UGC Fake Universities List: अगर आप या आपका कोई अपना किसी नई यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने की सोच रहा है, तो इस खबर को जरूर पढ़ें। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने 2026 के लिए ताजा फेक यूनिवर्सिटी लिस्ट जारी की है, जिसमें देश के 32 विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को फर्जी (Fake) घोषित किया गया है। UGC ने चेतावनी दी है कि इन संस्थानों में दाखिला लेने से आपकी सालों की मेहनत और लाखों रुपये दोनों खराब हो सकते हैं।
दिल्ली में सबसे ज्यादा फेक यूनिवर्सिटी (UGC Fake Universities List)
इस लिस्ट में सबसे अधिक 13 संस्थान दिल्ली से हैं। इनमें आल इंडिया इंस्टीटयूट आफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंस (A.I.P.P.A.H.S.), कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, वॉकेशनल यूनिवर्सिटी, ए.डी.आर.-सेन्ट्रिक जयूरिडिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग, विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट, आध्यात्मिक यूनिवर्सिटी, वर्ल्ड पीस ऑफ यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग, माउंटेन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशंस, और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट सोल्यूशन शामिल हैं।
UGC ने कहा है कि दिल्ली में इन संस्थानों के पास कोई मान्यता प्राप्त अधिकार नहीं है और यहां से प्राप्त डिग्री मान्य नहीं होगी।
अन्य राज्यों की फेक यूनिवर्सिटी
उत्तर प्रदेश में 4 संस्थान शामिल हैं, जिनमें गांधी हिन्दी विद्यापीठ (इलाहाबाद), महामाया टेक्निकल विश्वविद्यालय (नोएडा), नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन यूनिवर्सिटी, अलीगढ़) और भारतीय शिक्षा परिषद् (लखनऊ) शामिल हैं।
महाराष्ट्र में राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी (नागपुर) और नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ (सोलापुर), पश्चिम बंगाल में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन (कोलकाता) और इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च (कोलकत्ता), आंध्र प्रदेश में क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी (गुंटूर) और बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (विशाखापट्टनम) फर्जी घोषित किए गए हैं।
कर्नाटक, पुडुचेरी, केरल, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड, और अरुणाचल प्रदेश से भी कुछ संस्थान इस लिस्ट में शामिल हैं। इनमें सर्व भारतीय शिक्षा पीठ (कर्नाटक), ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु), श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (पुडुचेरी), उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन (पुडुचेरी), सेंट जॉन यूनिवर्सिटी (केरल), मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी (हरियाणा), राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (राजस्थान), दक्ष यूनिवर्सिटी (झारखंड) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ऑल्टरनेटिव मेडिसिन (अरुणाचल प्रदेश) शामिल हैं।
UGC की चेतावनी
UGC ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्रियों को मान्यता प्राप्त नहीं माना जाएगा। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी नए कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर उसकी मान्यता की जांच अवश्य करें। UGC ने यह भी कहा कि फर्जी संस्थानों में दाखिला लेने से भविष्य में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं।
सावधानी बरतें
विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर इन फर्जी संस्थानों का विज्ञापन सोशल मीडिया या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बड़ी शान से किया जाता है। कई बार छोटे शहरों के छात्र और उनके अभिभावक आकर्षक ऑफर्स देखकर बिना जांच के इन संस्थानों में दाखिला ले लेते हैं। UGC की फेक यूनिवर्सिटी लिस्ट 2026 इसीलिए जरूरी है ताकि लोग अपनी मेहनत और पैसे की रक्षा कर सकें।
छात्रों के लिए सुझाव है कि किसी भी विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने से पहले UGC की आधिकारिक वेबसाइट (www.ugc.ac.in) पर उसकी मान्यता जांचें।




























