India-Pakistan Tension: पीएम मोदी ने ट्रंप की मध्यस्थता को नकारा, जानें वैश्विक मीडिया में किस तरह की आई प्रतिक्रिया?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 13 May 2025, 12:00 AM | Updated: 13 May 2025, 12:00 AM

India-Pakistan Tension: पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित करते हुए भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति को स्पष्ट किया। पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन को ‘न्याय की अखंड प्रतिज्ञा’ बताया और कहा कि आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को यह समझ में आ चुका है कि हमारे बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का क्या अंजाम होगा।

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सैन्य शक्ति की सराहना और एयर डिफेंस सिस्टम की सफलता- India-Pakistan Tension

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सेना की ताकत का बखान करते हुए कहा, “दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। हमारे सशक्त एयर डिफेंस सिस्टम ने उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया।” इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत की सेना न केवल अपनी सीमा की रक्षा करने में सक्षम है, बल्कि वह किसी भी सैन्य चुनौती का डटकर सामना करने में भी सक्षम है।

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अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में कवरेज

प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन न केवल भारत में बल्कि वैश्विक मीडिया में भी प्रमुखता से कवर किया गया। अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने इस संबोधन को प्रमुखता दी और लिखा कि भारत ने अपनी सैन्य कार्रवाई को रोका है, लेकिन भविष्य में यदि देश पर कोई आतंकवादी हमला होता है, तो वह अपनी शर्तों पर जवाब देगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान से कोई बात होगी तो वह आतंकवाद और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर होगी, और आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते।

पाकिस्तान के साथ बातचीत पर भारत का स्पष्ट रुख

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के साथ आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने यह बात जोर देकर कही कि “बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते, व्यापार और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते, पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।” यह बयान भारत की कड़ी नीति को स्पष्ट करता है, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति की मध्यस्थता की पेशकश पर प्रतिक्रिया

वाशिंगटन पोस्ट ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है। यह दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी कड़ी नीति पर अडिग है और किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करेगा।

जापान टाइम्स का विश्लेषण

जापान टाइम्स ने पीएम मोदी के भाषण को विश्लेषित करते हुए लिखा कि मोदी ने न तो अमेरिका का जिक्र किया और न ही सीजफायर के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को श्रेय दिया। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारतीय सेना द्वारा किए गए हमले के बाद ही तनाव कम करने की अपील की। यह दर्शाता है कि भारत शांति की पहल करने के बावजूद किसी भी प्रकार के आतंकवादी हमलों को सहन नहीं करेगा।

भारत की सुरक्षा नीति और परमाणु ब्लैकमेल पर दृढ़ रुख

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को सहन नहीं करेगा। यह बयान पाकिस्तान और अन्य देशों को यह संकेत देता है कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा और वह किसी भी प्रकार के उकसावे का जवाब अपनी शर्तों पर देगा।

पाकिस्तान के लिए सख्त संदेश

पाकिस्तानी मीडिया एजेंसी समा टीवी ने पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को युद्ध की धमकी दी है और आक्रामक टिप्पणी करके क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया है। समा टीवी ने पीएम मोदी के बयान को “कठोर शर्तें” और “परमाणु ब्लैकमेल” के खिलाफ सख्त रुख के रूप में प्रस्तुत किया है।

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