Hardoi Principal Viral Video: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक प्राइवेट स्कूल का विवादित मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है। मामला ‘न्यू सन बीम पब्लिक स्कूल’ का है, जो एसपी तिराहे के पास स्थित है। यहां एक महिला अभिभावक और स्कूल की प्रिंसिपल के बीच हुए विवाद का वीडियो वायरल हो गया है।
अभिभावक का आरोप—किताब खरीदने पर हुई बदसलूकी
पीड़ित अभिभावक नीलम वर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बच्ची यूकेजी में पढ़ती है और स्कूल से बाहर की किताबें खरीदने पर उन्हें प्रिंसिपल की नाराजगी झेलनी पड़ी। नीलम का कहना है कि प्रिंसिपल ने उनके साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि अंग्रेजी में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।
नीलम के मुताबिक, प्रिंसिपल ने बार-बार “यू शट अप” कहा और “ब्लडी फूल”, “गवार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिसमें प्रिंसिपल और अभिभावक के बीच तीखी बहस सुनाई दे रही है।
पीड़ित ने डीएम से लगाई गुहार | Hardoi Principal Viral Video
इस घटना के बाद पीड़ित अभिभावक ने जिला अधिकारी (DM) से शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल में इस तरह का व्यवहार अभिभावकों के साथ बिल्कुल गलत है और इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रिंसिपल ने दी सफाई, बताया वीडियो को एडिटेड
वहीं दूसरी तरफ स्कूल की प्रिंसिपल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए सफाई दी है। उनका कहना है कि वायरल वीडियो को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और यह एडिटेड है। प्रिंसिपल ने बताया कि 24 अप्रैल को स्कूल में बच्चों का वैक्सीनेशन प्रोग्राम चल रहा था, जिसकी जानकारी एक दिन पहले यानी 23 अप्रैल को सभी अभिभावकों को दे दी गई थी। उनका कहना है कि उस समय उनका पूरा ध्यान बच्चों पर था क्योंकि यह एक सरकारी कार्यक्रम था।
‘प्री-प्लानिंग के तहत वीडियो बनाया गया’—प्रिंसिपल का दावा
प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि वीडियो बनाने वाला अभिभावक पिछले तीन साल से स्कूल से जुड़ा है और लगातार फीस को लेकर दबाव बना रहा था। उनका कहना है कि एडमिशन फीस सिर्फ 2000 रुपये है, जिसमें भी उन्होंने छूट ली थी, और मंथली फीस 1300 रुपये भी विवाद का कारण बनी।
प्रिंसिपल के मुताबिक, अभिभावक लगातार उन पर दबाव बना रहा था कि फीस न ली जाए। इसी दौरान वैक्सीनेशन कार्यक्रम के बीच स्थिति का फायदा उठाकर वीडियो बनाया गया।
वीडियो काट-छांटकर फैलाने का आरोप
प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो पूरी तरह से काट-छांटकर सोशल मीडिया पर डाला गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उनके व्यवहार से ठेस पहुंची है तो वे उसके लिए माफी मांगती हैं, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि वह बच्चों के हित में काम करती हैं और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं करेंगी।




























