INDIA GATE Picnics Guidelines: इंडिया गेट का मजा हुआ फीका, चादर और खाना लाना अब नहीं होगा मुमकिन, पिकनिक पर लगी रोक

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 Jul 2025, 12:00 AM | Updated: 08 Jul 2025, 12:00 AM

INDIA GATE Picnics Guidelines: दिल्ली का इंडिया गेट हमेशा से एक ऐतिहासिक और प्रमुख पर्यटन स्थल रहा है, जहां न सिर्फ़ दिल्लीवाले, बल्कि देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट भी अपनी छुट्टियां बिताने या रोमांटिक समय गुजारने के लिए पहुंचते थे। यहां परिवार के लोग अपनी चादरें लेकर पिकनिक मनाते, बच्चे घास पर खेलते, और लोग अपनी यादें कैमरे में कैद करते। लेकिन अब यह सब बदलने वाला है। हाल ही में, इंडिया गेट के आसपास सुरक्षा और सुविधा को लेकर कई नए नियम लागू किए गए हैं, जो परिवारों और पर्यटकों के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहे हैं।

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पिकनिक पर प्रतिबंध और नए नियमों का असर- INDIA GATE Picnics Guidelines

इंडिया गेट पर अब पिकनिक मनाने का चलन बंद कर दिया गया है। नए सुरक्षा नियमों के तहत, अब वहां खाना लाने, बैग या पालतू जानवर लेकर जाने की अनुमति नहीं होगी। पहले जहां लोग इंडिया गेट के आसपास बैठकर आराम से खाना खाते थे और कुछ समय के लिए आनंद लेते थे, वहीं अब इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर परिवारों और समूहों पर पड़ा है, जो पहले एक साथ समय बिताने के लिए इंडिया गेट आते थे। अब वे दो हिस्सों में बंटकर घूमते हैं – एक ग्रुप अंदर जाता है, जबकि दूसरा बाहर इंतजार करता है। इस वजह से परिवारों के एक साथ इंडिया गेट का दौरा करना मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों में निराशा और असुविधा का माहौल पैदा हो गया है।

वीडियो बनाने पर भी रोक

इसके अलावा, केंद्र सरकार इस क्षेत्र में वीडियो बनाने पर भी रोक लगाने पर विचार कर रही है। पहले जहां लोग इंडिया गेट के सामने खड़े होकर वीडियो बनाते थे और इस ऐतिहासिक स्थल की सुंदरता को कैद करते थे, वहीं अब इस पर भी कड़ी पाबंदी लगाई गई है। सुरक्षा कारणों से ये कदम उठाया गया है, लेकिन इससे लोगों की यात्रा अनुभव पर असर पड़ रहा है।

लॉकर की सुविधा का अभाव

लोगों ने यह भी शिकायत की है कि सुरक्षा कारणों से बैग, चादर, और खाना तो ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन इस सामान को रखने के लिए कोई सुविधा नहीं दी गई है। दिल्ली के कई अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे लाल किला और कुतुब मीनार पर लॉकर्स की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन इंडिया गेट पर इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। कई पर्यटकों ने इस कमी को लेकर प्रशासन से सवाल उठाए हैं। प्रयागराज से आए एक पर्यटक ने कहा, “मुझे बाहर ही रुकना पड़ा, जबकि मेरा परिवार अंदर गया। अगर लॉकर्स की सुविधा होती, तो मुझे बाहर इंतजार नहीं करना पड़ता।”

इंडिया गेट की सुंदरता को बनाए रखने के लिए कदम

इंडिया गेट के सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य इस ऐतिहासिक स्थल की सुंदरता और देखभाल को बनाए रखना है। अधिकारियों के अनुसार, जो नई घास और बागवानी की गई थी, वह पिकनिक मनाने और घंटों बैठने के कारण खराब हो रही थी। लोग घंटों तक घास पर बैठकर खाना खाते थे, जिससे न केवल घास को नुकसान होता था, बल्कि साफ-सफाई भी एक समस्या बन जाती थी। इसलिए यह निर्णय लिया गया कि बैग, चादर, और खाना लाने पर रोक लगा दी जाए। सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी बताया कि जल्द ही लॉकर्स की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि लोगों को अपनी चीज़ें रखने में कोई परेशानी न हो।

पर्यटकों की प्रतिक्रिया

पर्यटकों ने इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी भी जताई है। बनारस से आए एक यात्री ने प्रशासन से अपील की कि सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की परेशानियों का भी ध्यान रखा जाए, क्योंकि बहुत से लोग दूर-दराज से इस ऐतिहासिक स्थल को देखने आते हैं। उन्होंने कहा, “यहां कोई लॉकर नहीं है, और बैग लेकर अंदर जाना भी मना है। हमें इस बात की जानकारी पहले मिलनी चाहिए थी।”

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