Meerut to Prayagraj Expressway: मेरठ से प्रयागराज की दूरी अब सिमटने वाली है। उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी के लिए ‘गेम चेंजर’ माना जा रहा 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही यह सफर घंटों की थकान के बजाय रफ्तार और सुगमता की नई मिसाल पेश करेगा।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार ने मेरठ पहुंचकर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मंडलायुक्त भानुचंद्र गोस्वामी और जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे की प्रगति, टोल प्लाजा की तकनीक और इसके आसपास बनने वाले औद्योगिक गलियारे के बारे में जानकारी ली।
कितना बचा है काम
सीईओ मनोज कुमार के निरीक्षण के अनुसार, एक्सप्रेसवे का मुख्य कैरिज-वे तैयार है। अब केवल सुरक्षा घेरा (Side Walls) और टोल प्लाजा के पास सौंदर्यीकरण का मामूली काम शेष है। मेरठ खंड पहले ही तैयार हो चुका है, जिससे अब पूरे रूट को जोड़ने की अंतिम प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
खड़खड़ी में तैयार हुआ आधुनिक टोल प्लाजा
मेरठ के बिजौली के पास खड़खड़ी में टोल प्लाजा भी पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है और इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। यह एक्सप्रेसवे फिलहाल छह लेन का बनाया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे आगे चलकर आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। मेरठ से बदायूं तक के पहले सेक्टर में करीब 130 किलोमीटर में से 129 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।
इस एक्सप्रेसवे में एक और बड़ी खासियत
गंगा एक्सप्रेसवे की एक बड़ी खूबी इसकी रणनीतिक मजबूती है। युद्ध या आपात स्थिति में यहां भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान (Fighter Jets) भी लैंड कर सकेंगे। इसके लिए शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किलोमीटर लंबी विशेष एयरस्ट्रिप तैयार की गई है। इसके अलावा, यात्रियों के समय की बचत के लिए यहां 120 किमी/घंटा की अधिकतम गति सीमा तय की गई है, जो इस सफर को देश के सबसे तेज़ रास्तों में से एक बनाएगी।
टोल पर नहीं लगानी पड़ेगी लाइन
गंगा एक्सप्रेसवे पर बनने वाले टोल प्लाजा को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। आईआरबी के मुख्य महाप्रबंधक अनूप सिंह के मुताबिक यहां वाहनों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। यहां बिना बैरियर के टोल सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे वाहन सीधे गुजर सकेंगे और टोल अपने आप कट जाएगा। भविष्य में निकास के समय भी इसी तरह टोल कटेगा। इससे टोल प्लाजा पर लंबी कतारें लगने की समस्या खत्म हो जाएगी।
एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगा औद्योगिक गलियारा
सीईओ मनोज कुमार ने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे जल्द ही औद्योगिक गलियारा भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए काफी जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कई विदेशी कंपनियां भी यहां अपनी यूनिट लगाने में रुचि दिखा रही हैं। आने वाले समय में यह गलियारा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। निरीक्षण के बाद सीईओ अधिकारियों के काफिले के साथ गंगा एक्सप्रेसवे पर बदायूं तक निरीक्षण करने के लिए रवाना हो गए।
