Subramanian Swamy का सनसनीखेज दावा: Epstein Files में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की खुली पोल!

Nandani | Nedrick News Published: 08 फ़रवरी 2026, 03:20 PM Updated: 08 फ़रवरी 2026, 03:23 PM
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Subramanian Swamy on Epstein Files: अमेरिका में जेफ्री एप्सटीन फाइल्स को लेकर मचा बवाल अब भारत की राजनीति तक पहुंच गया है। जिन एप्सटीन दस्तावेजों में अमेरिका के कई बड़े और ताकतवर नामों पर सवाल उठ रहे हैं, उसी कड़ी में अब भारत के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आ गया है। यह विवाद तब खड़ा हुआ, जब बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए गंभीर आरोप लगाए।

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सुब्रह्मण्यम स्वामी का आरोप क्या है? (Subramanian Swamy on Epstein Files)

सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दावा किया कि कुख्यात अमेरिकी फाइनेंसर और सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपी जेफ्री एप्सटीन के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से संपर्क रहे हैं। स्वामी का कहना है कि 2014 के बाद दोनों के बीच कई बार मुलाकात हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ऐसा व्यक्ति, जिसे अमेरिका में राजनेताओं के लिए “दलाल” के रूप में जाना जाता था, उसका एक भारतीय केंद्रीय मंत्री से क्या रिश्ता था।

स्वामी ने अपनी पोस्ट में यह भी याद दिलाया कि एप्सटीन को जेल में बंद किए जाने के कुछ समय बाद 2019 में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पोस्ट के अंत में उन्होंने हरदीप पुरी से सार्वजनिक रूप से यह बताने की मांग की कि एप्सटीन के साथ उनके संबंध किस तरह के थे।

सबूतों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल

स्वामी के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई। बड़ी संख्या में यूजर्स ने सवाल उठाया कि इतने गंभीर आरोपों के साथ कोई ठोस सबूत क्यों साझा नहीं किए गए। कई लोगों ने पूछा कि क्या इन कथित मुलाकातों की कोई फोटो, आधिकारिक रिकॉर्ड या फ्लाइट लॉग मौजूद हैं।

कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि बिना दस्तावेजी प्रमाण के ऐसे आरोप राजनीति को और ज्यादा जहरीला बनाते हैं। वहीं, कुछ लोगों ने इसे स्वामी का पुराना अंदाज बताते हुए कहा कि वह अक्सर अपनी ही पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते रहे हैं।

2014 का ईमेल और नया दावा

इस बीच सोशल मीडिया पर एक और दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें 24 अक्टूबर 2014 के एक ईमेल का जिक्र किया गया है। इस दावे के मुताबिक, जेफ्री एप्सटीन ने उस समय पूर्व राजदूत और बीजेपी सदस्य रहे हरदीप पुरी को एक ईमेल भेजा था। ईमेल में एप्सटीन ने अपनी एक असिस्टेंट के लिए भारत आने का वीजा जल्दी दिलवाने में मदद मांगी थी, ताकि वह एक शादी में शामिल हो सके।

आरोप यह लगाया जा रहा है कि हरदीप पुरी ने इस ईमेल को नजरअंदाज नहीं किया और अपने कूटनीतिक संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए एप्सटीन के सहयोगी के लिए मदद की। दावा है कि उन्होंने रिटायर्ड राजदूत प्रमोद कुमार बजाज और न्यूयॉर्क में मौजूद एक अन्य व्यक्ति से संपर्क कर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

टाइमलाइन ने खड़े किए नए सवाल

इस पूरे मामले की टाइमलाइन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हरदीप पुरी 2013 में भारतीय विदेश सेवा से रिटायर हुए थे और जनवरी 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे। आरोप लगाने वालों का कहना है कि उस समय एप्सटीन पहले से ही एक दोषी यौन अपराधी के रूप में जाना जाता था, फिर भी उसके अनुरोध पर मदद की गई।

यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर यह पूछा जा रहा है कि क्या एक पूर्व राजनयिक और मौजूदा केंद्रीय मंत्री को इतनी संवेदनशील पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के लिए हस्तक्षेप करना चाहिए था।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और अंदरूनी बहस

इस विवाद के बीच कुछ यूजर्स ने स्वामी से यह भी पूछा कि अगर वह अपनी ही पार्टी के मंत्री पर इतने गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो पार्टी में बने रहने का औचित्य क्या है। वहीं, कुछ लोगों ने यह तर्क दिया कि अगर स्वामी के आरोपों को सही माना जाता है, तो फिर उनके द्वारा अतीत में सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणियों को भी उसी नजर से देखा जाना चाहिए।

हरदीप पुरी की चुप्पी, सियासत का बढ़ता तापमान

फिलहाल, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन एप्सटीन जैसे अंतरराष्ट्रीय विवादित नाम के साथ किसी भारतीय मंत्री का नाम जुड़ना राजनीतिक हलकों में बेचैनी बढ़ा रहा है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत सामने आते हैं या फिर यह विवाद सिर्फ सोशल मीडिया बहस तक ही सीमित रह जाएगा। फिलहाल इतना तय है कि Epstein Files की गूंज भारत की राजनीति में भी तेज होती जा रही है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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