GDA New Rules: एक आम इंसान अपनी उम्र भर की कमाई और पाई-पाई जोड़कर अपने सिर पर छत का सपना देखता है। लेकिन अब गाजियाबाद में घर बनाने का यह सपना न केवल महंगा होगा, बल्कि नियमों की कसौटी पर भी कड़ा होगा। GDA के नए नियम के मुताबिक, अब सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा खड़ा करना काफी नहीं है, जब तक आप अपने प्लॉट पर पेड़ लगाने की पुख्ता प्लानिंग नहीं दिखाएंगे, तब तक आपका नक्शा पास नहीं होगा। यानी अब घर की नींव रखने से पहले आपको पर्यावरण का ‘लाइसेंस’ लेना होगा।
नियम क्या है?
अब नक्शा पास कराते समय GDA New Rules में वृक्षारोपण के लिए जगह चिह्नित (Earmark) करना अनिवार्य है। अब हर 100 वर्ग मीटर के रिहायशी प्लॉट पर 2 पेड़ लगाना जरूरी है। व्यावसायिक और औद्योगिक प्लॉट के लिए हर 80 वर्ग मीटर पर 2 पेड़ अनिवार्य हैं। नक्शा पास कराते समय एक सुरक्षा राशि भी जमा करनी होगी, जो पेड़ लगाने के सत्यापन (Verification) के बाद वापस कर दी जाएगी। बड़े प्रोजेक्ट्स में प्रति हेक्टेयर 250 पेड़ लगाने होंगे, स्कूल और पार्क जैसी जगहों में कम से कम 20% जमीन हरियाली के लिए रखनी होगी।
वृक्षारोपण सुरक्षा राशि (Refundable Security Deposit)
| प्लॉट का साइज (वर्ग मीटर) | सुरक्षा राशि (₹) |
| 200 तक | 5,000 |
| 201 से 300 | 10,000 |
| 301 से 500 | 15,000 |
| 500 से अधिक | 25,000 प्रति 100 वर्ग मीटर |
कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट के लिए 1 लाख, जबकि स्कूलों के लिए 2 लाख जमा करने होंगे। यह पैसा तभी वापस मिलेगा जब अधिकारी जांच के बाद पुष्टि करेंगे कि पेड़ वास्तव में लगाए गए हैं। 1 अप्रैल से ही Ghaziabad Development Authority (GDA) ने 200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट के लिए छत पर सोलर पैनल लगाना और उसकी सिक्योरिटी राशि जमा करना भी अनिवार्य कर दिया है।
नक्शा पास कराने के लिए हरियाली अनिवार्य
अब गाजियाबाद में कोई भी बिल्डर या जमीन मालिक तभी अपना नक्शा पास करा पाएगा, जब वह अपने प्लॉट में पेड़ लगाने के लिए जगह (Earmark) तय करके दिखाएगा। सिर्फ बिल्डिंग का डिजाइन ही नहीं, बल्कि ‘ग्रीन प्लान’ भी अब नक्शे का अनिवार्य हिस्सा होगा। नक्शे में वह जगह दिखानी होगी जहाँ पेड़ लगाए जाएंगे। केवल आश्वासन काफी नहीं होगा। बिना ‘ग्रीन एरिया’ और वृक्षारोपण के प्रावधान के, विभाग नक्शे को मंजूरी (Approval) नहीं देगा। यह नियम व्यक्तिगत मकान मालिकों और बड़े बिल्डर्स, दोनों पर लागू है।
सोलर पैनल (Solar Panel) नियम
200 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट के लिए छत पर सोलर पैनल लगाना और उसके लिए नक्शे में जगह चिह्नित करना अब अनिवार्य है। GDA New Rules के मुताबिक बिना सोलर प्रोविजन के नक्शा खारिज कर दिया जाएगा। इसके लिए एक निर्धारित सुरक्षा राशि (Security Deposit) भी जमा करानी होगी, जो सोलर पैनल लगाने और सत्यापन (Verification) के बाद वापस कर दी जाएगी।
सोलर पैनल सुरक्षा राशि (Solar Security Deposit)
| प्लॉट का साइज (वर्ग मीटर) | सुरक्षा राशि (₹) |
| 200 से 500 | 20,000 |
| 500 से 1,000 | 50,000 |
| 1,000 से 5,000 | 1,00,000 |
| 5,000 से अधिक | 2,00,000 |
क्यों बनाया ये नियम?
पिछले कुछ सालों में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स के कारण गाजियाबाद में हरियाली का काफी नुकसान हुआ है। जैसे हिंडन एलिवेटेड रोड के लिए लगभग 375 पेड़ काटे गए। फिर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के लिए 2700 से ज्यादा पेड़ काटे गए। उसके बाद नमो भारत (RRTS) प्रोजेक्ट के लिए 2000 से ज्यादा पेड़ों को हटाया गया। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए हुए इस नुकसान की भरपाई करने और शहर के पर्यावरण संतुलन (Ecological Balance) को फिर से बहाल करने के लिए ही GDA ने अब GDA New Rules में ‘ग्रीन प्लान’ और वृक्षारोपण को अनिवार्य बनाया है।
प्रदूषण से लड़ने की एक बड़ी कोशिश
क्योकि गाजियाबाद देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में अक्सर ऊपर रहता है, इसलिए GDA का यह कदम शहर के ‘ग्रीन कवर’ को बढ़ाने में संजीवनी का काम करेगा। पेड़ लगाना अनिवार्य करने से न केवल हवा की गुणवत्ता (Air Quality) सुधरेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी एक स्वच्छ वातावरण मिल सकेगा। कुल मिलाकर अब अगर आप गाजियाबाद में घर बनाने का प्लान कर रहे हैं, तो GDA New Rules में “पहले पेड़, फिर निर्माण” का नियम याद रखना जरूरी है।





























