सुल्तानपुर डकैती केस में मंगेश यादव के बाद STF ने अब किया अनुज प्रताप सिंह का एनकाउंटर, यहां पढ़ें गुनहगारों का पूरा ‘हिसाब’

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 23 Sep 2024, 12:00 AM | Updated: 23 Sep 2024, 12:00 AM

उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में पिछले महीने एक ज्वैलर्स की दुकान में सेंध लगाई गई थी। सोमवार को उन्नाव में उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ हुई मुठभेड़ में इस मामले का एक और आरोपी मारा गया। ज्वैलर्स की दुकान को निशाना बनाने वाले गिरोह में चौदह लुटेरे शामिल थे। इनमें से ग्यारह अपराधी गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। जबकि मंगेश यादव और अनुज प्रताप सिंह को यूपी एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया था। इसी दौरान आरोपी मंगेश यादव के एनकाउंटर को लेकर व्यापक राजनीतिक विवाद सामने आया था। समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने इस मामले को उठाते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा था।

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28 अगस्त को दिनदहाड़े सुल्तानपुर के ठठेरी बाजार में ओम ऑर्नामेंट नामक दुकान में हथियारबंद नकाबपोश लुटेरों ने लूटपाट की। इस दौरान दुकानदार और अन्य ग्राहकों को बंदूक की नोक पर बंधक बनाकर लूटपाट की गई। ज्वैलर के मुताबिक लुटेरे करीब दो करोड़ रुपये लूटकर ले गए।

29 अगस्त को एक आरोपी ने कर दिया था सरेंडर

इस गैंग के सरगना विपिन सिंह ने इस वारदात के अगले ही दिन यानी 29 अगस्त को रायबरेली कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। मीडिया से बातचीत में विपिन सिंह ने कहा था कि उसे डर है कि कहीं उसका एनकाउंटर न हो जाए। इसके बाद 3 सितंबर को सुल्तानपुर कोतवाली में मुठभेड़ के बाद पुष्पेंद्र सिंह, त्रिभुवन कोरी और सचिन सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। ये तीनों ही अपराधी बैकअप टीम का हिस्सा थे, जिन्होंने वारदात की टोह ली और घटना वाले दिन बोलेरो से भाग निकले।

5 सितंबर को हुआ मंगेश यादव का एनकाउंटर  

एसटीएफ से मुठभेड़ के बाद आरोपी लुटेरे मंगेश यादव की 5 सितंबर को मौत हो गई थी। यह मुठभेड़ सुल्तानपुर के देहात थाने के हनुमानगंज बाईपास पर पुलिस ने की थी। फरार चल रहे अपराधी पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जौनपुर के बक्श थाना क्षेत्र के रहने वाले मंगेश यादव की गोली लगने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। मंगेश यादव पर पहले से ही दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

Sultanpur robbery case
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पांच और बदमाशों को किया गया गिरफ्तार 

इसके बाद सुल्तानपुर पुलिस ने बिना किसी परेशानी के चार और अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। 11 सितंबर को सुल्तानपुर पुलिस ने मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद विवेक सिंह, विनय शुक्ला, अरविंद यादव और दुर्गेश सिंह को हिरासत में लिया। इसके बाद 20 सितंबर को अजय यादव और एसटीएफ ने मुठभेड़ की, जिसमें दुर्गेश के पैर में गोली लगी। जिला अस्पताल में इलाज के बाद उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

मंगेश के बाद अनुज प्रताप सिंह का हुआ एनकाउंटर 

इस घटना के तीन दिन बाद एसटीएफ ने आरोपी अनुज प्रताप सिंह और उसके साथी का एनकाउंटर कर दिया। यह घटना उन्नाव के अचलगंज थाने के पास हुई थी। इस घटना में एक अपराधी घायल हो गया, जबकि दूसरा मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। घायल अपराधी को नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमेठी के मोहनगंज थाना क्षेत्र के मूल निवासी धर्मराज सिंह के बेटे अनुज प्रताप सिंह के रूप में हुई।

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दुकान के अंदर घुसे थे 5 बदमाश 

यूपी पुलिस के मुताबिक, पांच चोर ज्वेलरी की दुकान में लूटपाट के इरादे से घुसे थे। इनमें फुरकान, अनुज प्रताप सिंह, मंगेश यादव, अरबाज और अंकित यादव शामिल थे। मंगेश यादव और अनुज प्रताप सिंह दुकान में घुसने वाले दो बदमाश थे, जिन्हें मारपीट में मार गिराया गया। इसके अलावा फुरकान, अरबाज और अंकित यादव नाम के तीन बदमाश फरार हैं। यूपी पुलिस ने इन तीनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

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