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India Bangladesh Tension: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम! ठेकेदारों को बांग्लादेशियों को काम पर रखने से रोकने का आदेश

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 20 Mar 2025, 12:00 AM | Updated: 20 Mar 2025, 12:00 AM

India Bangladesh Tension: महाराष्ट्र सरकार ने अब एक कड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत ठेकेदारों को अपने परियोजनाओं में बांग्लादेशियों को काम पर रखने से रोका जाएगा। इस आदेश का उद्देश्य बांग्लादेशी घुसपैठियों से संबंधित सुरक्षा चिंताओं को दूर करना है। हाल ही में बॉलीवुड स्टार सैफ अली खान पर हुए हमले में भी हमलावरों के तार बांग्लादेश से जुड़ने की खबरों ने सरकार को यह निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया है।

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सुरक्षा चिंताएं और बांग्लादेशी श्रमिकों की भूमिका- India Bangladesh Tension

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गृहराज्य मंत्री योगेश कदम ने मंगलवार को विधानसभा में इस फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मुंबई और ठाणे में स्थित डेवलपर्स और ठेकेदारों को आदेश दिया गया है कि वे वचन दें कि वे अपने परियोजनाओं में किसी बांग्लादेशी श्रमिक को काम पर नहीं रखेंगे। यदि कोई बांग्लादेशी श्रमिक काम पर पाया जाता है, तो उसे तुरंत पुलिस को सूचित किया जाएगा।

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योगेश कदम ने यह भी बताया कि पुलिस और श्रम विभाग ठेकेदारों के साथ बैठकें कर रहे हैं, लेकिन जानकारी मिलने में देरी हो रही थी। उन्होंने बताया कि मुंबई के संरक्षक मंत्री ने भी एक बैठक आयोजित की थी, जिसमें ठेकेदारों और डेवलपर्स से यह वचन लिया गया कि वे बांग्लादेशी श्रमिकों को काम पर नहीं रखेंगे।

राज्य सरकार की कार्रवाई

महाराष्ट्र सरकार ने यह भी घोषणा की कि राज्य में अब तक सबसे ज्यादा बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार और डिपोर्ट किया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में महाराष्ट्र ने 202 बांग्लादेशियों को डिपोर्ट किया। हालांकि, राज्य सरकार ने यह भी बताया कि बहुत से गिरफ्तार किए गए बांग्लादेशियों को डिपोर्ट नहीं किया जा सका, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार का सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा था।

मंत्री योगेश कदम ने कहा, “गिरफ्तार किए गए 400-500 बांग्लादेशियों में से केवल 20-25 को ही डिपोर्ट किया जा सका, क्योंकि अधिकतर के पास दस्तावेज थे और इन दस्तावेजों का निर्माण पश्चिम बंगाल में हुआ था।” उन्होंने बताया कि कोर्ट में यह साबित करना मुश्किल था कि ये दस्तावेज फर्जी थे, क्योंकि पश्चिम बंगाल सरकार इस मामले में सहयोग नहीं कर रही थी।

सरकार की भूमिका और भविष्य की योजनाएं

महाराष्ट्र सरकार का यह कदम बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती संख्या और उनकी गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि अब से बांग्लादेशी श्रमिकों को महाराष्ट्र में काम करने का कोई अवसर न मिले, ताकि सुरक्षा और सामुदायिक शांति को बनाए रखा जा सके।

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यह आदेश सरकार के प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़कर उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ कठिनाइयाँ भी आ रही हैं, जैसे कि दस्तावेजों की जांच और पश्चिम बंगाल सरकार का सहयोग न करना, जो इस मुद्दे को और जटिल बना रहा है।

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