US Pilot Rescue Operation: अमेरिकी सेना ने एक बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन में ईरान के अंदर फंसे अपने दूसरे पायलट को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस पायलट का विमान, F-15E स्ट्राइक ईगल, हाल ही में ईरान के सेंट्रल इलाके में मार गिराया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने खुद इस मिशन की सफलता की पुष्टि की है और इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया है।
ट्रंप का बयान: “हमने उसे बचा लिया” (US Pilot Rescue Operation)
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिकी सेना ने कुछ ही घंटों में एक बेहद खतरनाक मिशन को अंजाम देते हुए अपने एक वरिष्ठ क्रू मेंबर, जो कर्नल रैंक के अधिकारी हैं, को सुरक्षित वापस ला लिया। उन्होंने कहा कि पायलट अब पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी हालत स्थिर है।
कैसे गिराया गया था विमान
शुक्रवार को ईरानी सुरक्षा बलों ने सेंट्रल ईरान के ऊपर अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को मार गिराया था। विमान में मौजूद दोनों पायलट इजेक्ट होकर बाहर निकलने में कामयाब रहे। एक पायलट को उसी दिन बचा लिया गया था, लेकिन दूसरा पायलट ईरान के अंदर फंसा रह गया, जिसके बाद उसे निकालने के लिए बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया।
🚨“WE GOT HIM! My fellow Americans, over the past several hours, the United States Military pulled off one of the most daring Search and Rescue Operations in U.S. History, for one of our incredible Crew Office Members, who also happens to be a highly respected Colonel, and who I… pic.twitter.com/FNPWV6MPvA
— The White House (@WhiteHouse) April 5, 2026
दो दिन तक छिपता रहा पायलट
कतरी मीडिया Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरा पायलट करीब दो दिनों तक ईरानी सुरक्षा बलों से बचता रहा। वह लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और छिपकर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करता रहा।
First footage has emerged of US Special Forces battling IRGC units outside Dehdasht to rescue the downed F-15 pilot.
Reports indicate heavy IRGC and Basij casualties, with regime forces taking heavy losses.
The pilot will be rescued. Iran will be free. pic.twitter.com/6BqATKTGYB
— Nicholas Lissack (@NicholasLissack) April 5, 2026
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान पायलट को पकड़ने के लिए ईरान ने बड़े स्तर पर घेराबंदी कर रखी थी। यहां तक कि स्थानीय मिलिशिया और हथियारबंद खानाबदोशों को भी उसकी तलाश में लगाया गया था और उसे पकड़ने पर इनाम की घोषणा भी की गई थी।
गोलीबारी के बीच चला रेस्क्यू ऑपरेशन
पायलट को निकालने के लिए अमेरिकी सेना ने कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (CSAR) मिशन चलाया। इस दौरान ईरान के देहदाश्त इलाके में अमेरिकी कमांडो और Islamic Revolutionary Guard Corps के लड़ाकों के बीच भारी गोलीबारी हुई, जो रातभर जारी रही। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने पायलट की लोकेशन पर 24 घंटे नजर रखी और सही समय देखकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस मिशन में अत्याधुनिक हथियारों से लैस कई विमान और स्पेशल फोर्स शामिल थे।
रेडियो सिग्नल से मिला सुराग
पायलट के पास मौजूद सैटेलाइट से जुड़ा खास रेडियो डिवाइस उसकी लोकेशन ट्रैक करने में अहम साबित हुआ। इसी सिग्नल के आधार पर अमेरिकी कमांडो उसकी सटीक स्थिति तक पहुंच पाए।
हेलीकॉप्टर गिराए जाने की खबर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सेना के दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर को नुकसान पहुंचा और कुछ सैनिक घायल भी हुए। हालांकि इसकी पूरी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कैसे निकाला गया पायलट
पायलट के मिलने के बाद उसे बाहर निकालना भी आसान नहीं था। दो ट्रांसपोर्ट विमान तकनीकी वजहों से फंस गए, जिसके बाद तीन नए विमान भेजे गए। साथ ही, खराब हुए विमानों को दुश्मन के हाथ लगने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
मिशन का नाटकीय अंत
अमेरिकी अधिकारी ने इसे “ड्रैमेटिक मिशन” बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अंधेरे में शुरू हुआ और उजाले में खत्म हुआ। जब ईरानी बल पायलट के करीब पहुंचने ही वाले थे, उससे पहले अमेरिकी सेना ने उसे सुरक्षित निकाल लिया। ट्रंप ने बताया कि पायलट को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह जल्द ही पूरी तरह ठीक हो जाएगा।




























