Iran America War Update: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दक्षिण-पश्चिमी ईरान में अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरने की खबर के बाद सियासी बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने इस घटना को लेकर अमेरिका पर तीखा तंज कसा और सोशल मीडिया पर उसका मजाक उड़ाया।
गालिबफ का तंज—‘युद्ध से पायलट खोजने तक’
मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “ईरान को 37 बार हराने के दावे के बाद शुरू हुआ यह ‘रणनीतिहीन युद्ध’ अब सत्ता परिवर्तन से घटकर ‘क्या कोई हमारे पायलटों को ढूंढ सकता है?’ तक पहुंच गया है।”
उन्होंने व्यंग्य करते हुए आगे कहा, “वाह! क्या जबरदस्त प्रगति है, सच में जीनियस हैं।” उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को और तेज कर दिया है।
अमेरिकी F-15E जेट गिरने की पुष्टि | Iran America War Update
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शुक्रवार (3 अप्रैल) को एक अमेरिकी F-15E Strike Eagle लड़ाकू विमान ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। शुरुआत में इसे F-35 बताया गया था, लेकिन बाद में साफ हुआ कि यह F-15E स्ट्राइक ईगल था। विमान में दो पायलट सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, इनाम की घोषणा
घटना के बाद अमेरिकी सेना ने तुरंत सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन दूसरे का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
इसी बीच ईरान ने भी अपने स्तर पर तलाश तेज कर दी है और पायलट के बारे में जानकारी देने वाले को 60,000 डॉलर का इनाम देने की घोषणा की है। इससे साफ है कि दोनों देश इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं।
ट्रंप की धमकी के बाद बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ‘स्टोन एज’ में वापस भेजने की धमकी दी थी। इसके अलावा पेंटागन ने दावा किया था कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम इतना कमजोर हो चुका है कि अमेरिकी विमान बिना किसी रुकावट के वहां उड़ान भर सकते हैं। लेकिन इस घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार बढ़ रहा अमेरिकी नुकसान
इस युद्ध के दौरान यह पहली बार है जब किसी मानवयुक्त अमेरिकी लड़ाकू विमान के गिरने की पुष्टि हुई है। हालांकि इससे पहले भी अमेरिका को नुकसान झेलना पड़ा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 मार्च को कुवैत में हुई एक घटना को मिलाकर अब तक 4 F-15E Strike Eagle जेट नष्ट हो चुके हैं। इसके अलावा 27 मार्च को अमेरिका ने अपना एक E-3 Sentry AWACS विमान और एक दर्जन से ज्यादा MQ-9 Reaper ड्रोन भी खो दिए थे।
सियासी बयानबाज़ी से बढ़ी गर्मी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और तेज हो गई है। जहां एक ओर अमेरिका अपने पायलटों की तलाश में जुटा है, वहीं ईरान इसे अपनी सैन्य ताकत के तौर पर पेश कर रहा है।
आगे क्या?
इस घटना ने पहले से ही तनावपूर्ण हालात को और गंभीर बना दिया है। एक पायलट का अभी भी लापता होना स्थिति को और संवेदनशील बना रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव आगे किस दिशा में जाता है—कूटनीति की ओर या और ज्यादा सैन्य तनाव की तरफ।





























