Sikhism Community in Belize: जब कोई देश गुलाम हो तो उसे गुलामी से छूट कर खुद को बसाने में काफी समय लगता है, लेकिन हर संकट से उबारने वाले सिखो के कारण किसी की स्थिति बदल सकती है, ये कई बार सिखों ने साबित किया है। अपनी हिम्मत और जज्बें का बड़ा उदाहरण पेश कर रहे है बेलीज में रहने वाले सिख। जो भले ही संख्या में कम है, लेकिन उनकी ताकत और हौसलो के कारण सिखों का बोलबाला यहां भी काफी मजबूत है। जो व्यापार कर रहे है, रोजगार कर रहे है। अपने इस लेख में हम बेलीज के बारे में जानेंगे, जहां करीब एक सदी से सिख रह रहे है, जो कभी ब्रिटेन का गुलाम था लेकिन अब आजाद है.. वहीं बेलीज धीरे धीरे विकास कर रहे है.. जिसके लिए सिखों का भी योगदान काबिले तारीफ है। जानते है क्या है बेली में सिखों की कहानी।
बेलीज के बारे में जानकारी
बेलीज मध्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थित एक छोटा सा देश है, जो कि मध्य अमेरिका का सबसे कम आबादी वाला देश है। एक समय पर इस देश पर भी यूनाइटेड किंगडम का शासन था, लेकिन सालो के संघर्ष के बाद 21 सितबर 1981 को यूके से आजादी मिली थी। बेलीज की स्थापना असल में समुद्री डाकुओ के झुंड जिसे बेयरमैन कहा जाता था, उन्होंने 17वीं शताब्दी में इस धरती में प्रवेश किया था, लकड़ी से जुड़े व्यापार को करने के लिए यहां पोर्ट बनाये थे। जिसे बेलीज नाम दिया गया, लेकिन 1786 में ब्रिटिश हुकुमत ने इस पर कब्जा कर लिया और 1981 तक ये उनका गुलाम देश ही रहा था। बेलीज की राजधानी बेल्मोपान है और बेलीज नगर इसका सबसे बड़ा शहर है।
बेलीज़ कै क्षेत्रफल 22966 वर्ग किलोमीटर है, तो वहीं बेलीज के उत्तर में मैक्सिको, दक्षिण और पश्चिम में ग्वाटेमाला, और पूर्व में कैरेबियन सागर स्थित है। वहीं इसकी जनसंख्या की बात करें तो 2015 के आकड़ो के मुताबिक 368310 के आसपास थी। बेलीज की अर्थव्यवस्था मुख्यता खेती पर निर्भर करता है। हालांकि बेलीज की अर्थव्यवस्था धीरे गति से बढ़ रही है, लेकिन यहां अवसर होने के कारण प्रवासियों को ये अपनी तरफ आकर्षित करता है। और उन्ही अवसरों को देखकर भारत के सिखों ने भी करीब एक सदी पहले बेलीज का रूख किया था।
बेलीज में सिख धर्म
बेलीज में सिख धर्म क फलने फूलने की बात करें तो यहां सबसे पहले सिखों ने साल 1930 के आसपास आना शुरू किया था। बाबा सिंह मान वो पहले सिख थे जिन्होंने बेलीज की धरती पर पहली बार कदम रखा था। तब ये ब्रिटिश हुकूमत का गुलाम था और भारत पर भी ब्रिटिशों का राज था। बावा सिंह के बेटे जॉर्ज बी सिंह आज भा बेलीज में रहते है और यहां के नामी जज रहे है, वो खुद कहते है कि सिख धर्म से और पंजाब की धरती से उनका गहरा नाता है, भले ही अब उनके वहां के होने के कोई निशान नहीं है लेकिन उनके पिता ने हमेशा सिख धर्म को फॉलो किया था।
वहीं उनके बेटे डगलस सिंह , बेलीज़ के एक पॉलिटिशियन और बिज़नेसमैन हैं। जो सिखो के बेलीज में प्रभाव को दर्शाता है। उसके अलावा भी कई सिख समूह के लोग बेलीज आकर बसने लगे, लेकिन इस बात को भी झुठलाया नहीं जा सकता है कि कई सिख पूरी तरह से यहां के आबो हवा का हिस्सा बन गए है और सिख धर्म के साथ साथ वहां के कल्चर को फॉलो करते है लेकिन वहीं कुछ सिख आज भी अपने धर्मिक परंपराओं और संस्कृति से बंधे हुए है। हालांकि स्पैनिश लुकआउट शहर में तेल के कुए मिलने के बाद इसकी अर्थव्यवस्था में सुधार तेज हो गए है, लेकिन फिर भी ये एक स्ले इकॉनमी वाला देश है।
वहीं बेलीज एक ऐसा देश है जो अपराधिक मामलो में काफी आगे है, जिसके कारण सिख यहां कर बड़े स्तर पर कोई कार्य नहीं कर पा रहे है। लेकिन फिर भी सिखों के साहसी और बहादुरी के कारण बेलीज में उनका रहना थोड़ा आसान है। आकड़ो की माने तो बेलीज में सिखों की आबादी सिमित है लेकिन रोजगार के अवसरो ने सिखो को बेलीज की तरफ आकर्षित किया है। हालांकि बेलीज को सिख समुदाय कनाडा और अमेरिका जाने के लिए एक माध्यम की तरह भी इस्तेमाल करते है। बेलीज में अगर गुरुद्वारे की बात करें तो यहां एक संगमरमर का गुरुद्वारा है, जो कि सिखो का एक सामुदायिक केंद्र है, जो केवल रविवार को ही खुलता है।
सिख यहां इकट्ठा होते है और सार्वजनिक कार्यक्रमों से लेकर संगठन के भले के लिए उठाये जा रहे कदमो पर चर्चा करते है साथ ही सिख बच्चो को सिख धर्म की महानता के बारे में बताया जाता है ताकि वो बच्चें हमेशा अपनी जड़ो से जुड़े रहे। बेलीज एक ऐसा खूबसूरत है, जिसपर सहीं मायने में ध्यान ही नहीं दिया गया है। उसकी अवहेलना की गई है। लेकिन फिर भी बेलीज के डेवलपमेंट में अहम रोल प्ले कर रहे है। बेलीज में सिख धर्म की कहानी आपको कैसी लगी हमें कमेंट करके जरूर बतायें।
