Black Holes: ब्लैक होल के अंदर मौजूद है हमारा ब्रह्मांड! वैज्ञानिकों की नई थ्योरी से मचा बवाल

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 19 जून 2025, 12:00 AM 🔄 Updated: 24 दिसम्बर 2025, 10:19 AM
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Black Holes: ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नए अध्ययन ने ब्रह्मांड की उत्पत्ति पर लंबे समय से चली आ रही बिग बैंग थ्योरी पर सवाल उठाया है। पोर्ट्समाउथ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने यह सुझाव दिया है कि ब्रह्मांड की शुरुआत किसी विस्फोट से नहीं हुई थी, बल्कि यह एक ब्लैक होल के अंदर उत्पन्न हुआ हो सकता है। यह विचार फिजिकल रिव्यू डी में प्रकाशित किया गया है, जिसमें वैज्ञानिकों ने Black Hole Universe नामक सिद्धांत को प्रस्तुत किया है।

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ब्लैक होल यूनिवर्स सिद्धांत- Black Holes

वैज्ञानिकों की टीम का मानना है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति एक विशाल गुरुत्वाकर्षण पतन (Gravitational Collapse) से हुई थी, जिसने एक विशाल ब्लैक होल का निर्माण किया। इसके अनुसार, ब्रह्मांड अनंत घनत्व वाले बिंदु से उत्पन्न नहीं हुआ, जैसा कि पहले माना जाता था (Singularity)। बल्कि, ब्लैक होल के अंदर का पदार्थ कंप्रेस्ड हो गया और फिर एक स्प्रिंग की तरह बाहर उछल पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप ब्रह्मांड का जन्म हुआ।

यह नया सिद्धांत पुराने सिद्धांत से पूरी तरह अलग है, जिसमें कहा गया था कि ब्रह्मांड एक बिंदु से उत्पन्न हुआ था, जिसे Singular Point कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्मांड शून्य से उत्पन्न नहीं हुआ, बल्कि यह खत्म होने और फिर से विस्तार होने के चक्र से जुड़ा हुआ है। प्रोफेसर एनरिक गजटानागा के अनुसार, जब गुरुत्वाकर्षण के कारण पदार्थ ढहता है, तो यह हमेशा अनंत घनत्व के बिंदु पर नहीं रुकता, बल्कि यह एक बहुत घना बिंदु बन सकता है और फिर उछलकर एक नया ब्रह्मांड उत्पन्न कर सकता है।

नया ब्रह्मांड बनता है

इस सिद्धांत के अनुसार, ब्रह्मांड की उत्पत्ति कोई एकल घटना नहीं है, बल्कि यह एक चक्रीय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। जैसे ब्लैक होल पदार्थ को संकुचित करता है और फिर एक नया ब्रह्मांड पैदा करता है, उसी तरह यह चक्र लगातार चलता रहता है। ब्रह्मांड का अस्तित्व खत्म होने और फिर से जन्म लेने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब यह हुआ कि ब्रह्मांड का जन्म केवल एक बार नहीं हुआ था, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है, जो अनंत समय से चल रही है।

ब्रह्मांड का किनारा और इवेंट क्षितिज

इस सिद्धांत के अनुसार, हमारे ब्रह्मांड का किनारा वह जगह है जहां ब्लैक होल का इवेंट क्षितिज (Event Horizon) स्थित है। यह वह सीमा है जो हमें यह देखने से रोकती है कि उसके बाद क्या है। इवेंट क्षितिज के पार कुछ भी देख पाना संभव नहीं है, क्योंकि वहां से कोई भी जानकारी बाहर नहीं निकल सकती। यह विचार ब्रह्मांड के बारे में हमारे मौजूदा दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल सकता है और इसे एक नई दिशा में ले जा सकता है।

बिग बैंग थ्योरी का विपरीत दृष्टिकोण

पारंपरिक बिग बैंग थ्योरी के अनुसार, लगभग 14 अरब साल पहले ब्रह्मांड एक छोटे से बिंदु से उत्पन्न हुआ था। इसके बाद यह बिंदु विस्फोट की तरह फैलने लगा और ब्रह्मांड का विस्तार हुआ। इसके परिणामस्वरूप हमारे द्वारा देखे जाने वाले तारे, ग्रह, और आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ। लेकिन Black Hole Universe सिद्धांत इसे चुनौती देता है और कहता है कि ब्रह्मांड के अस्तित्व में आने के लिए एक विशाल गुरुत्वाकर्षण पतन का होना आवश्यक था, जिससे एक ब्लैक होल बना और उसके अंदर से ब्रह्मांड उत्पन्न हुआ।

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