US-Israel-Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिकी सैन्य विमानों की दुर्घटनाओं पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि इन घटनाओं का ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
एनबीसी न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या हालिया घटनाएं अमेरिका-ईरान वार्ता को प्रभावित करेंगी, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। ट्रंप ने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। यह युद्ध है और हम युद्ध में हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक प्रयास साथ-साथ चल रहे हैं। ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी घटनाएं कूटनीति को पटरी से नहीं उतार सकतीं।
सर्च ऑपरेशन पर चुप्पी, मीडिया कवरेज पर नाराजगी : US-Israel-Iran War
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दुर्घटनाग्रस्त विमानों से जुड़े सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात बेहद संवेदनशील और जटिल हैं, इसलिए इस पर सार्वजनिक रूप से विस्तार से बात करना सही नहीं होगा। ट्रंप ने मीडिया की रिपोर्टिंग पर भी असंतोष जताया और कहा कि यह एक सक्रिय सैन्य अभियान है, जिसे समझदारी से कवर किया जाना चाहिए।
एक दिन में दो अमेरिकी विमान हादसे
शुक्रवार को मिडिल ईस्ट में अमेरिकी वायुसेना के दो अलग-अलग विमान हादसे सामने आए, जिससे तनाव और बढ़ गया। पहली घटना में एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर आई। ईरान ने दावा किया कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम से इस विमान को मार गिराया। इस विमान में दो सदस्यीय क्रू मौजूद था एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर।
अमेरिका ने इनमें से एक सदस्य को सुरक्षित बचाने की पुष्टि की है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। हालांकि, दूसरे सदस्य को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह ईरानी हिरासत में हो सकता है, जबकि अन्य में सर्च ऑपरेशन जारी होने की बात कही जा रही है।
दूसरा विमान भी हुआ दुर्घटनाग्रस्त
इसी दिन एक और अमेरिकी लड़ाकू विमान A-10 थंडरबोल्ट II स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से इस घटना की पुष्टि हुई है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह तकनीकी खराबी थी या किसी हमले का नतीजा।
इस मामले में ईरान की ओर से कोई दावा सामने नहीं आया है। पायलट की स्थिति को लेकर भी जानकारी सीमित है, हालांकि अमेरिकी सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा
नाम न बताने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि क्षेत्र में दूसरा विमान भी दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि विमान खुद गिरा या उसे निशाना बनाया गया। चालक दल की स्थिति और लोकेशन को लेकर भी फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं है।
कूटनीतिक मोर्चे पर झटका, वार्ता ठप
जहां ट्रंप बातचीत जारी रहने की बात कर रहे हैं, वहीं The Wall Street Journal की रिपोर्ट एक अलग तस्वीर पेश करती है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिशें फिलहाल ठप हो गई हैं। बताया गया है कि तेहरान ने प्रस्तावित वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान समेत कई क्षेत्रीय देशों की मध्यस्थता के बावजूद अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने के लिए तैयार नहीं है और उसने अमेरिका की शर्तों को अस्वीकार्य बताया है।
सैन्य तनाव और कूटनीति साथ-साथ
कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक ओर जहां सैन्य घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ट्रंप का दावा है कि बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन जमीनी हालात और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स यह संकेत दे रही हैं कि फिलहाल स्थिति बेहद नाजुक है और आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
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