Raja Raghuvanshi Wife Sonam Bail: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी मर्डर केस में मुख्य आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को शिलॉन्ग की अदालत से जमानत मिलते ही पूरे मामले ने फिर से सुर्खियां पकड़ ली हैं। अदालत के फैसले के बाद अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में साफ कहा कि गिरफ्तारी के समय यूपी पुलिस से एक गंभीर चूक हुई थी, जिसने इस केस की दिशा ही बदल दी।
गिरफ्तारी के दौरान क्या हुई गलती?
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि जब गाजीपुर पुलिस ने सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया, तब उस पर हत्या की धारा भी लगाई गई थी, लेकिन इसकी जानकारी उसे मौके पर नहीं दी गई। अदालत ने इसे संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत आरोपी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन माना। यही कारण रहा कि कोर्ट ने सोनम को जमानत देने का फैसला किया।
हनीमून ट्रिप से शुरू हुआ था मामला | Raja Raghuvanshi Wife Sonam Bail
यह पूरा मामला पिछले साल मई का है, जब इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ मेघालय के शिलॉन्ग हनीमून पर गए थे। 21 मई को दोनों शिलॉन्ग पहुंचे और 26 मई को सोहरा घूमने निकले। इसी दौरान दोनों अचानक लापता हो गए, जिससे परिवार और पुलिस दोनों के बीच चिंता बढ़ गई।
एक हफ्ते बाद मिला शव
लापता होने के बाद पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमों ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब एक हफ्ते बाद, 2 जून को सोहरा के वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई में राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। इसके बाद मामला हत्या में बदल गया और जांच तेज कर दी गई।
पत्नी पर ही लगा साजिश का आरोप
जांच में सामने आया कि सोनम रघुवंशी के कथित तौर पर राज कुशवाहा नाम के युवक से संबंध थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची। इस प्लान में तीन अन्य लोगों विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, इन हमलावरों ने सोनम की मौजूदगी में ही राजा की हत्या की।
10 महीने से जेल में थी सोनम
सोनम रघुवंशी को जून 2025 में गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था और तब से वह करीब 10 महीने से जेल में थी। अब जमानत मिलने के बाद भी कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं। सोनम को शिलॉन्ग छोड़ने की अनुमति नहीं होगी और उसे रोजाना थाने में हाजिरी लगानी होगी। इसके अलावा उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
चार्जशीट और आगे की जांच
पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें से कुछ को पहले ही जमानत मिल चुकी है। सोहरा पुलिस ने इस केस में करीब 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला है, जिसमें प्लानिंग के तहत हत्या को अंजाम दिया गया।
अब आगे क्या?
सोनम को मिली जमानत के बाद अब इस केस में कानूनी बहस और तेज होने की संभावना है। एक तरफ पुलिस अपनी जांच को सही ठहरा रही है, वहीं दूसरी तरफ कोर्ट की टिप्पणी ने प्रक्रिया में खामियों को उजागर कर दिया है। ऐसे में अब सबकी नजर आगे की सुनवाई और अंतिम फैसले पर टिकी है, जो इस हाई-प्रोफाइल केस की सच्चाई को पूरी तरह सामने लाएगा।




























