पश्चिम बंगाल बीजेपी में लगी बड़ी सेंध, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के बेटे ने पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 31 मई 2021, 05:30 AM Updated: 31 मई 2021, 05:30 AM
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पश्चिम बंगाल  विधानसभा चुनाव 2021 में ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की और राज्य में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई। तमाम कोशिशों के बावजूद टीएमसी को टक्कर देने और 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल करने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी मात्र 77 सीटों पर सिमट गई। 

चुनाव से पहले कई नेताओं ने टीएमसी से इस्तीफा देकर बीजेपी का दामन थामा था। लेकिन इस चुनाव में उन्हें करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। खबरों के मुताबिक बीजेपी में आए कई नेताओं ने टीएमसी में वापसी की गुहार लगाई है। 

इसी बीच 2019 में बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय के बेटे और पूर्व विधायक शुभ्रांशु रॉय ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसके बाद से प्रदेश की सियासत में हलचल मच गई है।

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के बेटे ने खोला मोर्चा

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय ने साल 2019 में बीजेपी का दामन थाम लिया था। वह टीएमसी के दिग्गज नेताओं में से एक थे लेकिन वह लोकसभा चुनाव 2019 से पहले बीजेपी में शामिल हो गए। उनके बेटे शुभ्रांशु रॉय ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया। 

बीजेपी ने विधानसभा चुनाव 2021 में उन्हें बिजपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया लेकिन उन्हें करारी शिकस्त मिली। अब बीजेपी के राष्टीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय के बेटे शुभ्रांशु रॉय ने कहा है कि पार्टी ममता सरकार की आलोचना बंद करे, आत्मनिरीक्षण करे।

उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए पब्लिक डोमेन में यह बात कही है। बीजेपी नेता शुभ्रांशु रॉय ने कहा, जनता का समर्थन प्राप्त करे आई सरकार की आलोचना करने से पहले खुद का आत्मनिरीक्षण करने की जरुरत है। इससे पहले भी टीएमसी से बीजेपी में शामिल हुए कई नेता ऐसे बयान दे चुके हैं।

जब ममता ने पीएम को कराया 30 मिनट का इंतजार!

बता दें, इन दिनों प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा हुआ है। पिछले दिनों बंगाल की खाड़ी से उत्तपन्न हुए यास तूफान ने काफी तबाही मचाई थी। इस तूफान से हुई तबाही का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचे थे, जहां राज्यपाल और अन्य अधिकारियों के साथ उन्होंने समीक्षा बैठक की। 

उस बैठक में ममता बनर्जी और मुख्य सचिव 30 मिनट की देरी से पहुंचे थे लेकिन देरी से आने के बाद भी ममता बनर्जी ने पीएम को 20 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग वाली लिस्ट थमा कर तुरंत निकल गई थी। जिस पर बीजेपी नेताओं ने जमकर हमला बोला।

बीजेपी के आरोपों पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जवाब भी दिया है। उन्होंने कहा, ऐसा कहीं जरूरी नहीं है कि एक मुख्यमंत्री हर बार प्रधानमंत्री को रिसीव करने पहुंचे। पीएम को इंतजार कराने वाले मामले पर ममता ने कहा है कि उन्हें खुद पीएम की मीटिंग में इंतजार करना पड़ा। उन्होंने बताया कि हम सागर पहुंचे तो हमें सूचना मिली कि हमें 20 मिनट और इंतजार करना होगा क्योंकि पीएम मोदी का हेलिकॉप्टर उतरना बाकी था।

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