Agra News: आगरा में बिल्ली बनी चर्चा की वजह, नाइट ड्यूटी पर लगे होमगार्ड्स ने जताई नाराजगी, ट्रैफिक पुलिस को देनी पड़ी सफाई

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 Aug 2025, 12:00 AM | Updated: 03 Aug 2025, 12:00 AM

Agra News: आगरा में इन दिनों एक बिल्ली चर्चा का केंद्र बनी हुई है। मामला जितना अजीब लगता है, उतना ही हैरान करने वाला भी है। दरअसल, यहां पुलिस लाइन में तैनात चार होमगार्ड्स को रातभर एक बिल्ली की निगरानी में ड्यूटी दे दी गई। उन्हें बाकायदा यह हिदायत भी दी गई कि ये कोई मामूली बिल्ली नहीं है, बल्कि एसपी ट्रैफिक की है, इसलिए खास ख्याल रखा जाए कि उसे कोई जानवर नुकसान न पहुंचा दे।

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30 जुलाई की रात पुलिस लाइन में होमगार्ड पवन पाराशर, निजाम खान, सत्यपाल और पीआरडी जवान एदल सिंह को ड्यूटी पर तैनात किया गया था। उद्देश्य बताया गया था गाड़ियों की सुरक्षा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर कॉन्स्टेबल योगेश कुमार ने बिल्ली की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह साहब की बिल्ली है, इसकी हिफाजत करना तुम लोगों की ज़िम्मेदारी है। दूध-पानी देना, और अगर कोई दिक्कत हुई तो जवाबदेह भी तुम ही रहोगे।”

नाराज जवान, वायरल हुआ बिल्ली का किस्सा- Agra News

12 घंटे की शिफ्ट खत्म होने के बाद एक जवान का सब्र टूटा और उसने अपनी नाराजगी विभागीय वॉट्सऐप ग्रुप में जाहिर कर दी। उसने लिखा, “हमारी ड्यूटी अब बिल्लियों की सेवा के लिए लगाई जा रही है। अगर बिल्ली को कुछ हो गया तो हम पर कार्रवाई होगी। क्या हमें इसी काम के लिए भर्ती किया गया है?”

साथ ही बिल्ली की एक तस्वीर भी शेयर की गई, जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पोस्ट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई और मीम्स की लाइन लग गई। कुछ यूज़र्स ने तो पुलिस को ‘कैट सिक्योरिटी फोर्स’ तक कह दिया।

पुलिस ने दी सफाई, बताया झूठा प्रचार

जब मामला तूल पकड़ने लगा और सवाल उठने लगे कि पुलिस बल को आखिर किस काम में लगाया जा रहा है, तो आगरा ट्रैफिक पुलिस को सामने आकर सफाई देनी पड़ी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर जारी बयान में कहा गया, “यह बिल्ली किसी अधिकारी की नहीं है, बल्कि लावारिस है। कांस्टेबल अनिल ने सिर्फ इतना कहा था कि कोई जानवर उसे नुकसान न पहुंचा दे, इसलिए कॉन्स्टेबल योगेश ने निगरानी की जिम्मेदारी दी थी। सोशल मीडिया पर फैल रही बातें पूरी तरह गलत हैं।”

अब भी बना है सवाल — क्या वर्दी सिर्फ जानवरों के लिए?

पुलिस की सफाई भले ही सामने आ गई हो, लेकिन सवाल अब भी कायम है कि क्या सरकारी ड्यूटी पर तैनात जवानों से इस तरह की सेवाएं कराना सही है? जहां पुलिस फोर्स पर अपराध रोकने और सुरक्षा जैसे बड़े कामों की जिम्मेदारी होती है, वहां इस तरह की ड्यूटी कहीं न कहीं उनकी भूमिका पर सवाल खड़े करती है।

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