Abrar Ahmed controversy: इंग्लैंड की चर्चित क्रिकेट लीग The Hundred में पाकिस्तानी स्पिनर Abrar Ahmed की साइनिंग ने भारत में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट जगत तक इस फैसले पर बहस छिड़ गई है। सवाल यह उठ रहा है कि जिस तरह पहले एक खिलाड़ी को लेकर विवाद के बाद बड़ा कदम उठाया गया था, क्या अब अबरार अहमद के मामले में भी वैसा ही कुछ हो सकता है?
दरअसल, अबरार को इंग्लैंड में होने वाले टूर्नामेंट के लिए फ्रेंचाइजी Sunrisers Leeds ने खरीदा है। यह टीम भारतीय उद्योगपति Kalanithi Maran के सन ग्रुप के स्वामित्व में है और इसकी कमान उनकी बेटी Kavya Maran के हाथों में है। इसी वजह से यह मामला भारत में ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है।
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साइनिंग के बाद सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा (Abrar Ahmed controversy)
जब लंदन में हुई नीलामी में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को करीब £1,90,000 यानी लगभग 2.34 करोड़ रुपये में साइन किया, तो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। भारतीय क्रिकेट फैंस का एक वर्ग इस बात से नाराज है कि भारतीय मालिक वाली टीम ने एक पाकिस्तानी खिलाड़ी को क्यों चुना। कई लोगों ने इस फैसले को लेकर काव्या मारन को भी ट्रोल किया।
असल वजह यह भी है कि भारत की सबसे बड़ी टी20 लीग Indian Premier League में पिछले लगभग 18 सालों से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति नहीं है। ऐसे में कुछ फैंस का कहना है कि जब आईपीएल में यह नियम है तो भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी को दूसरी लीग में भी ऐसे फैसले लेने से बचना चाहिए।
कोच ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद टीम के कोच Daniel Vettori ने इस पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि नीलामी के दौरान टीम ने हर विकल्प खुला रखा था और स्पिन विभाग को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता थी। विटोरी के मुताबिक टीम की पहली पसंद इंग्लैंड के अनुभवी स्पिनर Adil Rashid थे, लेकिन जब वह उपलब्ध नहीं हो सके तो अबरार अहमद को चुना गया।
हालांकि जैसे ही सनराइजर्स लीड्स ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर इस साइनिंग की घोषणा की, भारतीय यूजर्स की ओर से भारी विरोध शुरू हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इतने नकारात्मक कमेंट्स आए कि कुछ समय के लिए अकाउंट को सस्पेंड भी करना पड़ा।
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
अबरार अहमद का मामला सामने आने के बाद लोगों को हाल ही का एक और विवाद याद आ गया। दरअसल जनवरी 2026 में Board of Control for Cricket in India यानी बीसीसीआई ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज Mustafizur Rahman को आईपीएल से हटाने का फैसला लिया था। उस समय बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाए जाने और भारत के खिलाफ भड़काऊ माहौल को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद Kolkata Knight Riders ने मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था।
दिलचस्प बात यह है कि केकेआर ने उन्हें करीब 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन बाद में बीसीसीआई के निर्देश के बाद उन्हें टीम से बाहर करना पड़ा और उनकी जगह जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज Blessing Muzarabani को शामिल किया गया था। इसी उदाहरण के चलते अब कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या अबरार अहमद के मामले में भी ऐसा कुछ हो सकता है।
क्या इस मामले में BCCI कुछ कर सकता है?
हालांकि इस पूरे विवाद के बीच बीसीसीआई की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। बोर्ड के उपाध्यक्ष Rajeev Shukla ने साफ कहा कि यह मामला बीसीसीआई के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उन्होंने कहा कि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड की लीग है और इसका संचालन England and Wales Cricket Board यानी ईसीबी करता है। ऐसे में किसी खिलाड़ी को रखना या हटाना उसी बोर्ड के अधिकार में आता है। मतलब साफ है कि बीसीसीआई सीधे तौर पर इसमें दखल नहीं दे सकता।
अगर खिलाड़ी हटता है तो क्या होगा?
‘द हंड्रेड’ के नियमों के मुताबिक कोई भी टीम अपनी मर्जी से खिलाड़ी को रिलीज नहीं कर सकती। किसी खिलाड़ी को हटाने का फैसला सिर्फ ईसीबी के निर्देश पर ही लिया जा सकता है। अगर किसी असाधारण स्थिति में बदलाव जरूरी हो, तो टीम को प्रतियोगिता की तकनीकी समिति को लिखित अनुरोध भेजना पड़ता है। अगर समिति को लगता है कि परिस्थिति वाकई असाधारण है, तभी रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन करने की अनुमति दी जाती है।
क्या है ‘द हंड्रेड’ का फॉर्मेट
The Hundred क्रिकेट का एक नया और तेज फॉर्मेट है। इसमें हर टीम को सिर्फ 100 गेंद खेलने का मौका मिलता है और जो टीम ज्यादा रन बनाती है वही मैच जीतती है। इस फॉर्मेट में गेंदबाज एक बार में 5 या 10 गेंद लगातार फेंक सकता है, लेकिन पूरे मैच में वह अधिकतम 20 गेंद ही डाल सकता है। हर टीम को 25 गेंद का पावरप्ले मिलता है और मैच आमतौर पर करीब ढाई घंटे में खत्म हो जाता है।
