Tamilnadu Election: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब तक सूबे की सियासत मुख्य रूप से दो बड़ी पार्टियों AIADMK और DMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। लेकिन इस बार एक नया नाम भी चर्चा के केंद्र में है, और वह है अभिनेता से नेता बने थलापति विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK)।
राज्य में इस बार चुनावी समीकरणों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या विजय की पार्टी किसी बड़े गठबंधन के साथ जाएगी या स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेगी। इसी बीच सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा सामने आया है कि भारतीय जनता पार्टी ने विजय को अपने गठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है।
विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव? (Tamilnadu Election)
सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने विजय को अपने साथ लाने के लिए एक बड़ा राजनीतिक ऑफर दिया है। बताया जा रहा है कि अगर यह गठबंधन बनता है तो विजय को तमिलनाडु का उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया जा सकता है। इतना ही नहीं, सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चा चल रही है।
I have just spoken with Iranian President Massoud Pezeshkian.
I called on him to put an immediate end to the unacceptable attacks Iran is carrying out against countries in the region, whether directly or through proxies, including in Lebanon and Iraq. I reminded him that France…
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) March 15, 2026
खबरों के मुताबिक भाजपा ने विजय की पार्टी TVK को लगभग 80 सीटें देने की पेशकश की है। कहा जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और यह वार्ता अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। अगर यह समझौता हो जाता है तो तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में कई सीटों पर जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है। ऐसे में थोड़े से वोटों का झुकाव भी कई सीटों के नतीजे बदल सकता है। हालांकि यह भी बताया जा रहा है कि विजय की नजर मुख्यमंत्री पद पर भी हो सकती है, जो फिलहाल बातचीत का अहम मुद्दा बना हुआ है।
एनडीए में शामिल करने की कोशिशें तेज
सूत्रों के मुताबिक भाजपा लगातार कोशिश कर रही है कि विजय और उनकी पार्टी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल किया जाए। इसके लिए पार्टी अलग-अलग माध्यमों से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस संपर्क अभियान में एक दूसरे राज्य के उपमुख्यमंत्री भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थ के तौर पर देखा जा रहा है। अगर यह बातचीत सफल हो जाती है तो चुनाव से पहले तमिलनाडु की सियासत में बड़ा राजनीतिक समीकरण बन सकता है।
विजय के फैन वोट बैंक पर नजर
भाजपा की दिलचस्पी विजय को अपने साथ लाने के पीछे एक बड़ी वजह उनका विशाल फैन बेस भी माना जा रहा है। अभिनेता के तौर पर विजय की तमिलनाडु में जबरदस्त लोकप्रियता रही है और राजनीति में आने के बाद भी उनके समर्थकों की संख्या काफी बड़ी मानी जाती है।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर विजय के समर्थकों का थोड़ा सा हिस्सा भी गठबंधन के पक्ष में वोट करता है तो इसका चुनावी नतीजों पर बड़ा असर पड़ सकता है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कई सीटों पर महज दो प्रतिशत वोट का फर्क भी जीत और हार तय कर देता है।
विजय के खेमे में भी कुछ चिंता
हालांकि दूसरी तरफ विजय के करीबी सहयोगियों और सलाहकारों के बीच कुछ चिंता भी देखी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि उनके कुछ समर्थकों को इस बात का डर है कि अगर पार्टी जल्दबाजी में किसी बड़े राष्ट्रीय गठबंधन के साथ जुड़ जाती है तो इससे उसकी अलग पहचान कमजोर पड़ सकती है।
दरअसल विजय ने राजनीति में कदम रखते समय खुद को एक स्वतंत्र और नए विकल्प के रूप में पेश किया था। उनकी पार्टी को तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति के बीच एक नए विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में उनके कुछ सहयोगियों का मानना है कि अगर वे जल्द ही किसी स्थापित राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बन जाते हैं तो पार्टी की मूल सोच और अलग पहचान पर असर पड़ सकता है।
फिलहाल तमिलनाडु की राजनीति में इन चर्चाओं ने माहौल को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले क्या कोई बड़ा गठबंधन सामने आता है या फिर विजय अपनी पार्टी के साथ अलग रास्ता चुनते हैं।
