता आसान कर दिया। संदेशखाली जैसे संवेदनशील मुद्दों और केंद्रीय योजनाओं (जैसे राशन और सम्मान निधि) के सही प्रचार ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
TMC और BJP में रही कांटे की टक्कर
भले ही आज भाजपा जश्न मना रही है, लेकिन इस जीत का सफर इतना आसान नहीं था। बंगाल के कई इलाकों में TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। वोटों के मामूली अंतर और पल-पल बदलते रुझानों ने न केवल पार्टियों की बल्कि जनता की धड़कनें भी बढ़ा दी थीं। यह मुकाबला सिर्फ दो पार्टियों का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं का था, जहाँ आखिरी वक्त तक ‘शह और मात’ का खेल चलता रहा।
ममता का किला ढहा!
बंगाल में 15 साल के टीएमसी शासन के बाद यह पहली बार है जब कोई विपक्षी दल इतने बड़े अंतर से आगे निकला है। इसका सीधा अर्थ यही निकलता है कि सत्ता पर राज चाहे कितने भी समय से हो, जनता का एक सही दांव पूरी बिसात पलट देता है। तभी कहते हैं राजनीति में ‘तख्ता पलट’ की आहट कभी भी सुनाई दे सकती है।




























